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भोपाल में IPS के बंगले पर बवाल!:कर्मचारी ने बेटे को VIDEO भेजा, कहा- बंगले पर बंधक हैं, खाना भी नहीं खाया; स्पेशल DG की पत्नी बोलीं- ऐसा कुछ नहीं, ये 7 घंटे में भी नहीं सुधार पाए बिजली सप्लाई

भोपालएक वर्ष पहले
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इस कर्मचारी ने लगाया आरोप। - Dainik Bhaskar
इस कर्मचारी ने लगाया आरोप।

भोपाल में IPS अफसर के बंगले पर बिजली सुधारने पहुंचे कर्मचारी को बंधक बनाने का आरोप लगाया गया। हालांकि इसकी कोई शिकायत कर्मचारी ने नहीं की। IPS अफसर की पत्नी ने कहा कि कर्मचारी बिजली नहीं सुधार पाए। एसी और फ्रिज खराब हो गए। कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो अपलोड किया था।

जानकारी के मुताबिक, चार इमली C2/8 में स्पेशल डीजी शैलेष सिंह रहते हैं। कई दिनों से उनके घर की बिजली सप्लाई में प्रॉब्लम आ रही थी। इसे लेकर उन्होंने PWD को सूचना दी थी। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे दो कर्मचारी रतीराम और राजेन्द्र बिजली सुधारने के लिए यहां पहुंचे। कर्मचारियों को काम बताकर डीजी शैलेष सिंह ड्यूटी चले गए। घर में उनकी पत्नी सुनीता सिंह थीं।

स्पेशल डीजी का बंगला।
स्पेशल डीजी का बंगला।

दोपहर में एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया के जरिए वीडियो भेजा। उसने बताया कि बंगले का काम पूरा हो चुका है। फिर भी उसे बंधक बनाए रखा गया है। उसे बेटे को अस्पताल लेकर जाना था। सुबह से खाना-पीना नहीं खाया है। वीडियो वायरल होने के बाद PWD के अधिकारी बंगले पर पहुंचे। तब तक एडीजी शैलेष सिंह भी ऑफिस से पहुंच चुके थे।

स्पेशल डीजी की पत्नी सुनीता सिंह ने बताया कि 7 घंटे में कर्मचारी बिजली नहीं सुधार पाए। बिजली सप्लाई में गड़बड़ी की वजह से दो ट्यूब लाइट में विस्फोट हुआ, एसी, फ्रिज खराब हो गए। PWD ने मजदूरों को बिजली सुधारने भेज दिया था। उन्हें बिजली सुधारने का नॉलेज नहीं था। जो कर्मचारी आरोप लगा रहा है, वह बंगले में सुबह 11 बजे आया। साढ़े पांच बजे चला गया। काम नहीं कर पाने की वजह से कर्मचारी मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। कर्मचारी का वीडियो सामने आने के बाद भोपाल पुलिस के अधिकारी यहां पहुंचे।

ड्यूटी से लौटा, तब कर्मचारी बंगले के बाहर मिला

स्पेशल डीजी शैलेष सिंह ने बताया कि वह सुबह ड्यूटी पर चले गए थे। शाम करीब पौने छह बजे लौटे तो बिजली सुधारने आए कर्मचारी मुझे बंगले के बाहर खड़ा मिला। उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। मैंने उससे समस्या पूछी, तो वह चला गया। बंधक बनाने का आरोप निराधार है। बंगले की बिजली अब तक नहीं सुधरी है। अनट्रेंड कर्मचारियों को बिजली बनाने के लिए भेजा गया था। उनके पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे।

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