स्वच्छ सर्वे:स्वच्छता का 7वां रंग, साफ हवा, गाड़ियों का धुआं और सड़कों की धूल; बड़ी चुनौती

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: मनोज जोशी
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2025 तक पीएम-10 और पीएम-2.5 में 20% कमी का टारगेट - Dainik Bhaskar
2025 तक पीएम-10 और पीएम-2.5 में 20% कमी का टारगेट

स्वच्छता सर्वे में कचरे के सेग्रीगेशन के लिए 6 अलग-अलग बीन्स जरूरी करने के बाद केंद्र सरकार ने इस साल एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का अलग सर्वे लॉन्च किया है। इसमें खासतौर से शहर में सड़कों पर उड़ने वाली धूल और गाड़ियों के धुएं के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करना है। इसकी गणना पीएम-10 और पीएम-2.5 में होने वाली कमी से होगी। केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से एक्यूआई में कमी पर फोकस कर रही है।

केंद्र सरकार से नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदान का बड़ा हिस्सा अब एक्यूआई के आधार पर तय होता है। इसे सर्वे में शामिल करने के बाद निकायों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का परफारमेंस ऑडिट आसान हो जाएगा। नगर निगम के अफसरों के अनुसार एक्यूआई के सर्वे की गाइडलाइन और पैरामीटर एक-दो दिन में आने की संभावना है। इसके बाद इस बारे में रणनीति बनाई जाएगी।

2024-25 तक भोपाल का पीएम-10 लेवल 110.52 पर होना चाहिए

पीसीबी के रीजनल ऑफिसर बृजेश शर्मा ने बताया कि केंद्र ने 2019 की तुलना में 2025 तक 20 प्रतिशत की कमी लाने का टारगेट तय किया है। भोपाल में 2019-20 में एवरेज पीएम -10 लेवल 138.14 था, जो 2020-21 में 108.71, लेकिन 2021-22 में यह बढ़कर 114.65 हो गया। 2024-25 तक भोपाल का पीएम-10 लेवल 110.52 पर होना चाहिए। इसी तरह पीएम-2.5 का लेवल 2019-20 में 59.46 था, 2020-21 में 43.22 हुआ और 2021-22 में 45.35 हो गया। 2024-25 तक इसे 47.57 तक लाने का टारगेट है।

पौधरोपण और पेवमेंट लगाने का अभियान

पीएम-10 और पीएम-2.5 में कमी के लिए शहर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण और सड़कों के किनारे पेवमेंट बनाने का अभियान चलाना होगा। गाड़ियों की प्रदूषण जांच कर लोगों को इंजिन ट्यून करने और सिग्नल पर इंजन बंद रखने के अभियान भी चलाना होंगे।

बेमिसाल भोपाल अभियान , 6 राउंड बनाए और एक व्हाइट ड्रॉप

जागरूकता के लिए एमवीएम मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में अलग-अलग कैटेगरी में कचरा सेग्रीगेशन को दिखाने 6 राउंड बनाए थे। एयर क्वालिटी को बेहतर बनाने का संदेश देने व्हाइट ड्रॉप बनाया गया। ग्रीन, ब्लू, येलो, ब्लैक आदि हर कैटेगरी के राउंड के लिए उन्हीं लोगों का चयन किया गया जो उस तरह का कचरा जनरेट करते हैं। कार्यक्रम में महापौर मालती राय और निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी मौजूद थे।