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आईसीएसआई रिजल्ट:पहली क्लास से डायबिटिक, एग्जाम के दो दिन पहले 500 थी शुगर, फिर भी एग्जाम दिया और हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: रश्मि खरे
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सीएस फाउंडेशन, सीएस एग्जीक्यूटिव और सीएस फाइनल के रिजल्ट घोषित... टॉप-25 में भोपाल के 8 स्टूडेंट शामिल। - Dainik Bhaskar
सीएस फाउंडेशन, सीएस एग्जीक्यूटिव और सीएस फाइनल के रिजल्ट घोषित... टॉप-25 में भोपाल के 8 स्टूडेंट शामिल।

द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने बुधवार को सीएस फाउंडेशन, सीएस एग्जीक्यूटिव और सीएस फाइनल के रिजल्ट घाेषित किए गए। सीएस फाइनल एग्जाम क्रैक कर शहर के 20 स्टूडेंट्स इस बार कंपनी सेक्रेटरी बने। टॉप-25 रैंक में भोपाल के 8 स्टूडेंट्स रहे।

सीएस फाइनल में मोदिता साहू को ऑल इंडिया रैंक-2 व दिशा जैन ने ऑल इंडिया-3 रैंक हासिल की, जबकि एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में मान्या श्रीवास्तव ने ऑल इंडिया-1, जूही भाटिया ने ऑल इंडिया 6 व हृदया एस अय्यर ने ऑल इंडिया-20वीं रैंक पर जगह बनाई। फाउंडेशन में भी एआईआर-20, 23 व 24 भोपाल के सैय्यद अर्शी अजीज, रेणुना तोशनीवाल और दीपक मित्तल की रही।

फाउंडेशन में भी आई थी रैंक-1, इसी से मिला मोटिवेशन
​​​​​रोज 3 बार इंसुलिन लेने वाली मान्या बताती हैं, एग्जाम के दो दिन पहले मेरी शुगर 500 क्रॉस कर रही थी, ऐसा लग रहा था कि ड्रॉप लेना पड़ेगा। मुझे बुक उठाने का भी समय नहीं मिला, इसलिए पूरा एग्जाम पिछले पूरे साल में की गई तैयारी के हिसाब से दिया। फाउंडेशन में एआईआर-1 आई तो मोटिवेशन मिला, इस बार शुरुआत से ही रैंक-1 को टारगेट बनाया था।

कोविड टाइम में भी शेड्यूल नहीं बिगड़ने दिया और घर में पढ़ाई करती रही। यहां बता दें कि मान्या भोपाल की पहली ऐसी स्टूडेंट हैं, जिन्होंने फाउंडेशन कोर्स के बाद लगातार दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। मान्या पहली क्लास से ही टाइप-1 डायबिटिक हैं।

मान्या श्रीवास्तव AIR-1, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम
मान्या श्रीवास्तव AIR-1, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम

ऑनलाइन लेक्चर से ही की तैयारी
यह मेरा दूसरा अटैम्प्ट था, कोचिंग नहीं की, बल्कि ऑनलाइन वीडियो लेक्चर देखकर ही तैयारी करती थी। माइंड मैप बनाए, ताकि कॉन्सेप्ट क्लीयर हो सकें। इस साल पढ़ाई के लिए वक्त काफी मिला। जून का एग्जाम अगस्त में हुआ तो दो महीने एक्स्ट्रा थे। इस पूरे टाइम को सिर्फ पढ़ाई और तैयारियों में खर्च किया, जिससे सफलता मिली। सफलता के लिए पढ़ाई करना बहुत जरूरी होता है।

मोदिता साहू AIR-2, सीएस फाइनल
मोदिता साहू AIR-2, सीएस फाइनल

परिवार की पहली कंपनी सेक्रेटरी
कोविड ईयर में काफी स्ट्रेस था। एग्जाम नहीं पता था कि कब होंगे और फैमिली में तरह-तरह की बैड न्यूज सुनने को मिल रही थीं, लेकिन मैंने यह तय किया था कि मुझे किसी भी हालत में सीएस पूरा करना ही है तो पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। बाहर की किताबों और नोट्स में भटकने की बजाय मैंने पूरा फोकस सिर्फ सीएस मॉड्यूल पर किया। परिवार में पहला सदस्य हूं जो कंपनी सेक्रेटरी बना।

दिशा जैन AIR-3, सीएस फाइनल
दिशा जैन AIR-3, सीएस फाइनल