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भोपाल ननि मेयर इन कौंसिल:जो अध्यक्ष नहीं बने, उन्हें एमआईसी में शामिल किया; सीनियर के साथ नए पार्षदों को भी मौका

भोपाल3 महीने पहले
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भोपाल नगर निगम की मेयर इन कौंसिल यानी, एमआईसी का गठन कर दिया गया है। कुछ 10 पार्षदों को एमआईसी में शामिल किया गया है। इनमें सीनियर पार्षद रविंद्र यती, सुषमा बावीसा, मनोज राठौर, जगदीश यादव शामिल हैं। वहीं, राजेश हिंगोरानी, अशोक वाणी, आनंद अग्रवाल, छाया ठाकुर, जितेंद्र शुक्ला, आरके सिंह बघेल भी शामिल किए गए हैं।

मेयर इन कौंसिल के गठन नहीं होने के चलते विपक्ष शहर सरकार को घेर रहा था। इसे लेकर बुधवार को कांग्रेसी पार्षदों ने कमिश्नर को भी आवेदन सौंपा था। जिसमें नगर निगम अधिनियम की धारा 37 का उल्लंघन करने की बात कही गई थी। हालांकि, गुरुवार को जो आदेश जारी किया गया है, उसमें 14 अगस्त का उल्लेख है।

एमआईसी के गठन नहीं होने पर कांग्रेसी पार्षदों ने बुधवार को ही कमिश्नर कार्यालय में जाकर आवेदन सौंपा था।
एमआईसी के गठन नहीं होने पर कांग्रेसी पार्षदों ने बुधवार को ही कमिश्नर कार्यालय में जाकर आवेदन सौंपा था।

अध्यक्ष नहीं बन पाए, अब प्रभारी होंगे
वार्ड-83 से पार्षद रविंद्र यती, वार्ड-4 के राजेश हिंगोरानी अध्यक्ष के दावेदार थे। उनके अलावा कांग्रेस के सीनियर पार्षद अमित शर्मा को हराने वाले वार्ड-33 से पार्षद आरके सिंह बघेल भी दावेदार थे, लेकिन उनकी जगह किशन सूर्यवंशी को अध्यक्ष बनाया गया। इन सभी को एमआईसी में शामिल किया गया।

एमआईसी के गठन को लेकर जारी किए गए आदेश।
एमआईसी के गठन को लेकर जारी किए गए आदेश।

एमआईसी में शामिल कर सिंधी समाज को साधा
पहली बार के पार्षद हिंगोरानी को एमआईसी में शामिल कर बीजेपी ने सिंधी समाज को भी साध लिया। हिंगोरानी को अध्यक्ष बनाने के लिए समाज के लोग लगे थे। वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई नेताओं से चर्चा भी कर चुके थे। हालांकि, अध्यक्ष की कुर्सी सूर्यवंशी को सौंपी गई। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि हिंगोरानी को एमआईसी में शामिल कर लिया जाएगा। हुआ भी वैसा ही। इससे समाजजनों में भी खुशी का माहौल है।