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  • Requirements Like Approach Road rotary Will Be Seen For 7 Days, The Second Of The Signal Will Also Be Decided; CM Will Inaugurate On 23rd

भोपाल के सुभाषनगर ROB से ट्रैफिक का ट्रायल शुरू:जेसीबी, डंपर समेत 200 गाड़ियां गुजारी, मंत्री ने खुद जीप चलाई; ट्रैफिक बेहतर तरीके से चले, इसलिए रोटरी और वॉल बनाएंगे

भोपाल6 महीने पहले

भोपाल के नए-पुराने शहर को जोड़ने वाले सुभाष नगर ROB (रेलवे ओवरब्रिज) पर ट्रैफिक का बुधवार से ट्रायल शुरू हो गया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जीप चलाकर ट्रायल शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले ट्रायल के दौरान ब्रिज के ऊपर से बाइक-कार समेत डंपर, जेसीबी आदि गाड़ियां भी गुजारी गईं। आज से 12 जनवरी तक डायवर्सन रूट, एप्रोच रोड, वॉल, रोटरी जैसी जरूरतें पता लगाई जाएगी। ताकि, 23 जनवरी से पहले काम पूरा हो जाए। सिग्नल के सेकेंड भी तय होंगे। 23 जनवरी को CM शिवराज सिंह चौहान आरओबी का लोकार्पण करेंगे।

ROB करीब 23 महीने पहले ही बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन मेट्रो प्रोजेक्ट और सर्विस रोड की वजह से ट्रैफिक शुरू नहीं हो पाया था। ब्रिज 40 करोड़ रुपए में बना है। 690 मीटर लंबा यह ROB नए को पुराने शहर को जोड़ेगा।

5 बार घूमे मंत्री

मंत्री सारंग सुबह 11.30 बजे सुभाष नगर आरओबी पहुंचे और जीप चलाना शुरू की। वे जीप लेकर ब्रिज के एक कोने से दूसरे कोने तक 5 बार गुजरे। आयकर भवन के पास से गाड़ी घुमाई। यही पर टर्न रहेगा। जिंसी चौराहे की ओर से जब वाहन आएंगे तो उन्हें सिग्नल के जरिए रोका जाएगा। हालांकि, यही से ब्रिज के ऊपर से आने वाले वाहन भी निकलेंगे। ऐसे में वाहन आपस में टकरा न जाए। इस बिंदू पर खासतौर पर ध्यान दिया गया। जीप में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (ब्रिज) संजय खांडे भी सवार थे। मंत्री सारंग और चीफ इंजीनियर खांडे ने कुछ स्पॉट लिस्टेट भी किए, जहां परिवर्तन किया जाना है।

मंत्री सारंग ने बताया, सुभाषनगर आरओबी बनकर तैयार हो गया, लेकिन कुछ जगह पर खामियां देखने को मिली थी। इसलिए आज से ट्रायल शुरू किया गया। छोटी रोटरी और वॉल बनाएंगे। 12 जनवरी तक ट्रायल होगा। इसके बाद निर्माण के काम होंगे। 23 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्रिज का लोकार्पण करेंगे।

ट्रायल में ये देखा

  • एमपी नगर से आयकर चौराहा होते हुए जिंसी चौराहे की ओर जाने के लिए सिग्नल की जरूरत तो नहीं। हालांकि, पहले दिन के ट्रायल में इसकी जरूरत महसूस नहीं की गई। लेफ्ट टर्न क्लियर रहेगा।
  • एप्रोच रोड या वॉल बनाने पर चर्चा हुई।
  • बीच में एक जगह पर छोटी रोटरी बनाने पर चर्चा की गई।
  • दोनों ओर से ट्रैफिक गुजारकर यह देखा गया कि ग्रीन और रेड सिग्नल कितने देर के लिए रखा जाए।
  • बाइक-कार और हल्के वाहनों के साथ भारी वाहन भी गुजारकर देखे गए।

कभी पीएम का दौरा तो कभी मेट्रो बनी वजह

सुभाषनगर आरओबी महीनों से तैयार है, लेकिन इसे शुरू नहीं किया जा सका। कभी मेट्रो का काम तो कभी पीएम नरेंद्र मोदी का राजधानी दौरा वजह बना। सिग्नल भी नहीं लगे थे। इसके बाद ट्रायल नहीं हो सका।

जाम से मिलेगी राहत, यहां आने-जाने वालों को सहूलियत मिलेगी

ROB से ट्रैफिक शुरू होने के बाद रोज एवरेज 3 लाख लोगों को फायदा होगा। वहीं, सुभाष नगर व रचना नगर अंडर ब्रिज के साथ अशोका गार्डन पर घंटों लगने वाले जाम की समस्या भी हल होगी। आरओबी से एमपी नगर और प्रभात चौराहा क्षेत्र से भोपाल स्टेशन, अशोका गार्डन व पिपलानी, गोविंदपुरा, एमपी नगर, रचना नगर की ओर आने-जाने वालों को सहूलियत होगी।

सिग्नल भी लगाए, ताकि एक्सीडेंट न हो

एमपी नगर से जिंसी चौराहे की ओर जाने वाले वाहन बिना किसी अड़चन से गुजर सकेंगे, लेकिन यदि ये वाहन आरओबी से होकर सुभाष नगर चौराहे की ओर जाते हैं तो सिग्नल की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि जिंसी चौराहे का ट्रैफिक एक तरफ से आएगा। ऐसे में एक्सीडेंट होने का खतरा रहेगा। इसलिए ब्रिज से पहले सिग्नल लगाकर ट्रैफिक को रोका जाएगा। ट्रैफिक के ट्रायल के बाद ग्रीन लाइट की टाइमिंग सेट की जाएगी।

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