राज्य सरकार तैयार कर रही नई अर्बन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी:पीक ऑवर में कार चलाने पर लग सकती है फीस,पार्किंग होगी महंगी

भोपालएक महीने पहलेलेखक: मनोज जोशी
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मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी और जरूरी हो गई है। - Dainik Bhaskar
मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी और जरूरी हो गई है।
  • महाराष्ट्र के बाद ऐसी पॉलिसी बनाने वाला मप्र दूसरा राज्य

शहर में नॉन मोटराइज्ड व पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस तरह से डेवलप किया जाएगा कि कम से कम 50 से 60% लोग इसका उपयोग करें। टीओडी जोन डेवलप करके स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, बाजार आदि इस तरह डेवलप किए जाएं कि कोई भी व्यक्ति 15 मिनट में वहां पहुंच सके।

पैदल, साइकिल व पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक अर्बन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बना रही है। इसमें पीक ऑवर में निजी वाहन के उपयोग पर फीस लगाने के साथ सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी सिटी बस, मेट्रो, टेंपो, ऑटो, टैक्सी आदि को रेगुलेट करने के लिए एक कॉमन अथॉरिटी बनाने जैसी कई बातें शामिल हैं। महाराष्ट्र के बाद मप्र दूसरा ऐसा राज्य होगा, जो यह पॉलिसी तैयार कर रहा है। इसमें नो कार डे, ऑड-इवन, कार शेयरिंग आदि लागू करने, साइकिल लेन के साथ साइकिल पार्किंग का भी इंतजाम करने और लोकल एरिया प्लान बनाने की बातें कही गई हैं। नगरीय आवास एवं विकास विभाग के लिए स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस ने पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है।

10 साल पहले... 1 लाख थे दोपहिया वाहन, अब 10 लाख
शहर में लो फ्लोर बसों में अधिकतम 1 लाख लोग ही सफर करते हैं। शहर में बमुश्किल 10% सड़कों पर ही पैदल चलने के लिए फुटपाथ हैं और जहां हैं, वहां भी अतिक्रमण हैं। 10 साल पहले शहर में केवल 1 लाख दोपहिया वाहन थे, जो अब बढ़कर 10 लाख हो गए हैं। निजी कारों की संख्या जो 75 हजार के आसपास थी, वह आज बढ़कर 4.5 लाख हो गई है।

यह भी प्रमुख प्रावधान

  • परमिट पूरे शहर के लिए मिलेगा
  • अर्बन पार्किंग स्पेस मैनेजमेंट एक्ट बनेगा।
  • पार्किंग मैनेजमेंट प्लान बनेगा
  • एक इंस्टीट्यूट बनेगा, जो थिंक टैंक की तरह काम करेगा
  • पीपीपी और म्युनिसिपल बॉन्ड का उपयोग होगा
  • ई-व्हीकल आदि को करों में छूट दी जाएगी
  • भारी वाहनों के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाएं होगी
  • टीओडी व टीडीआर का उपयोग किया जाएगा।

जनता के सुझाव भी लिए जाएंगे
कई सरकारी विभागों व एजेंसियों से चर्चा के बाद पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। जल्द ही इस पर आम जनता के सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद पॉलिसी को अंतिम रूप देकर शासन को भेजा जाएगा। -मौसमी हजेला, कंसलटेंट, स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस

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