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भोपाल में राशन के लिए हंगामा:राशन नहीं मिलने से नाराज हुईं महिलाएं, कलेक्टोरेट पहुंची; बोलीं- ठंड में ठिठुर रही, पर नहीं मिल रहा

भोपाल4 महीने पहले
कलेक्टोरेट परिसर पहुंची महिलाएं।

राशन नहीं मिलने से नाराज 50 से अधिक बुजुर्ग महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर में हंगामा कर दिया। वे फिंगर प्रिंट और केवायसी अपडेट न होने के नाम पर राशन नहीं दिए जाने की शिकायत लेकर पहुंची थीं, लेकिन काफी देर तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जब वे बिल्डिंग में जाने लगी तो एक होमगार्ड जवान से उनकी नोंकझोंक हो गईं। इससे महिलाएं गुस्सा उठीं। अफसरों ने पहुंचकर मामला शांत कराया।

कलेक्टोरेट पहुंची जेपी नगर की बानो बी ने बताया, 3 महीने से राशन दुकान के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन राशन नहीं मिल रहा। दुकान पर जाते हैं तो आईडी बंद होने की बात कहते हुए भगा दिया जाता है। गैस राहत कॉलोनी की सुशीलाबाई ने बताया, गरीबी रेखा की लिस्ट से नाम हटाने से डेढ़ साल से राशन नहीं मिला है। महिलाओं ने बताया कि ठंड में ठिठुर रहे हैं। फिर भी राशन नहीं मिल रहा है।

आईडी अपडेट नहीं हो रही

गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा भोपाल अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने बताया, खाद्य विभाग ने बड़ी संख्या में गरीब परिवारों की समग्र आईडी डिलीट कर दी है। कई गरीब परिवार, गैस पीड़ित और दिव्यांगों को फिंगर प्रिंट नहीं आने के कारण दुकान से भगाया जा रहा है। केवायसी के लिए रात में ही लाइन लग रही है। कड़ाके की ठंड में सुबह 6 बजे से राशन दुकानों के बाहर लाइन लग जाती है। रात 9 बजे तक लोग परेशान हो रहे हैं। बावजूद उन्हें राशन नहीं मिल रहा।

ये मांग

  • केवायसी के नाम पर परेशान न किया जाए।
  • भोपाल में नए बीपीएल कार्ड बनाने का काम पिछले 2 साल से बंद है। उसे पुन: शुरू किया जाए।
  • नई और संशोधित खाद्यान्न पात्रता पर्ची की अधिकतम समय सीमा 15 दिन तय की जाए।
  • बीपीएल परिवारों की आईडी में जितने नाम दर्ज है और आधार से लिंक है, उन सभी सदस्यों की खाद्यान्न पात्रता पर्ची प्रदान की जाए। ताकि उन्हें खाद्यान्न मिल सके।
  • भोपाल कलेक्टर ऑफिस के 24 नवंबर 2020 के निर्देश को निरस्त किया जाए। नई पात्रता पर्ची, आईडी में लाम दर्ज कराने और बीपीएल के नाम संपूर्ण एकल खिड़की प्रणाली लागू हो। कलेक्टोरेट में व्यवस्था हो।
  • पीओएस मशीन में जिन बुजुर्ग, बच्चों एवं दिव्यांगों के फिंगर प्रिंट नहीं आ रहे, उन्हें राशन से वंचित न किया जाए। रेटीना से पहचान कर व्यवस्था लागू की जाए।
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