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  • Someone Provided Plasma To 40 Patients In 15 Days, Then Someone Formed A Group And Raised Ambulances, Beds And Medicines For 1000 People So Far.

कोरोना के बीच ये हैं शहर के मददगार चेहरे:किसी ने 15 दिन में 40 मरीजों को दिलाया प्लाज्मा तो किसी ने ग्रुप बनाकर अब तक 1000 लोगों के लिए एंबुलेंस, बेड और दवाएं जुटाईं

भोपाल6 महीने पहले
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  • कोरोना मरीजों को तुरंत मिल सके सहायता इसलिए कुछ ने लिया सोशल मीडिया का सहारा तो कोई खुद ही जुट गया

कोरोना संक्रमण के इस दौर में एक ओर जहां सरकारी व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। ऐसे में शहर के कुछ लोगों ने अपने-अपने तरीके से जरूरतमंदों की मदद की बीड़ा उठा रखा है। इनमें एक हैं पत्रकार कॉलोनी निवासी इंजीनियर वेदांत सिंह, जो लोगों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे 15 दिनों में 40 मरीजों को प्लाज्मा दिलवा चुके हैं। उनकी यह मुहिम जारी है। वहीं एसपी रेडियो ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया। वे जरूरतमंदों को पलंग से लेकर दवाएं तक मुहैया करवा रहे हैं।

मां-बहन होम आइसोलेशन में, खुद भी संक्रमित हुए, लेकिन उनका मिशन जारी है
आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग कर चुके वेदांत सिंह दो हफ्ते में 40 मरीजों को प्लाज्मा डोनेट करा चुके हैं। वेदांत की मां और बहन भी संक्रमण के कारण होम आइसोलेशन में हैं। वेदांत भी संक्रमण का शिकार हुए, लेकिन प्लाज्मा डोनेशन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने का उनका मिशन जारी है। शहर में कोरोना की दूसरी लहर के तेज होने और दवाई, इंजेक्शन से लेकर अस्पताल में भी जगह नहीं मिलने जैसी खबरें आने पर उन्होंने सोचा कि हम इंजेक्शन और ऑक्सीजन तो नहीं दिलवा सकते। उन्होंने कोरोना को हरा चुके परिचितों की जानकारी जुटाई और उन्हें प्लाज्मा डोनेशन के लिए तैयार किया। धीरे-धीरे कुछ और लोग उनके अभियान का हिस्सा बनते गए।

5 दिन में 20 हजार से ज्यादा लोग जुड़ गए, जैसे ही मैसेज आता, तुरंत मदद पहुंचाते
ये हैं एसपी रेडियो भोपाल जोन शशांक गर्ग। इन्होंने बढ़ते संक्रमण के बीच जरूरतमंद लोगों तक मदद मुहैया करवाने का बीड़ा उठाया है। शशांक ने बताया कि सोशल मीडिया पर इंडिया कोविड हेल्प ग्रुप बनाया। इसमें अलग-अलग ग्रुप्स बनाकर डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर और अन्य को जोड़ा है। 5 दिन में देश के 20 हजार लोग हमसे जुड़ चुके हैं, इनमें 10 हजार से ज्यादा तो एक्टिव हैं। जैसे ही किसी को मदद करने का मैसेज ग्रुप पर आता है, हम सभी उस तक मदद पहुंचाने की कोशिशें शुरू कर देते हैं। एक-दो घंटे के भीतर मदद मिल भी जाती है। हम लोगों को इंजेक्शन, एंबुलेंस, बेड और दवा मुहैया करवाने का काम कर रहे हैं।

500 से ज्यादा लोगों को ग्रुप से जोड़ा, एंबुलेंस और खाली बेड्स की देते हैं जानकारी

ये हैं रोली वर्मा। इन्होंने भोपाल कोविड इन्फॉर्मेशन पब्लिक ग्रुप तैयार किया। सोशल मीडिया पर संचालित होने वाले इस ग्रुप के माध्यम से वो और उनकी टीम जरूरतमंद तक हॉस्पिटल में खाली बेड्स, ब्लड डोनेशन, मेडिसिन, एंबुलेंस, ऑक्सीजन की उपलब्धता, मोबाइल फीवर क्लीनिक जैसी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रही हैं। ग्रुप 18 अप्रैल को तैयार किया। इसमें 500 से ज्यादा लोग जुड़े हैं जिनमें से 100 से ज्यादा लोगों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि मैसेज को हम पहले कॉल करके वेरिफाई करते है। बीते दिनों डिमांड आने पर 9 वर्षीय थैलेसीमिया पीड़ित एक बच्ची को हमने तुरंत ब्लड उपलब्ध करवाया।

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