• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Refusing To Take The Car And Belongings Found In Dowry, The Rude Wife Reached Her Maternal Home; Said In laws Will Come With The Goods, Husband Reached The Court

जिद ऐसी भी:दहेज में मिली कार और सामान लेने से इंकार किया तो रूठी पत्नी पहुंच गई मायके; कहा- सामान के साथ ही आऊंगी ससुराल

भोपाल2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नाराज पत्नी तीन महीने से मायके में है, पति का कहना-मेरे घर में सब सामान है, क्यों लूं दहेज। - Dainik Bhaskar
नाराज पत्नी तीन महीने से मायके में है, पति का कहना-मेरे घर में सब सामान है, क्यों लूं दहेज।

अभी तक महिलाएं दहेज प्रताड़ना के प्रकरण दर्ज कराती है, लेकिन एक महिला ऐसी भी है जिसके पति ने अभी तक उसके मायके से कुछ भी नहीं लिया। उसके पिता ने शादी में उसे कार सहित गृहस्थी का सामान दिया है। इससे नाराज महिला तीन महीने से मायके में है। पति ने पत्नी को मनाने अब कोर्ट का सहारा लिया है। पत्नी को घर बुलाने के लिए हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 9 के तहत परिवाद दायर किया है। प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है

पति बोला- शादी की हर रस्म को निभाने के लिए सिर्फ 1 रुपया लिया

अरेरा कॉलोनी ई -6 में रहने वाले दंपत्ति की शादी 14 फरवरी 2021 को हुई थी। पति ने भाई वेलफेयर सोसाइटी कार्यालय में पहुंचकर बताया कि शादी की हर रस्म को निभाने के लिए उसने एक रुपए की राशि ली। इसके बाद भी ससुराल वालों ने कार और गृहस्थी का पूरा सामान दिया। हमने मना कर दिया। कुछ दिन ठीक रहा पिछले तीन माह से अब पत्नी मायके में है। उसे कैसे मनाएं कि वह बिना सामान के घर आ जाए।

पत्नी की जिद है कि अब वह घर आएगी तो सामान के साथ ही

पति ने बताया कि शादी के बाद से पत्नी के परिजनों ने एक कमरे में सामान रख दिया था। कार भी खड़ी है। वे तीन भाईयों की एक बहन है। अब भाईयों ने बहन पर दबाव बनाना शुरू किया कि अपना सामान ससुराल ले जाओ। पति ने बताया कि उसके घर में सामान रखने की जगह नहीं हैं। उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की लेकिन नाराज पत्नी मानने को तैयार नहीं हैं। उसने इस बात को इश्यू बना लिया है।

काउंसलिंग के बाद समझौता- चाहे जैसे हों हालात, कभी भी दहेज की बात नहीं करेंगे

महिला और उसके मायके वालों का कहना था कि वे अपनी बेटी-दामाद को दहेज नहीं दे रहे हैं। उनकी एक ही बेटी है। उनके अरमान थे कि बेटी को पूरा सामान दे। उन्होंने काउंसलर को बताया कि चाहे जैसी भी परिस्थिति रहे, वे कभी भी दहेज की बात ही नहीं करेंगे। ससुराल वालों का कहना है कि उनके दामाद ने कोई डिमांड नहीं की। मामले में काउंसलिंग के बाद समझौता हो गया।

पहली काउंसलिंग में बात बन गई-कोर्ट में परिवाद के मामले में काउंसलिंग कराई जा रही। काउंसलर ने पति को समझाया कि महिला के मायके से मिलने वाले सामान को दहेज बिलकुल भी न माने। आपने कोई डिमांड नहीं की है। ससुराल वाले अपनी बेटी को सामान दे रहे हैं। यह सब तुम्हारी पत्नी का स्त्रीधन है। इससे उसे वंचित न करें।