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जान के दुश्मन:रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों को रिश्वत लेकर छोड़ने वाले दो एसआई सस्पेंड

भोपालएक महीने पहले
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  • कोलार पुलिस द्वारा पकड़ाए आरोपी ने क्राइम ब्रांच के तीन पुलिसकर्मियों पर ढाई लाख रुपए लेने के आरोप लगाए थे, जांच के बाद हुई कार्रवाई

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले तीन युवकों बिना कार्रवाई के छोड़ने वाले क्राइम ब्रांच के दो सब इंस्पेक्टरों को डीआईजी इरशाद वली ने सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने आरोपियों से ढाई लाख लिए थे। इन आरोपियों को दो दिन पहले कोलार पुलिस ने गिरफ्तार किया, तब इसका खुलासा हुआ। एसपी मुख्यालय रामजी श्रीवास्तव के अनुसार कोलार पुलिस ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी के आरोप में अंकित सलूजा, दलप्रीत सिंह और आकर्ष सक्सेना को गिरफ्तार किया है।

इनके पास से पुलिस ने पांच इंजेक्शन बरामद किए हैं। पूछताछ में आकर्ष सक्सेना का आरोप था कि छह दिन पहले क्राइम ब्रांच के तीन पुलिसकर्मियों ने उसे रेमडेसिविर के साथ पकड़ा था, लेकिन ढाई लाख रुपए लेकर बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया था। जांच के बाद डीआईजी ने क्राइम ब्रांच के एसआई एमडी अहिरवार और हरिशंकर वर्मा को शनिवार को सस्पेंड कर दिया है।

पुलिस ने ड्रग कंट्रोलर से मांगी जानकारी; बैच नंबर बताएगा- किसे अलॉट हुए इंजेक्शन

इधर इस पूरे मामले की जांच कर रही कोलार पुलिस ने ड्रग कंट्रोलर से जेके अस्पताल को अब तक आवंटित किए गए इंजेक्शन की उनके बैच नंबर सहित जानकारी मांगी है। बैच नंबर से पुलिस को यह पता चलेगा कि आरोपियों से जब्त इंजेक्शन किस मरीज के लिए आवंटित हुए थे और उस मरीज को इंजेक्शन लगा या नहीं।

इसी प्रकार पुलिस ने जेके अस्पताल से भी अब तक आवंटित हुए इंजेक्शन की बैच नंबर के साथ पूरी जानकारी तलब की है। इधर, पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों अंकित सलूजा, दलप्रीत सिंह और आकर्ष सक्सेना के खिलाफ एनएसए का प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। वहीं, आकाश की तलाश में उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

और भी नाम आ सकते हैं सामने

आईटी मैनेजर आकाश दुबे के रेमडेसिविर की कालाबाजारी में नाम सामने आने के बाद जेके अस्पताल भी शक के दायरे में आ गया है। आकाश की गिरफ्तारी के बाद संभव है कि इस मामले में अस्पताल से जुड़े कई नाम सामने आएंगे।

हमीदिया में नहीं हुआ रिकाॅर्ड दुरुस्त : हमीदिया से चोरी हुए 863 रेमडेसिविर के मामले में एक महीने बाद भी पुलिस की जांच अधर में अटकी है। स्टोर इंचार्ज की शिकायत पर कोहेफिजा पुलिस ने 863 इंजेक्शन चोरी की एफआईआर दर्ज की थी। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने रिकार्ड का मिलान किया तो 450 से ज्यादा इंजेक्शन का हिसाब मिल गया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन एक महीने में भी रिकाॅर्ड दुरुस्त नहीं कर सका।

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