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  • There Will Be A Ban On The Purchase Of New Vehicles Of Ministers And Officers This Year, Work Will Have To Be Done From The Old Ones

बजट गड़बड़ाया!:मंत्रियों और अफसरों के नए वाहनों की खरीदी पर इस साल रहेगी रोक, फिलहाल पुराने से चलाना होगा काम

भोपालएक महीने पहले
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  • वित्त विभाग ने प्रथम अनुपूरक बजट के लिए सभी विभागों से मांगे थे प्रस्ताव

मंत्रियों और अफसरों के वाहन खरीदी पर इस साल रोक रहेगी। लिहाजा उन्हें 1.50 लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुके वाहनों से ही काम चलाना पढ़ेगा। दरअसल, वित्त विभाग ने विधानसभा के आगामी सत्र में लाए जाने वाले प्रथम अनुपूरक बजट के लिए प्रस्ताव मांगे थे, जिसका बुधवार को अंतिम दिन था।

हालांकि गृह, सामान्य प्रशासन, लोक निर्माण जैसे विभागों से जो प्रस्ताव पारित हुए थे उनमें नए वाहनों की मांग की गई थी, जिसे सिरे से खारिज कर दिया है। इसकी वजह सभी 64 विभागों से अनुपूरक बजट में शामिल किए जाने के लिए जो प्रस्ताव मांगे थे, उनमें स्पष्ट कर दिया गया था कि किसी तरह से नए वाहनों की खरीदी के प्रस्ताव नहीं भेजे जाएंं। इसकी वजह कोरोना की वजह से वित्तीय व्यवस्था गड़बड़ाना बताया गया।

राज्य सरकार द्वारा बड़े विभागों में गृह, जीएडी, लोक निर्माण, आदिमजाति कल्याण, राजस्व और परिवहन विभागों में 15 करोड़ रुपए स्थापना व्यय में वाहन खरीदी के लिए आवंटित थे, लेकिन वित्त वर्ष के शुरुआती तीन महीनों यानी अप्रैल-मई और जून में 50 से 55 प्रतिशत ही आय हो पाई है। साथ ही केंद्र से मिलने वाली राशि में भी कमी आई है। इस वजह से नए वाहनों की खरीदी पर रोक लगाई गई है। 2019-2020 में करीब 200 नए वाहनों की खरीदी की गई थी, जिनकी कीमत 7 लाख से 20 लाख रुपए थी। 2020-21 में भी कोविड की वजह से बजट गड़बड़ाने से चुनिंदा वाहनों की खरीदी की गई। इस साल भी यही स्थिति रहेगी।

डेढ़ लाख किलोमीटर के बाद वाहन खरीदी का है प्रावधान

शासकीय वाहन खरीदी में वाहन का 1.50 लाख किलोमीटर चलना आवश्यक है। इसके बाद ही वाहन खरीदी की अनुमति दी जाती है। दो सालों से वाहनों की खरीदी नहीं हुई है, इसलिए इस साल नए वाहन खरीदे जाना था। पिछले वित्तीय वर्ष में कांग्रेस सरकार के गिरने के बाद भाजपा सरकार बनने पर वाहनों की खरीदी नहीं की गई थी। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 150 करोड़ रुपए से की मांग की गई है।

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