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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर अफसरों को फटकार:गड़बड़ी और लापरवाही पर शिवराज नाराज, बोले- कैमरे बंद पड़े हैं, फाइलें निकालकर देखिए

भोपाल8 महीने पहले
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स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लेकर सीएम ने बैठक की। - Dainik Bhaskar
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लेकर सीएम ने बैठक की।

CM शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लेकर मीटिंग की। कई प्रोजेक्ट में गड़बड़ी और लापरवाही को लेकर वे नाराज हो गए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के अफसरों को फटकार भी लगाईं। बोले कि भोपाल में स्मार्ट सिटी के कैमरे बंद पड़े हैं। पहले बहुत गड़बड़ हुई है। उसे फाइलें निकालकर देखिये। उन्होंने CCTV का काम पुलिस को देने की बात कहीं।

मीटिंग में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, पीएस मनीष सिंह, कमिश्नर निकुंज श्रीवास्तव भी मौजूद थे। मीटिंग की शुरुआत में अफसर अपनी उपलब्धियां गिनाने लगे, लेकिन CM ने प्रोजेक्ट में कमियां को लेकर नाराजगी जताईं। अफसरों का कहा कि प्रोजेक्ट के बारे में 20 घंटे लगे तो भी मैं बैठूंगा। आप इसे पूरी तरह से बताइए।

उन्होंने टेंडर को लेकर भी सवाल किए। बोले- हमें प्राथमिकता तय करनी चाहिए कि पहले क्या करना है। सबसे पहले खराब सड़कें सुधारें। कुछ प्रोजेक्ट को लेकर बोले- मुझे डिटेल में समझना है। जब तक मैं इसे डिटेल से नहीं देख लूंगा, चैन नहीं पड़ेगा। हम पीपीपी मॉडल पर जाएं।

हर सोमवार को होगी रिव्यू मीटिंग

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी का जो शेष पैसा बचा है, उसे रिव्यू करके उपयोगिता के आधार पर शहरों में कार्य को फाइनल करें। 6 शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली (ITMS) और सभी शहरों में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालित हो। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लेकर हर सोमवार को रिव्यू मीटिंग करें। ऑडिट रिपोर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए। यदि कोई लापरवाही करता है, तो उसे बदल दो। एजेंसियों में तालमेल भी रहना जरूरी है।

मंत्री सिंह ने कहा, स्मार्ट सिटी की प्राथमिकताओं को लेकर प्लान बनाएंगे। सागर को लेकर भी प्लान है। प्रोजेक्ट में कमियां हैं, उन्हें दूर कर रहे हैं।

MP अर्बन डेवलपमेंट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग भी ली

CM शिवराज सिंह ने MP अर्बन डेवलपमेंट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग भी ली। उन्होंने नगरों के सुनियोजित विकास के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की लगातार मानीटरिंग करने को कहा। बोर्ड की यह सातवीं मीटिंग थी। जिसमें नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया भी मौजूद थे। सीएम ने कहा कि विभिन्न नगरों में सीवरेज और वाटर सप्लाई योजनाओं के चल रहे कामों को समय पर पूरा किया जाए। मीटिंग में जानकारी दी गई कि विश्व बैंक की सहायता से मध्यप्रदेश शहरी विकास परियोजना के अंतर्गत पिछले साल दतिया जिले की सेवढ़ा जलप्रदाय योजना और शहडोल जिले की सीवरेज योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके साथ ही चंबल नदी पर आधारित मुरैना शहर क्षेत्र के लिए उपचारित जल की आपूर्ति के संबंध में भी इस वर्ष स्वीकृति प्रदान की गई है।

मीटिंग में बोर्ड की पिछली मीटिंग में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। मध्यप्रदेश शहरी अधोसंरचना कोष के अंतर्गत गठित कंपनी की अंशपूंजी 10 करोड़ के स्थान पर 20 करोड़ किए जाने पर भी सहमति हुई। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव नगरीय विकास मनीष सिंह, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, नगरीय विकास के कमिश्नर निकुंज श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मीटिंग में मौजूद थे।