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प्यारे मियां यौन शोषण मामला:मां बोली- रात को बेटी का चेहरा देख समझ गई थी कि वो नहीं रही; डॉक्टर और पुलिसवाले हमें घुमाते रहे

भोपालएक वर्ष पहले
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नेहरु नगर बालिका गृह। - Dainik Bhaskar
नेहरु नगर बालिका गृह।
  • पोस्टमार्टम के बाद नाबालिग का हुआ अंतिम संस्कार, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि
  • शासकीय बाल गृह में रहने वाली दो और फरियादी की तबीयत बिगड़ी

प्यारे मियां मामले में यौन शोषण की शिकार लड़की की हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार रात 10 बजे मौत हो गई। उसे सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर अवस्था में हमीदिया में भर्ती कराया गया था। वहीं, नाबालिग की मौत पर सवाल उठने लगे हैं। एडीएम माया अवस्थी ने घटना की न्यायिक जांच शुरू कर दी है। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आईडी चौरसिया ने बताया, नाबालिग जब अस्पताल में भर्ती हुई थी, तब उसकी धड़कन 92 प्रति मिनट और ब्लड प्रेशर 100/60 था। मामले में शॉर्ट पीएम रिपोर्ट आ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक उसमें सस्पेक्टेड पॉइजनिंग पाया गया है, इसलिए विसरा को प्रिजर्व करके जांच करवाई जा रही है। एसडीएम ने पीड़त के परिजन को दो लाख रुपए मुआवजा राशि का चेक दिया है।

मौत के बाद मामले में कोहेफिजा पुलिस मर्ग कायम कर चुकी है। नाबालिग की मौत के बाद अन्य 4 लड़कियों के परिजन अब डर गए हैं। बालिका गृह में रह रही बाकी फरियादी भी घबरा गई हैं। वहीं, पांचों बच्चियों को बालिका गृह के गेट के पास जिस कमरे में रखा गया था। गुरुवार शाम उन्हें दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है।

परिजन की मांग है, अब वह अपनी लड़कियों को बालिका गृह संरक्षण में नहीं रखना चाहतीं। उन्हें परिवारजनों के सुपुर्द कर दें। वहीं, मामले में सुरक्षा व्यवस्था भी संदिग्ध है। मामले में बालिका गृह संरक्षण में पूर्व अधीक्षिका अंतोनिया कुजूर इक्का को हटा दिया गया और नई अधीक्षिका योगिता मुकाती को नियुक्त किया गया है।

यह है मामला

सोमवार को लड़की ने 4- 4 घंटे के अंतराल में नींद की गोली की खाई थीं। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। दूसरी लड़कियों ने बालिका गृह के कर्मचारी को सूचना दी। इसके बाद उसे आनन-फानन में हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, उसके बाद इसकी सूचना सोमवार रात करीब 12 बजे परिजनों को दी गई थी। आखिरकार 2 दिन के इलाज के बाद बुधवार रात नाबालिग ने दम तोड़ दिया। वहीं, गुरुवार को नाबालिग के छोटे भाई ने मुखाग्नि दी। बता दें, नाबालिग हाईप्रोफाइल प्यारे मियां केस में फरियादी थी। उसके बयान भी नहीं हुए थे। मामले में प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है, 7 महीने होने के बावजूद इनके बयान क्यों नहीं हो पाए?

परिजन की ये हैं मांगें

  • सीबीआई से जांच कराई जाए
  • घर में से एक किसी को भी सरकारी नौकरी दी जाए
  • मुआवजा दिया जाए
  • मामले में संलिप्त पुलिस से लेकर बाल गृह में कार्य कर रहे सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए
  • अन्य पीड़िताओं को परिजनों के सुपुर्द किया जाए

मां ने कहा- बेटी मुझे जिंदा चाहिए, बेटी ने कभी बुखार की गोली नहीं खाई, वो नींद की गोली क्यों खाएगी

भास्कर से बातचीत में लड़की की मां ने कहा कि मेरी बेटी मुझे जिंदा चाहिए। उसका क्या कुसूर था। उसे मार डाला। जैसे मेरी बेटी को ले गए थे। मुझे मेरी बेटी वैसी ही वापस करो। उसके लिए मैंने कितने सपने सजाए थे कि उसे दुल्हन बनाकर विदा करूंगी। मेरी बेटी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, मैं बस यही चाहती हूं। हम गरीब की क्या सुनवाई नहीं होगी। शिवराज मामा कहां हो आप? जो बेटी बचाओ की बातें करते हो। देख लो क्या हो गया मेरी बेटी को। बाकी बेटियों को बचाइए और हमें इंसाफ दिलाइए।

हमसे कहा था, दो दिन के लिए बेटियों को पूछताछ के लिए रखा है। 7 महीने हो गए। जब भी जाते थे बालिका गृह मैडम कहती थी, छोड़ देंगे जल्दी। हमसे साइन करवाते और हमें बस थोड़ी देर जाली से मिलवाते थे। बेटी हमेशा डरी रहती थी वहां। मुझे ये बता दाे कि वहां चॉकलेट या सामान नहीं ले जाने देते थे, फिर वो जहर कैसे अंदर गया। मुझे इंसाफ चाहिए। मेरी बेटी को जहर क्यों दिया, कल दूसरी बेटियाों को भी दे सकते हैं वो लोग।

सोमवार रात घर जब पुलिसवाले आए और बोले चलो हॉस्पिटल तुम्हारी बेटी की तबीयत खराब है। मैं घबराई। उसी हालत में छोटे बच्चों को छोड़कर उनके साथ चल दी। मैं तभी घबरा रही थी कि मेरी बेटी को कुछ कर तो नहीं दिया। जब मैं वहां गई मैंने उसे देखा, वो न बोल रही थी और न ही हिल रही थी। तभी मैं जान गई कि मेरी बेटी जा चुकी थी। सबको बताया, लेकिन डॉक्टर और पुलिसवाले हमें घुमा रहे थे। मेरी बात कोई नहीं मान रहा था। बोल रहे थे, मशीन के ऊपर है। मैं खूब रो रही थी। साइन नहीं कर रही थी, तो मशीन से उतार नहीं रहे थे। ये पुलिसवालों को वर्दी गरीबों की सहायता के लिए दी गई है या हमें परेशान करने। क्या गरीबों को जीने का हक नहीं। लोग बोल रहे हैं मुआवजा मिलेगा।

क्या मुआवजे से बेटी वापस आ जाएगी। क्या इंसान की जान की कीमत बस पैसा है। जांच क्या पूछ रहे हो आप। सब दिखावा है। कोई जांच नहीं हो रही। कोई अधिकारी अभी तक मेरे पास नहीं आया। मेरी बेटी ने तो कभी बुखार की गोली नहीं खाई। तो वह नींद की गोली क्यों खाएगी। आप हमसे पूछने की बजाय बालिका गृह वालों से पूछिए कि वहां गोलियां कैसे आईं। मेरी बेटी को क्यों खिलाई गोलियां। क्या मार दिया उसे। अब मैं क्या करुं। बात करते-करते अचानक मृतका की मां रोने लगी।

दो और फरियादी की तबीयत बिगड़ी

प्यारे मियां यौन शोषण मामले में दो और फरियादी की गुरुवार को तबीयत बिगड़ गई। बुधवार काे उनकी एक साथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बालिका गृह में रह रहीं बाकी लड़कियां डरी हुई हैं। बीमार हुई लड़कियों को दोपहर एंबुलेस से इलाज के लिए 1250 हॉस्पिटल ले जाया गया।

बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हो रहे प्रश्न चिन्ह

दिल दहला देने वाले हाई प्रोफाइल केस में इसकी सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं। बता दें कि पूरी स्थिति संदिग्ध लग रही है। घटना के कुछ दिन पूर्व बाल गृह बालिका संरक्षण में रह रही बच्चियों में और वहां अन्य बच्चियों में झगड़ा हुआ था। जिसके चलते प्यारे मियां केस में पीड़िताओं को अलग कमरे में रख दिया था। जो कमरा पीड़िताओं को रखने के लिए नहीं, बल्कि वह कमरा ऑफिशियल काम के लिए उपयोग किया जाना था। वहीं से सटे पेड़ से कोई भी व्यक्ति आसानी से उस कमरे में जा सकता था। घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बालिका गृह के गेट और बाउंड्री वॉल पर कैमरे ना होने के चलते पास से सटे और सामने मकानों में लगे कैमरे को जांच की टीम खंगालेगी।

अन्य बच्चियों के परिजनों की मांग
अब अन्य बच्चियों के परिजनों में भय व्याप्त हो गया है। अन्य बच्चियों के परिजन बालिका गृह बच्चियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे भी घटना के बाद से सहमे हुए हैं। वह चाहते हैं कि उनके बच्चे उन्हें सुपुर्द कर दें।

मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे परिजन

बच्ची के चाचा ने बताया, हम 24 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने जाएंगे। उनका नारा याद दिलाएंगे। वह राजधानी में ही साकार नहीं हो पा रहा। वहीं, हम इस घटनाक्रम पर सख्त कार्रवाई की मांग और सीबीआई जांच की मांग करेंगे। साथ ही, बालिका गृह के कर्मचारियों को भी सस्पेंड करने के लिए मांग करेंगे।

क्या था मामला

मामला करीब 7 महीने पहले का है। प्यारे मियां नाम का युवक पर राजधानी समेत इंदौर में बच्चियों के शोषण का मामला दर्ज किया गया था। वह फरार हो गया था। उसे पुलिस जम्मू-कश्मीर से पकड़ कर लाई थी। वहीं, उसकी संपत्तियों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। उसके भोपाल में कोहेफिजा, शाहपुरा, श्यामला हिल्स थाने में विभिन्न धाराओं में अलग-अलग मामलों में प्रकरण दर्ज हुए थे। इस मामले में पुलिस ने इसके साथ सहयोगी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था।

वहीं, मामले में पांच नाबालिगों ने आरोप लगाया था, जिसमें एक नाबालिग के ही बयान हो पाए हैं। एक नाबालिग की मृत्यु हो गई है और तीन के बयान नहीं हो पाए हैं।