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  • The 36 year old Bank Manager Lost To Corona On The Wedding Anniversary; Mother Died On 21 April, Father Went On 25; On Sister Ventilator

कोरोना ने उजाड़ा परिवार:शादी की सालगिरह के दिन ही 36 साल का बैंक मैनेजर कोरोना से हारा; 21 अप्रैल को मां की मौत, 25 को पिता गए; बहन वेंटिलेटर पर

भोपाल6 महीने पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी
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अब सिर्फ यादें...पत्नी सोनाली और बेटे के साथ शशांक। - Dainik Bhaskar
अब सिर्फ यादें...पत्नी सोनाली और बेटे के साथ शशांक।
  • कैनरा बैंक की बैरागढ़ स्थित शाखा में पदस्थ थे शशांक, 9 साल पहले 29 अप्रैल को ही हुई थी शादी

तस्वीर में हल्की मुस्कान लिए ये जाे शख्स अपने बेटे और पत्नी के साथ दिखाई दे रहे हैं, वो अब इस दुनिया में नहीं है। नाम है शशांक दीक्षित। कैनरा बैंक की बैरागढ़ स्थित शाखा में सीनियर मैनेजर थे। बागमुगालिया के द्वारका परिसर निवासी शशांक गुरुवार को कोरोना की जंग हार गए। शंशाक का पूरा परिवार ही कोरोना से संक्रमित हुआ था। इससे पहले इलाज के दौरान 21 अप्रैल को इनकी मां का देहांत हुआ और फिर 25 अप्रैल को पिता भी साथ छोड़ गए। इसी का शिकार बने। शशांक की बहन भी कोरोना पीड़ित हैं और इस समय वे वेंटिलेटर पर हैं। 2012 में 29 अप्रैल के ही दिन शशांक की शादी हुई थी।

सात महीने पहले ही केरल से ट्रांसफर होकर आए थे
शशांक 2009 में बैंकिंग सेवा में आए थे। उन्होंने राजधानी के सेंट मेरी काॅन्वेंट में पढ़ाई की। इसके बाद बीयू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मेकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की थी। बैंकिंग सेवाओं में आने से पहले वे बीयू में अध्यापन का कार्य करते थे। साथ ही एडवांस्ड मेटेरियल्स एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एम्प्री) में रिसर्च असिस्टेंट भी रहे। वे 20 सितंबर 2020 केरला से यहां ट्रांसफर होकर आए थे।

मप्र में अब तक 3672 बैंककर्मी संक्रमित, 46 मौत
भोपाल| मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के तेजी बढ़ते संक्रमण के बीच ब्रांच खोलने की बैंकों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। बैंक की ओर से मप्र सरकार को भेजी गई जानकारी अनुसार प्रदेश में अब तक 3672 अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हो गए। 46 की अब तक मौत हो गई। बैंक यूनियन का दावा है कि मौत का आंकड़ा इससे कहीं बड़ा है।

केवल गुरुवार को ही बैरागढ़ में पदस्थ वरिष्ठ मैनेजर शशांक दीक्षित समेत 8 बैंक कर्मचारियों की मौत हुई है। संक्रमण की स्थिति इस कदर गंभीर है कि प्रदेश में 40 बैंक शाखाएं कर्मचारी-अधिकारियों के संक्रमित होने के कारण बंद करनी पड़ गई हैं। सबसे अधिक इंदौर में आईआईटी कैंपस स्थित बैंक शाखा समेत 9 बैंक शाखाओं के सभी कर्मचारी और अधिकारी संक्रमित हैं। इसके बाद बुदनी (सीहोर), मैहर (सतना), बैढ़न (सिंगरौली), चुरहट (सीधी) की भी बैंक शाखाएं इन्हीं कारणों से बंद हैं।

बैंक यूनियंस ने कहा कि अगर सरकार ने मार्च में संक्रमण बढ़ने के बाद यूनियन की ओर से दिया गया प्लान मान लिया होता तो यह हालात न होते। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संजीव सबलोक कहते हैं, हमने सरकार के संस्थागत वित्त (डीआईएफ) को दिए गए प्लान में कहा था कि प्रदेश में बैंक केवल जरूरी सेवाओं के लिए ही खुलें। चार से पांच बैंकों का एक क्लस्टर बना दें। क्लस्टर में शामिल बैंक शाखाएं क्रमबद्ध तरीके से एक-एक दिन ही खोली जाएं। लेकिन सरकार ने यह प्लान अब जाकर माना है, तब तक बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।

विरोध के सुर
कोरोना संक्रमण ने बैंकों को खासा प्रभावित किया है। रोज कई संक्रमित कर्मियों के दम तोड़ने की खबरें आ रहीं हैं। सरकार ने बैंक यूनियन का प्लान मान लिया हाेता तो शायद ये हालात न होते।
वीके शर्मा, महासचिव, यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन

मार्च के तीसरे हफ्ते से पूरे प्रदेश में औसतन 2 से 3 बैंक कर्मचारियों की मौत की खबरें आई हैं। इन्हें संक्रमण से बचाया जा सकता था। लेकिन सरकार ने बैंक को अति आवश्यक सेवाएं मानते हुए इन्हें चालू रखने के सख्त आदेश दिए थे।
मदन जैन, महासचिव, एसबीआई अधिकारी महासंघ

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