कोरोना के संक्रमण का संकट बरकरार:सात जिलों ने नहीं लिया एक भी सैंपल, उज्जैन में छह महीने बाद कोरोना से मौत

भोपाल6 महीने पहले

मप्र में कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच का आंकड़ा घटाता जा रहा है। त्योहारी सीजन में जहां बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क उमड़ी भीड़भाड में संक्रमण बढ़ने की आशंका तेज हो रही है वहीं प्रदेश में सैंपलिंग कम होने से संक्रमितों की समय पर पहचान नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डेली 25 हजार टेस्ट करने के आदेश दिए हैं इसके बावजूद प्रदेश में मात्र पांच से सात हजार सैंपल की जांच हो रही है। बीते 24 घंटे में 6491 संदिग्धों की जांच में 130 पॉजिटिव मिले हैं।

उज्जैन में छह महीने बाद कोरोना से मौत

उज्जैन में छह महीने बाद कोरोना संक्रमण से एक मरीज की मौत हुई है। घटि्टया तहसील के जालवा गांव की रहने वाली 60 वर्षीय रतन बाई परिहार की आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को मौत हुई है। उन्हें 15 अगस्त के दिन एडमिट कराया गया था। इससे पहले 16 फरवरी को उज्जैन में कोरोना से आखिरी बार मौत दर्ज की गई थी।

गुरुवार को प्रदेश के सात जिलों में नहीं हुई कोरोना की जांच

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को प्रदेश के सात जिलों ने एक भी सैंपल नहीं लिया। अनूपपुर, भिण्ड़, बुरहानपुर, सतना, श्योपुर, सिंगरौली, उमरिया में कोरोना की जांच ही नहीं हुई। जबकि राेजाना उमरिया में 200, अनूपपुर, सिंगरौली में 300, श्योपुर, भिण्ड़ में 400, सतना में 500 सैंपल का टारगेट दिया गया है।

21 जिलों में मिले 130 पॉजिटिव

प्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 130 नए केस मिले हैं। इसके बाद अब एक्टिव मरीजों की संख्या 684 हो गई है। कल प्रदेश भर में कुल 6491 सैंपल टेस्ट किए गए हैं। भोपाल में 33, रायसेन में 25, इंदौर में 23, होशंगाबाद में 9, ग्वालियर में 7, खंड़वा में 6, जबलपुर में 5, नरसिंहपुर में 4, अलीराजपुर, डिंडोरी, मुरैना, सागर, सीहोर में दो-दो और बालाघाट, छतरपुर, दतिया, गुना, कटनी, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन में एक- एक नया मरीज मिला है।

प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग की रिपोर्ट

दिनप्रदेश में कुल टेस्ट
19 अगस्त6491

18 अगस्त

5906

17 अगस्त

3546

16 अगस्त

2638

14 अगस्त

5566

13 अगस्त

2967

12 अगस्त

5626

11 अगस्त

4221

10 अगस्त

6612

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए टेस्टिंग बेहद जरूरी

कोरोना मरीज की पहचान कर उसका इलाज करना और उसे आइसोलेट रखना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर संक्रमण फैलने और ऐक्टिव मरीज की संख्या में इजाफा होने का खतरा है। टेस्टिंग नहीं कराने पर मरीज की पहचान नहीं हो पाती। अन आईडेटीफाईड कोरोना मरीज से घर के बड़े-बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हार्ट पेशेंट और बीपी के मरीजों में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।