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आर्चबिशप सेबेस्टिन दुरईराज का इंटरव्यू:बोले- ईको एजुकेशन पार्क बनाने की योजना है; बच्चों को बचपन से जड़ी-बूटी और नेचर के बारे में सिखाना है

भोपालएक वर्ष पहले

भोपाल महाधर्मप्रांत के चौथे आर्चबिशप के तौर पर सेबेस्टिन दुरईराज ने शनिवार को शपथ ली। वे करीब 10 साल तक अब भोपाल में ही आर्चबिशप का कार्यभार संभालेंगे। भोपाल को लेकर उन्होंने कुछ योजनाएं बनाई हैं। दुरईराज ने दैनिक भास्कर ने से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि भविष्य में नेचर को बचाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। वे भोपाल में पहला ईको एजुकेशन पार्क बनाने की कोशिश करेंगे, ताकि बच्चे बचपन से ही जड़ी-बूटी और खाद आदि के बारे में जान सकें। इससे वे नेचर के करीब आ सकेंगे।

पर्यावरण को जानना जरूरी

पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं। आम लोगों से लेकर प्रशासन तक इस पर जोर देते हैं। हम चाहते हैं कि बच्चों को इससे जोड़ा जाए। मैं काफी समय से ईको एजुकेशन पार्क बनाने को लेकर काम कर रहा हूं। खंडवा में प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो सके। अब हम इसे भोपाल में बनाने पर विचार कर रहे हैं। यह एक ऐसा पार्क होगा, जहां बच्चे सीधे नेचर के बारे में जान सकेंगे। बच्चे जाएंगे, सीखेंगे। पर्यावरण को लेकर इसमें सभी जानकारी होंगी। यह बच्चों को सीधे नेचर से जोड़ने में मदद करेगा। जिससे भविष्य में इसको लेकर जागरुकता लाई जा सके। टीम के साथ मिलकर इस पर काम करेंगे।

कोरोना को लेकर स्कूल प्रबंधकों से बात करेंगे

सीएम के कोरोना को लेकर निर्देश दिए हैं। सतर्कता और जागरुकता जरूरी है। शासन के पास ज्यादा जानकारी होती है। उन्होंने उसी को देखते हुए निर्देश जारी किए हैं। हम भी उस पर नजर बनाए हुए हैं। शासन के निर्देशों का पालन किया जाना जरूरी है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा पहले है। हमारी समिति के सभी स्कूलों प्रबंधकों के साथ मिलकर बैठक करेंगे। बच्चों की भलाई और भविष्य को देखते हुए योजना बनाएंगे।

सभी समाजों से संपर्क बढ़ाएंगे
धर्मगुरु होने के नाते अपने लोगों के साथ प्रार्थना, भक्ति और संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसलिए उस पर सबसे ज्यादा समय दूंगा। अपने लोगों को ज्यादा-ज्यादा समय देंगे। हम लोग दूसरे धर्म के लोगों के साथ प्रार्थना करना। अपनी संस्कृति और भाषा को कैसे आगे बढ़ाना है। हम प्रार्थना, भक्ति और संस्कृति को बढ़ावा देना है। नए अस्पताल को लेकर सभी से बात करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सकें। हमारे लिए वह व्यापार नहीं है, सेवा करना हमारा पहला उद्देश्य है।

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