• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Sent 5000 Letters To Chief Minister Shivraj; Exam Will Not Be Taken, Give General Promotion, The Court Has Sought Answers From The Government Till 17

पैरामेडिकल छात्र भूख हड़ताल पर जाएंगे:मुख्यमंत्री शिवराज को 5 हजार पत्र भेजे; परीक्षा नहीं ली जाए, जनरल प्रमोशन दें, कोर्ट ने सरकार से 17 तक जवाब मांगा

भोपाल2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
छात्र जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान छात्र अपनी मांग रखते हुए। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
छात्र जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान छात्र अपनी मांग रखते हुए। - फाइल फोटो

मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पैरामेडिकल छात्र बीते तीन साल से एक ही क्लास में हैं। जगह-जगह प्रदर्शन करने से थक हार चुके छात्र अब भूख हड़ताल पर जाने की तैयारी में है। अपनी यह मांग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचने के लिए छात्रों ने 5 हजार पत्र सीएम निवास के आवास भेजे हैं। यह पत्र स्पीड पोस्ट से लेकर खुद सीएम हाउस तक जाकर दिए गए हैं। परीक्षा का इंतजार कर रहे छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी की गलती का खामियाजा वे क्यों भरें। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कोर्ट में भी एक याचिका लगाई है। कोर्ट ने शासन से इस मामले में 17 दिसंबर तक जवाब देने को कहा है।

छात्र गुलशन राय ने बताया कि पैरामेडिकल कॉलेजों (मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर) में छात्रों ने वर्ष 2019 में एडमिशन लिया था। कुछ महीने बाद से ही कोविड-19 महामारी के कारण संबद्ध विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई। अब तीसरा साल शुरू हो गया है, लेकिन हम सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में कई बार परीक्षा की तिथि घोषित भी गई थी, लेकिन परीक्षा नहीं हुई। अब वे 1 दिसंबर से परीक्षा लेने का कह रहे हैं। जिस तरह से नर्सिंग छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया है उसी आधार पर उन्हें भी प्रमोशन दिया जाए। हमने कोर्ट में जनरल प्रमोशन दिए जाने को लेकर एक याचिका लगाई है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार से 17 दिसंबर तक जवाब मांगा है।

यह पत्र सीएम को भेजे गए हैं।
यह पत्र सीएम को भेजे गए हैं।

यह मांगें हैं

  • कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 2019-20 के फर्स्ट, सेकंड और थर्ड ईयर के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के हिसाब से मार्क्स दिए जाएं।
  • यदि जनरल प्रमोशन नहीं दे सकते तो परीक्षाएं ऑनलाइन या ओपन बुक के माध्यम से ली जाए।
  • अब परीक्षा लिए जाने का कोई मतलब ही नहीं है।
  • अगर विभाग उनकी बात नहीं मानता है, तो वह लिखित में दे कि वे उनकी मदद नहीं कर सकते।
  • नर्सिंग छात्रों की तरह ही विभाग उन्हें भी जनरल प्रमोशन दे।

विरोध प्रदर्शन का यह भी आधार

कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश आर्युविज्ञान मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर द्वारा नर्सिंग छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया। कोर्ट के आदेश पर यह निर्णय लिया गया। हालांकि पैरामेडिकल के लगभग 20 हजार छात्रों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया गया। पैरामेडिकल छात्र भी 2-3 साल से इसी प्रकार की लेटलतीफी और अनियमिताओं का शिकार हुए।

खबरें और भी हैं...