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हवा ने बदला मौसम:शहर के आसपास स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं था और हवा के दबाव में ज्यादा अंतर नहीं आ सका

भोपाल2 महीने पहले
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दिन में लुढ़का पारा, रात में बदलाव नहीं। - Dainik Bhaskar
दिन में लुढ़का पारा, रात में बदलाव नहीं।

शहर में हवा के मिजाज ने मौसम भी बदल दिया। शाम के वक्त शहर में हवा की रफ्तार थम गई थी। हालत यह थी कि एयरपोर्ट पर शाम को हवा की रफ्तार सिर्फ 5 किमी प्रति घंटे रही, जबकि इस दौरान शहर में हवा स्थिर रही। इसके कारण पारे की चाल भी थम सी गई थी। दोपहर 2:30 बजे पारा 26.4 डिग्री पर था, जो 3 घंटे बाद शाम 5:30 बजे लुढ़क कर 23.6 डिग्री तक ही पहुंच सका।

पारे की चाल भी तेज नहीं हो सकी

  • 2:30 बजे सोमवार दोपहर को पारा 26.4 डिग्री पर था, जो 3 घंटे बाद ही यानी
  • 5:30 बजे शाम को 2.8 डिग्री लुढ़क कर 23.6 डिग्री तक ही पहुंच सका था।
  • सोमवार सुबह 7 से 10 बजे तक लगातार 3 घंटे शहर में धुंध छाई रही। इस दौरान विजिबिलिटी भी 2500 मीटर हो गई थी।

बादलों ने किया कंबल का काम

सोमवार को दिन का तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया, इसमें 0.9 डिग्री की गिरावट हुई। रात का तापमान 14.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा।

10 साल में इस बार रात में दिसंबर के पहले हफ्ते की सबसे कम ठंड

मंगलवार को दिसंबर का पहला हफ्ता बीत जाएगा। इसके बावजूद शहर में रात में तेज ठंड नहीं पड़ रही है। पिछले 10 साल में इस बार दिसंबर के पहले हफ्ते में सबसे कम ठंड पड़ी। लगातार बादल छाए रहना इसकी खास वजह है। इन बादलों ने कंबल का काम किया। इस वजह से रात का तापमान नहीं गिरा। 2012 से लेकर 2020 तक दिसंबर के पहले हफ्ते में इससे ज्यादा ही ठंड पड़ी।

बादल ऐसे बने कंबल

मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि दिन में होने वाली तपिश शाम ढलने पर वापस लौटती है। इसे अर्थ रेडिएशन कहते है। आसमान में छाए बादलों ने कंबल का काम किया, इनके कारण रात का तापमान भी कम नहीं हुआ।

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