पहाड़ा वाली:सलकनपुर; 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजीं विजयासन माता, 400 साल से जल रही हैं दो अखंड ज्योत

होशंगाबाद20 दिन पहले
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फोटो : शान बहादुर। - Dainik Bhaskar
फोटो : शान बहादुर।

नवरात्रि के लिए सीहोर जिले के सलकनपुर में विंध्याचल पर्वत की 800 फीट ऊंचाई पर विराजीं विजयासन माता का मंदिर सज गया है। नौ दिन रात 12 से 3 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। बाकी 21 घंटे दर्शन चालू रहेंगे। यहां पहुंचने के तीन विकल्प हैं- सीढ़ी, सड़क मार्ग और रोप-वे। पैदल यात्री 1400 सीढ़ियां चढ़कर जा सकते हैं। निजी वाहन से 4 किमी पहाड़ी वाले सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। रोप-वे में आने-जाने का 100 रुपए किराया देकर भी जा सकते हैं। रोप-वे सुबह 10 से शाम 6 बजे तक चालू रहेगा।

रक्तबीज राक्षस का वध कर विजयी मुद्रा में तपस्या की, इसलिए विजयासन कहलाईं

विजयासन देवी की प्रतिमा करीब 400 साल पुरानी और स्वयंभू हैं। मंदिर के गर्भगृह में 2 अखंड ज्योत जल रही हैं। एक नारियल के तेल और दूसरी घी से जलाई जाती है। मान्यता है दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी अवतार के रूप में देवी ने यहां रक्तबीज नाम के राक्षस का वध किया था। फिर जगत कल्याण के लिए इसी स्थान पर बैठकर विजयी मुद्रा में तपस्या की थी, इसलिए इन्हें विजयासन देवी कहा गया।

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