सौगातों के बीच विवाद:एम्स में पीएम के फोटो वाला पोस्टर गिराने पर 3 घंटे तक जमकर हंगामा

भोपाल9 महीने पहले
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की मौजूदगी में ही हुई तू-तू, मैं-मैं। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की मौजूदगी में ही हुई तू-तू, मैं-मैं।
  • भाजपाइयों ने सिक्युरिटी इंचार्ज पर लगाया आरोप
  • एम्स में 5 सुविधाओं का मंत्री ने किया शुभारंभ

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन शनिवार को भोपाल दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने एम्स में पांच सुविधाओं का शुभारंभ भी किया। उनकी मौजूदगी में ही एम्स में विवाद की स्थिति भी बन गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एम्स सिक्युरिटी इंचार्ज पर हेल्प डेस्क पर पीएम नरेंद्र मोदी के फोटो लगे पोस्टर को लात मारकर गिराने का आरोप लगाया। करीब 3 घंटे तक यह विवाद चलता रहा। डॉ. चौहान ने कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एम्स सिक्युरिटी इंचार्ज डॉ. शैलेंद्र चौहान पर आरोप लगाया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के फोटो लगे पोस्टर को लात मारकर गिराया। यह पोस्टर कार्यकर्ताओं ने मरीजों की सहूलियत के लिए बनाए गए हेल्प डेस्क पर लगाया था।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि डॉ. चौहान ने हेल्प डेस्क को हटावाने के लिए धमकाया। पुलिस बुलाकर एफआईआर कराने की बात कही। कार्यकर्ताओं से बदसलूकी भी की। कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम की शिकायत एम्स पहुंचीं विधायक कृष्णा गौर और भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी से की।

अंदर जाने से रोका तो 100 से ज्यादा समर्थकों के साथ बिल्डिंग में घुसे

विधायक गौर और जिलाध्यक्ष पचौरी ने जब इस संबंध में एम्स के जिम्मेदारों से बात करनी चाही तो उन्हें अंदर जाने से भी रोका गया। इस पर गौर और पचौरी 100 से ज्यादा समर्थकों के साथ एम्स की कॉलेज बिल्डिंग में घुस गए। तब कही जाकर डॉ. चौहान सामने आए। हालांकि, उन्होंने आरोपों को नकारा।

विवाद बढ़ता, उससे पहले ही मंत्री सारंग पहुंच गए एम्स

विवाद बढ़ता, उससे पहले ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एम्स पहुंच गए। उन्होंने डॉ. चौहान समेत एम्स के अन्य जिम्मेदारों से बात की। पुलिस अधिकारियों को भी सूचना दी। इसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद खुद मंत्री सारंग, विधायक गौर और जिलाध्यक्ष पचौरी कार्यक्रम छोड़कर वहां से रवाना हो गए।

बिगड़े बोल... गैस पीड़ित खत्म हो गए, ये अब मामला ही नहीं

शहर में गैस पीड़ित खत्म हो चुके हैं, यह तो अब कोई मामला ही नहीं है। यह बात आईसीएमआर के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव ने कही। जब उनसे पूछा कि बीएमएचआरसी में विभाग बंद हो रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि अस्पताल बहुत अच्छा चल रहा है। गैस पीड़ित तो खत्म हो चुके हैं। मीडिया ही इसे चला रहा है।

शुभारंभ... फंगल लैब, ब्रेकी थैरेपी, थ्रीडी इम्प्लांट सुविधा का

केंद्रीय मंत्री ने फंगल लैब, ब्रेकी थैरेपी, लीनियर एक्सेनलेटर समेत थ्रीडी इम्प्लांट से इलाज की सुविधा का शुभारंभ किया। कॉक्लियर इम्प्लांट की शुरू की गई सुविधा का जायजा लिया। मंत्री ने एम्स में बनाए जा रहे अलग एडमिन ब्लॉक की आधारशिला रखी और ऑडिटोरियम का लोकापर्ण भी किया।
मंत्री की घोषणा

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में 157 सरकारी मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू किए हैं। इनमें मप्र के 6 मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। आने वाले समय में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 50 हजार की जाएंगी। डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू करने की यात्रा जारी है, अभी हम 65 हजार पर पहुंचे हैं।

निरेह के नए कैंपस समेत 8 आधुनिक लैबों का किया शुभारंभ

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शनिवार को राजधानी के भौंरी स्थित राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (निरेह) के नवीन कैंपस समेत 8 आधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के सभी मानकों को पूरा करने वाला यह प्रदेश का पहला कैंपस हैं।

डॉ. हर्ष वर्धन ने इसे राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि कोई भी संस्थान नाम और विशाल भवनों से नहीं, बल्कि अपने काम और योगदान से राष्ट्रीय महत्व पाता है। मौजूदा दौर साइंटिफिक सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी का है, वैज्ञानिकों का काम अब ऐसा अनुसंधान करना है जो लोगों की बेहतरी में काम आए।

125 करोड़ रुपए से बना है

भारत सरकार ने निरेह के नवीन परिसर पर 125 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। मप्र सरकार ने फ्री 20 एकड़ जमीन दी है। इतना बड़ा निवेश सिर्फ पेपर पब्लिक करने या छोटे लक्ष्यों के लिए नहीं है। ऐसे संस्थानों की सार्थकता तभी है, जब वे जिम्मेदारी को निभाते हुए वो नाम और गरिमा के अनुरूप ऐसे काम करें, जिससे दूसरे देशों के संस्थान निरेह के सामने बौने नजर आए।

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