भोपाल में भगवान शिव की 51 फीट ऊंची मूर्ति:150 टन वजनी होगी, ओडिशा के कारीगर बना रहे; अगले साल पूरा होगा काम

भोपाल3 महीने पहले

भोपाल में भगवान शिव की 51 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है, जो 150 टन वजनी है। ओडिश के कारीगर मूर्ति बना रहे हैं। 75% तक काम पूरा हो चुका है। अगले साल काम पूरा होगा। दावा है कि यह देश की पहली पाषाण की मूर्ति होगी, जो इतनी वजनी और ऊंची है।

यह मूर्ति फंदा में मानसरोवर सेवा समिति बनवा रही है। अगले साल 26 जनवरी से 3 फरवरी के बीच प्राण-प्रतिष्ठा समारोह होगा। समिति के प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि श्रीराम कमल दास वेदांतीजी के सानिध्य में मानसरोवर धाम का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसका अवलोकन मंगलवार को महाराजजी ने धर्माचार्य एवं वैदिक ब्राह्मणों के साथ किया। मूर्ति बनाने का काम 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। शिवलोक में 11 फीट ऊंचा शिवलिंग भी बनाया जा रहा है। जिसके अंदर 1008 छोटे शिवलिंग होंगे।

फंदा में शिवलोक बनाया जा रहा है। जिसमें 51 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति और नंदी द्वार बनाए जा रहे हैं। यह आकर्षण का केंद्र है।
फंदा में शिवलोक बनाया जा रहा है। जिसमें 51 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति और नंदी द्वार बनाए जा रहे हैं। यह आकर्षण का केंद्र है।

कैलाश पर्वत भी बनवा रहे
समिति के अध्यक्ष संजय कश्यप ने बताया कि मानसरोवर धाम में कैलाश पर्वत का निर्माण भी किया जा रहा है। जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित होंगे। उनकी प्रतिमा अभी 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप की ही होंगी। मानसरोवर धाम की प्राण-प्रतिष्ठा का समारोह 26 जनवरी से 3 फरवरी तक होगा। जिसमें प्रतिदिन हजारों लोगों का भंडारा, राम कथा और वैदिक अनुष्ठान होंगे।

शिवलोक में कार्य का मुआयना करते समिति के पदाधिकारी।
शिवलोक में कार्य का मुआयना करते समिति के पदाधिकारी।

मूर्ति में यह रहेगा खास

  • शिवलिंग के सामने 5.5. फीट के नंदी महाराज पहरेदारी करेंगे।
  • कैलाश पर्वत की लंबाई 120 फीट और ऊंचाई 63 फीट रहेगी। इसके अंदर ही 12 ज्योर्तिलिंग होंगे।
  • शिवलोक में एक कुंड भी रहेगा। जिसमें गौमुख से जल गिरता रहेगा। वहीं, ऊं नम: शिवाय और महा मृत्युंजल मंत्र का जाप होता रहेगा।
  • शिवलोक में नंदी गेट बनाया जा रहा है। जिसमें 21 फीट ऊंचे नंदी बनाए जा रहे हैं। लंबाई 25 फीट रहेगी। नंदीजी के नीचे से ही शिवलोक में प्रवेश किया जाएगा।
  • नंदी गेट के साथ दोनों तरफ डमरू गेट एवं शंख गेट का निर्माण भी हो रहा है।
  • मानसरोवर धाम की प्लानिंग बेंगलुरू के आर्किटेक्ट श्रीधरजी और वास्तु प्लानिंग अहमदाबाद के धनसुख्ख सोमपुरा कर रहे हैं।