बिना तलाक लिए महिला ने कर ली दूसरी शादी:जब पतियों ने विरोध किया तो दोनों पर लगवा दिया दहेज प्रताड़ना का केस

भोपाल8 महीने पहलेलेखक: वंदना श्रोती
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • बच्चा होने के बाद दूसरे पति को भी छोड़ा, अब दोनों पति ने मांगी भाई संस्था से विधिक सहायता

अभी तक कोर्ट में ऐसे प्रकरण देखने में आते थे कि पति ने तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर ली। इसके उलट भाई वेलफेयर सोसाइटी में एक ऐसा मामला पहुंचा है, जिसमें महिला ने पहले पति से तलाक लिए बिना दूसरी शादी कर ली। पति ने विरोध किया तो महिला ने दहेज प्रताड़ना, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज करा दिया।

दूसरे पति को पता चला कि तलाक लिए बिना शादी की है तो उसने भी धोखा देने की बात कही। इस पर महिला ने उसके खिलाफ भी दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज करा दिया। अब दोनों पतियों ने पुरुषों के लिए काम करने वाली भाई संस्था से गुहार लगाई है कि उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

विवाद हुआ तो मायके चली गई पत्नी, कर ली दूसरी शादी
पहले पति ने बताया कि उसकी शादी नंवबर 2016 में हुई थी। पत्नी एक साल ठीक रही। उनके घर कभी भाई आ जाता तो कभी बहन। इसको लेकर बीच झगड़े शुरू हो गए। एक दिन पत्नी मायके चली गई। मनाने के लिए वह दो-तीन बार ससुराल भी गया। ससुराल वालों ने बाहर से ही भगा दिया। उसे उस समय सदमा लगा जब एक रिश्तेदार ने बताया कि पत्नी ने दूसरी शादी कर ली है। एक बच्चा भी है। इसके बाद पत्नी और परिजनाें ने षड़यंत्र करके उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज करा दिए। उसका पता तब चला, जब पुलिस ने थाने बुलाया।

दूसरे पति के खिलाफ भी दर्ज कराया प्रकरण
पहले पति ने अपने बचाव के लिए जब दूसरे पति से संपर्क किया था। उसने बताया कि अभी उनका तलाक नहीं हुआ है। इस पर दूसरे पति ने महिला के परिजनों को पूरी बात बताई। उन्होंने गलती मानने की जगह उसके साथ मारपीट की। महिला बच्चा लेकर मायके चली गई। उसकी पत्नी ने मायके जाकर उसके खिलाफ भी मारपीट, दहेज प्रताड़ना आदि धाराओं में केस दर्ज कराया।

शादी शून्य, पति चाहे तो कोर्ट में दायर कर सकता है परिवाद
हिंदू मैरिज एक्ट के मुताबिक महिला ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी की है। यह शादी शून्य मानी जाएगी। दूसरी शादी से जन्म लेने वाला बच्चा वैध रहेगा। उसके पिता पर जो अधिकार है, वह सुरक्षित रहेंगे। दोनों पति के खिलाफ जो प्रकरण दर्ज किए गए हैं उसके लिए उन्हें हाईकोर्ट में आवेदन देना होगा कि एक ही महिला संबंधित प्रकरण है इसलिए इनकी सुनवाई एक जगह हो। इसके बाद पति चाहे तो महिला के खिलाफ धोखाधड़ी करने परिवाद कोर्ट में दायर कर सकते हैं।
लालाराम मीणा, सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश

खबरें और भी हैं...