सरकार! MP में पुलिस का खौफ नहीं...:5 महीने में खाकी पर 51 हमले, सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल में; जानिए कैसे रुक सकते हैं अटैक

भोपाल4 महीने पहले
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प्रदेश में बेखौफ बदमाशों ने पिछले पांच महीनों में पुलिस पर 51 बार हमले किए हैं। गुना जिले के आरोन की ताजा घटना के आरोपियों के खिलाफ जितनी सख्त कार्रवाई हुई है, उतनी इससे पहले की घटनाओं में नहीं हुई। पुलिस पर पहले गोली चलाने से लेकर चाकू मारने, मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने की घटनाएं सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल अंचल में हुई हैं। हैरत की बात यह है कि पुलिस पर सबसे ज्यादा हमले रेत माफिया, अवैध शराब और अवैध शिकार के मामलों में ही हुए हैं। जबकि रेत माफिया के खिलाफ खनन विभाग, अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग और वन्य प्राणियों के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग की सीधी जिम्मेदारी बनती है।

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गुना की ताजा घटना के बाद एक्शन मोड में पुलिस
14 मई, शनिवार तड़के करीब 3 बजे गुना के आरोन में कुछ शिकारियों ने पांच काले हिरणों व मोर का शिकार किया था। सूचना पर पहुंच पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। हमले में एसआई राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हो गए थे। मौके से पांच हिरणों के शव भी जब्त किए थे।

गुना की घटना के बाद शनिवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ आरोपियों के घर ढहा दिए।
गुना की घटना के बाद शनिवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ आरोपियों के घर ढहा दिए।
गुना पुलिस इस गाड़ी से दो आरोपियों को ले जा रही थी। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया।
गुना पुलिस इस गाड़ी से दो आरोपियों को ले जा रही थी। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया।

रिटायर्ड डीजीपी से आनंदराव पंवार से जानिए कैसे रुक सकते हैं पुलिस पर हमले

  • अफसरों के बीच समन्वय बनाए रखें।
  • हर कार्रवाई का इमरजेंसी प्लान और नक्शा बनाएं।
  • जोखिम वाली जगह बुलेटप्रूफ जैकेट पहनें।