मिशन एड़मिशन:यूजी में 10.30 लाख सीटें थीं पर खाली रह गईं साढ़े 5 लाख

भोपाल2 महीने पहले
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  • बारहवीं में पास हुए थे साढ़े 8 लाख स्टूडेंट

कॉलेजों में एडमिशन के लिए हुई कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) का एक्स्ट्रा राउंड भी गुरुवार को समाप्त हाे गया। इसी के साथ प्रदेशभर में स्नातक (यूजी) में साढ़े पांच लाख से ज्यादा सीटें खाली रह गईं। इस बार हायर सेकंडरी में साढ़े 8 लाख स्टूडेंट पास हुए थे। इस वजह से यूजी में सीटों की संख्या 10 लाख 30 हजार 633 कर दी गई थी।

बावजूद इसके करीब साढ़े 5 लाख सीटें खाली रह गईं। यूजी में कुल मिलाकर 4 लाख 77 हजार 614 और पीजी में करीब 1.52 लाख विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। पिछले साल के मुकाबले यूजी में इस बार करीब 46 हजार एडमिशन ज्यादा हुए हैं। खास बात यह है कि केवल एक्सट्रा राउंड में ही 62 हजार से ज्यादा छात्राें ने ऑनलाइन फीस जमा कर एडमिशन लिया।

46,920 एडमिशन ही ज्यादा

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल यूजी में सीटों की संख्या 7 लाख 30 हजार थी, लेकिन 4 लाख 30 हजार 694 एडमिशन ही हुए थे। इस तरह से इस सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या 46,920 ही बढ़ी है। इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब एक लाख ज्यादा छात्रों के एडमिशन का आंकलन था।

पिछले साल एडमिशन का एक राउंड हुआ था और पांच कॉलेज लेवल काउंसलिंग हुई थी और दाखिले की प्रक्रिया भी 5 जनवरी तक चली थी। करोना की वजह से छात्रों ने देर तक एडमिशन लिए थे। इस बार ऐसी संभावना भी है कि जीईआर बढ़ाने के लिए सीएलसी का एक राउंड बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए डिस्टेंस एजुकेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

बीई और बीटेक के लिए भी चल रही काउंसलिंग

वर्तमान मेंं टेक्निकल एजुकेशन की बीई-बीटेक सहित अन्य कोर्स की काउंसलिंग भी चल रही हैं। इसमें भी छात्र दाखिला लेते हैं। इसके अलावा कई बार प्रदेश के बाहर के कॉलेजों में भी एडमिशन लेते हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सीटें खाली रह जाने से भी विभाग को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हैं। यह व्यवस्था इसलिए की गई थी, ताकि अगर छात्र बढ़ते भी हैं तो उन्हें आसानी से एडमिशन मिल सके।

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