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डिस्टेंसिंग के साथ सोशलाइजेशन:कोरोनाकाल में वर्चुअल उठावना; देश और विदेश से अपनों के गम में हो रहे शामिल

भोपाल6 महीने पहले
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कुवैत और अमेरिका से भी जुड़े... बीते दिनों बिजली कंपनी के सेवानिवृत इंजीनियर रेनुमल कुमार और उनके भाई धर्म प्रकाश की कोविड से मृत्यु हो गई। ऐसे में अमेरिका और कुवैत में रहने वाले उनके बच्चे और अन्य शहरों के रिश्तेदार वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए उठावने में शामिल हुए। - Dainik Bhaskar
कुवैत और अमेरिका से भी जुड़े... बीते दिनों बिजली कंपनी के सेवानिवृत इंजीनियर रेनुमल कुमार और उनके भाई धर्म प्रकाश की कोविड से मृत्यु हो गई। ऐसे में अमेरिका और कुवैत में रहने वाले उनके बच्चे और अन्य शहरों के रिश्तेदार वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए उठावने में शामिल हुए।
  • कोरोना कर्फ्यू में शोक व्यक्त करने का मुक्ति रथ सेवा समिति ने खोजा नया रास्ता

कोरोना की दूसरी लहर आने पर शहर में कोरोना कर्फ्यू लगा है। इसके चलते प्रशासन ने कई बंदिशें लगा रखी हैं। ऐसे में किसी की मृत्यु होने पर उसके अंतिम संस्कार और उठावने में लोग शामिल नहीं हो पाते हैं। इसे समझते हुए कुछ युवाओं ने एक ग्रुप बनाया है, जिसका नाम मुक्ति रथ सेवा समिति है। समिति अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए लोगों को दुख की घड़ी में संवेदना व्यक्त करने का मौका दे रही है, यानी वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग उठावना में भागीदारी कर रहे हैं। इसका बढ़ा फायदा यह है कि कोरोना संक्रमण के खतरे के इतर लोग अपने परिचितों के गम में शामिल हो पा रहे हैं।

जहां मृत्यु होती है, वहां परिवार से बात कर वर्चुअल उठावने की सहमति लेते हैं
समिति के अध्यक्ष आनंद सबधाणी ने बताया कि जिस भी परिवार में मृत्यु होने पर समिति के शव वाहन को बुलाया जाता है तो हम उनसे वर्चुअल उठावने के संबंध में बात करते हैं। परिवार की सहमति मिलने के बाद हमारी दो सदस्यों की टीम तीसरे दिन उस घर में पहुंच जाती है, जहां तय समयानुसार जूम एप पर आईडी पासवर्ड डेवलप करके उसे मैसेज के माध्यम से परिचितों व रिश्तेदारों तक पहुंचाया जाता है। उसके बाद घर में एक पोर्टेबल स्क्रीन लगाते हैं।

टेक्निकल टीम करती है संचालन
सबधाणी ने बताया इस पूरी प्रक्रिया को टेक्निकल टीम संचालित करती है। इसमें एक समय में अधिकतम 100 लोगों को जोड़ा जा सकता है। जैसे-जैसे पीड़ित परिवार के सामने लोग अपनी सांत्वना व्यक्त करते जाते हैं, टेक्निकल पर्सन उन लोगों को रिमूव करते हुए नए लोगों को उसमें जोड़ते जाते हैं।

यहां 500 से ज्यादा लोग जुड़े थे
हाल ही में शहर में बड़े बिजनेसमेन डॉ. केएल ठकराल का निधन हुआ। उनके उठावने में परिवार के सदस्यों ने लोगों से वर्चुअल कनेक्ट होने का आग्रह किया। एप के माध्यम से अन्य शहरों में रहने वाले रिश्तेदार, दोस्त व बिजनेस से जुड़े 500 से ज्यादा लोग इसमें शामिल हुए। सभी को आईडी-पासवर्ड व स्कैन कोड मैसेज के जरिए भेजा गया था।

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