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सात फेरों पर भी कोरोना संक्रमण और महंगाई का असर:शादी-पार्टी 25% तक महंगी, नवंबर दिसंबर के लिए 80% मैरिज गार्डन फुल

भोपाल7 दिन पहले
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  • 30% तक एडवांस राशि ले रहे मैरिज-गार्डन संचालक

राजधानी में नवंबर-दिसंबर में हाेने वाली शादियों के लिए अभी से 80 फीसदी मैरिज हॉल और गार्डन फुल हो गए हैं। यही नहीं, शादी का रिसेप्शन भी कोरोना से पहले की स्थिति में करीब 25 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। इसकी मुख्य वजह रसोई गैस और अन्य खाने की चीजों के रेट में हुआ इजाफा है। ज्यादातर गार्डन की शर्त भी यह है कि बुकिंग के दौरान तय राशि वापस नहीं होगी।

काेरोनाकाल में बहुत सी शादियां नहीं हो सकी थीं। अब मुहूर्त भी सीमित हैं। एक ही दिन में कई शादियां होने की वजह से लोगों को बुकिंग में भी दिक्कत आ रही है। मैरिज हॉल की बुकिंग न होने की वजह से अब कई लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। या तो वेन्यू उनके मन मुताबिक नहीं हैं या बजट में फिट नहीं बैठ रहे। यही वजह है कि होटलों में भी बुकिंग के लिए पूछपरख बढ़ गई है। भोपाल में करीब 150 मैरिज गार्डन हैं।

सीमित संख्या में मेहमान, खर्चा ज्यादा
मैरिज गार्डन संचालकों के मुताबिक कोरोना के कारण लोग कम मेहमान बुलाते हैं। पहले जहां सामान्य तौर पर संख्या 700-800 होती थी, अब वह आधी भी नहीं रह गई है। इस वजह से कैटरिंग महंगी पड़ रही है। जब संख्या कम होती है और फूड आइटम ज्यादा होते हैं तो यह अपेक्षाकृत महंगा पड़ता है।

एडवांस बुकिंग एक लाख के आसपास
प्रमुख मैरिज गार्डन में एडवांस बुकिंग अमाउंट ही एक लाख कर दिया गया है। कुछ जगह किराया, कैटरिंग व रुकने की व्यवस्था पर होने वाले कुल खर्च का 30 प्रतिशत एडवांस लिया जा रहा है। यह राशि नॉन रिफंडेबल है। मैरिज गार्डन संचालकों के मुताबिक उन्हें भी गार्डन के मेंटेनेंस, कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करना पड़ता है।

बुकिंग वाले ज्यादा आ रहे हैं -भोपाल मैरिज गार्डन एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट श्यामसुंदर गोपलानी ने बताया कि मुहूर्त सीमित संख्या में हैं। लोग एक ही जगह सब सुविधाएं चाहते हैं। इस वजह से बुकिंग पहले से करवा रहे हैं।

मुहूर्त : नवंबर - 20, 21, 28, 29
दिसंबर - 6, 7,9 11,12

शादी में 100 से ज्यादा मेहमान नहीं बुला सकते हैं
वर्तमान में शादी में लोगों की संख्या 100 निर्धारित है। एक समय में इससे ज्यादा लोग नहीं होना चाहिए। फिलहाल इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। -अविनाश लवानिया, कलेक्टर

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