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भोपाल AIIMS डायरेक्टर का प्रज्ञा ठाकुर पर पलटवार:डाॅ. सरमन सिंह बोले- सांसद और विधायक मिलकर मेरी कुर्सी पर अपना आदमी बैठाना चाहते हैं; वे चाहते हैं कि मैं उनका सर्वेंट बनकर रहूं

भोपाल21 दिन पहलेलेखक: आनंद पवार

भोपाल जिला योजना की समीक्षा बैठक में सांसद-विधायक द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद एम्स डायरेक्टर डॉक्टर सरमन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सांसद-विधायक मेरी कुर्सी पर अपना आदमी बैठाना चाहते हैं। उनको पता है कि नवंबर 2021 में मेरा रिटायरमेंट है। वे अपने खास को इस पद पर बैठाना चाहते हैं। इसके लिए वे मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, वे चाहते हैं कि हम उनकी जी-हुजूरी करते रहें, उनका सर्वेंट बनकर रहें। डायरेक्टर ने एम्स की अधीक्षक मनीषा श्रीवास्तव पर नेताओं से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। मनीषा श्रीवास्तव ने आरोप को बेबुनियाद बताया है।

बता दें, राजधानी के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भोपाल से लोकसभा सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि कोरोना काल में भोपाल एम्‍स डायरेक्टर ने अस्पताल में व्यवस्थाएं अच्छी नहीं कराईं। म्यूकरमाइकोसिस के मरीजों को एंफोटेरिसिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराए गए। पूर्व मंत्री और विधायक पीसी शर्मा ने ठाकुर का समर्थन करते हुए डाॅ. सरमन सिंह पर जनप्रतिनिधियों की अवहेलना का आरोप लगाया था। बैठक में भोपाल के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे।
भोपाल के जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर दैनिक भास्कर ने एम्स डायरेक्टर डाॅ. सरमन सिंह से बात की-

सवाल- भोपाल सांसद और विधायकों की आपसे नाराजगी का क्या कारण है?
डाॅ. सिंह : उनकी जी-हजूरी करते रहो। उनका सर्वेंट बन कर रहें। बाकी मरीजों का काम न करें। मेरे लिए एक डॉक्टर के रूप में मरीज प्राथमिकता है। मरीज चाहे गरीब ही क्यों ना हो। हमें एथिक्स में पढ़ाया गया कि सभी मरीज बिना जाति, धर्म, सिफारिश के सब बराबर है।

सवाल- आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं?
डाॅ. सिंह : मरीजों के इलाज को लेकर आरोप सही हो सकते हैं, लेकिन मुझे तकलीफ सांसद प्रज्ञा ठाकुर के आरोप से हुई है उन्हाेंने आरोप लगाया कि मैं भ्रष्टाचार में लिप्त हूं, जबकि मैंने यहां भ्रष्टाचार को खत्म किया। इससे ही लोगों को तकलीफ हो रही है।

सवाल- सांसद और विधायक आपकी कार्यशैली से क्यों असंतुष्ट हैं?
डाॅ. सिंह : वे चाहते हैं कि उनकी सिफारिश से मरीज भर्ती किए जाएं। इसके लिए भले ही पहले से अस्पताल में भर्ती मरीज को डिस्चार्ज क्यों ना करना पड़े, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं। उनका फोन कॉल रात में किसी भी समय रिसीव होना चाहिए, जबकि अस्पताल में हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम है। पूरा सिस्टम है।

सवाल- आपको परेशान किए जाने की कोई खास वजह है?
डाॅ. सिंह: यह सबकुछ मेडिकल सुप्रिटेंडेंट मनीषा श्रीवास्तव करा रही हैं। वे नेताओं के संपर्क में रहती हैं। दरअसल, वह डायरेक्टर बनना चाहती हैं।
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अधीक्षक का जवाब- मैं कर्तव्यनिष्ठ पद पर रहकर अपना काम कर रही हूं
मामले में एम्स की अधीक्षक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि मैं कर्तव्यनिष्ठ पद पर रहकर अपना काम ईमानदारी से कर रही हूं। डायरेक्टर मेरे बारे में ऐसा क्यों कह रहे हैं, मुझे नहीं मालूम। यदि उन्होंने मेरा नाम लेकर कहा है तो यह उचित नहीं है। आरोप बेबुनियाद हैं।

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