• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Roads building To PWD To Park Forest Department Of CPA, Proposal Will Be Brought To Cabinet For Approval

सीनियर सेक्रेटरी की बैठक:सीपीए के पार्क वन विभाग को सड़कें-भवन पीडब्ल्यूडी को, मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव

भोपालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राज्य सरकार ने राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) के कामकाज का बंटवारा कर दिया है। सीनियर सेक्रेटरी की मंगलवार को हुई बैठक में वर्तमान में राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किए जा रहे पार्कों की देखरेख और रखरखाव का काम वन विभाग को दिए जाने पर सहमति बन गई है। इसी तरह सड़कों और भवनों के देखरेख का काम लोक निर्मण विभाग को सौंपा जाएगा।

अब इस मामले को अंतिम मंजूरी के लिए आगामी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीपीए बंद हो जाएगा। मंत्रालय में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में हुई सीनियर सेक्रेटरी की मीटिंग में सीपीए के पार्कों के रखरखाव के मामले पर लंबी चर्चा चली।

यह बात सामने आई कि उद्यानों को नगरीय विकास विभाग के अंतर्गत नगर निगम को सौंप दिया जाए, लेकिन इस पर सीनियर सेक्रेटरी का कहना था कि नगर निगम के बजाए इस काम को वन विभाग को सौंपा जाए। इस दौरान यह सहमति भी बनी कि वन विभाग के अंतर्गत नोडल एजेंसी गठित कर काम उसे यह काम दे दिया जाए। सीपीए को बंद करने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अगस्त को की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने राजधानी की खस्ताहाल सड़कों को लेकर नाराजगी जताई थी।

92 किलोमीटर की सड़कें हैं सीपीए के पास

राजधानी में सीपीए की देखरेख वाली 92 किमी की सड़कों के मेंटेनेंस का काम लोक निर्माण विभाग तथा विधानसभा, मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल भवन के अलावा अन्य शासकीय भवनों समेत गैस राहत के भवनों के रखरखाव का काम लोक निर्माण विभाग की पीआईयू विंग को सौंपा जाए। सीपीए की 400 करोड़ के देनदारियों के बारे में अंतिम फैसला नहीं हो पाया है, लेकिन इसमें नगरीय विकास एवं ‌आवास ‌विभाग का मत था कि जिस एजेंसी को यह काम सौंपा जाए उसे ही इन देनदारियों की जिम्मेदारी भी दी जाए।

सीपीए में 1000 से ज्यादा कर्मचारी

सीपीए को बंद किए जाने के बारे में दो दौर की चर्चा वरिष्ठ सचिवों की समिति कर चुकी है। वर्तमान में राजधानी परियोजना प्रशासन में 1000 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके मर्ज किए जाने की रूपरेखा तय कर ली गई है। इसमें एक अधीक्षण यंत्री, 4 कार्यकारी अभियंता, 20 एसडीओ, 50 सब इंजीनियर समेत 250 कर्मचारियों और 325 लोगों को स्टाफ है, जिन्हें मूल विभाग में भेज दिया जाएगा।

खबरें और भी हैं...