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पूर्व नौसेना अफसर की पत्नी ने गोद लिया गांव:तीन साल से बच्चों को करा रहीं डिफेंस की तैयारी, टूरिज्म से कमाई की ट्रेनिंग भी दे रही हैं

भोपाल19 दिन पहलेलेखक: प्रवीण पाण्डेय
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पूर्व कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल बिमल वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने भोजपुर के इमलिया गांव को लिया गोद। - Dainik Bhaskar
पूर्व कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल बिमल वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने भोजपुर के इमलिया गांव को लिया गोद।

राजधानी के पास भोजपुर से सटे गांव इमलिया की तस्वीर बदलने लगी है, क्योकि इसकी जिम्मेदारी 59 वर्षीय सीमा वर्मा ने ली। उन्होंने इस गांव को गोद लिया है। सीमा गो-एयर एयरलाइंस कंपनी में एयरबस इंस्ट्रक्टर हैं। वे 3 साल से लगातार गांव में एजुकेशन, हेल्थ, रूरल टूरिज्म, एनवायरमेंट से जुड़े काम कर रही हैं। उन्होंने इस मिशन का नाम सक्षम रखा है। शुरुआत में गांव के लोग उन्हें सहयोग नहीं करते थे, लेकिन अपने गांव की बदलती तस्वीर को देखने के बाद अब सभी उनके साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। 2019 में पति के रिटायरमेंट के बाद सीमा भोपाल शिफ्ट हुईं। इसके बाद इस गांव पर काम करने की प्लानिंग बनाई।

ऐसे आया था आइडिया; सीमा ने बताया कि जब पति बिमल वर्मा कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल की पोस्टिंग विशाखापट्टम हुई तो उन्हें वहां वूमेन एम्पावरमेंट के लिए काफी काम करने का मौका मिला। उन्होंने स्कूलों के टायलेट्स बनवाए। ऑर्गनिक सब्जी उगाने के लिए लोगों को प्रमोट किया। वहीं रहते हुए 2015 में भोजपुर के इमलिया गांव में एक एकड़ जमीन खरीदी और ग्रामीणों के लिए काम करने का निर्णय लिया।

कॉलेज में दिलवाया युवाओं को एडमिशन; सीमा बताती हैं कि वे हर शुक्रवार को गांव जाती हैं और 3 दिन रुकती हैं। यहां के बच्चे स्कूल जाना नहीं चाहते व पेरेंट्स उन्हें पढ़ाना नहीं चाहते। इस पर मैंने उनसे बात की। फिर दो बच्चों को कॉलेज में एडमिशन दिलाया, एक को डिफेंस की तैयारी करवा रही हूं। हाल ही में इस बच्चे ने पुलिस भर्ती परीक्षा का रिटर्न एग्जाम पास किया है।

ऑर्गनिक खेती के लिए कर रहे प्रेरित; सीमा ने 2015 में यहां एक एकड़ जमीन ली थी। जब ऑर्गनिक ढंग से उसमें गेहूं, मूंग आदि उगाना शुरू किया तो गांव में यह चर्चा का विषय बना। सीमा ने ग्रामीणों को बताया कि यदि आप भी ऑर्गनिक फॉर्मिंग करेंगे तो ज्यादा फायदा मिलेगा, फिर ऑर्गनिक फॉर्मिंग पर एक वर्कशॉप करवाई और लोगों को उसके बारे में बताया।

टूरिज्म से जुड़कर कमाई कर सकेंगे; गांव के लोग पैसा कमाने के लिए घर छोड़कर दूसरे शहरों में न जाए, इसलिए सीमा ने यहां रूरल टूरिज्म से जुड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया। इसके तहत गांव के 5 घरों को चिह्नित कर उन्हें पयर्टकों के स्टे करने के हिसाब से डेवलप करेंगेे। इससे पर्यटकों को लोकल फूड का टेस्ट, परंपरा, मंदिर आदि से परिचित होने का अवसर मिल सके।