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कोविड संक्रमितों के परिजनों के लिए सुविधा:संवाद सेतु हेल्पडेस्क की मदद से दिन में दो बार वार्ड में भर्ती मरीजों से वीडियो कॉलिग से बात कर सकेंगे परिजन, जेपी में हेल्पडेस्क का शुभारंभ

भोपाल7 महीने पहले
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जयप्रकाश अस्पताल में संवाद सेतू हेल्पडेस्क पर टैबलेट से वार्ड में भर्ती मरीज से बात करती महिला - Dainik Bhaskar
जयप्रकाश अस्पताल में संवाद सेतू हेल्पडेस्क पर टैबलेट से वार्ड में भर्ती मरीज से बात करती महिला
  • स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने जयप्रकाश अस्पताल में संवाद सेतु हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया, सभी जिला अस्पतालों में सुविधा होगी शुरू

​​​​​कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) सभी जिला अस्पतालों में संवाद सेतु हेल्पडेस्क की शुरुआत कर रही है। इसके तहत ही जयप्रकाश अस्पताल में शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने संवाद सेतु हेल्पडेस्क का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि यह परिजनों और मरीजों के बीच संवाद की पहल की प्रशंसा की। साथ ही कहा कि यह व्यवस्था मरीज को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में परिजनों से बात कर मानसिक शक्ति प्रदान करेंगी। जय प्रकाश जिला अस्पताल में 120 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित है। इनमें से 65 पर मरीज भर्ती है। हेल्प डेस्क पर मरीजों को संक्रमण से बचाने के सभी प्रावधान का पालन किया जाएगा। यहां पर सैनिटाइजर से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।

यह मिलेगी सुविधा

संवाद सेतु हेल्प डेस्क पर कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों से उनके परिजन दिन में दो बार सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच बात कर सकेंगे। एक हेल्प डेस्क पर एनएचएम ने चार टैबलेट उपलब्ध कराए है। दो टैबलेट बाहर हेल्प डेस्क और दो वार्ड के अंदर रहेंगे। इन टैबलेट के मदद से परिजन अपने मरीज से बात कर सकेंगे और उनका हालचाल जान सकेंगे।

हेल्थ का ब्यौरा भी मिलेगा

इसके अलावा हेल्प डेस्क पर एक कंप्यूटर या लैपटॉप भी उपलब्ध रहेगा। इस पर वार्ड में भर्ती मरीज के संबंध में जानकारी रहेगी। जैसे उसका ऑक्सीजन लेवल समेत अन्य जानकारी परिजनों को मिल सकेगी।

इसलिए हुई शुरुआत

अस्पतालों में भर्ती मरीज का हालचाल जानने के लिए परिजन वार्ड में जा रहे थे। इसको लेकर कई शिकायत आ रही थी। इससे परिजन के साथ ही दूसरे लोगों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ रहा था। इसके अलावा वार्ड में नहीं जा पाने के कारण परिजनों को उनके मरीज से बात नहीं होने से उसके स्वास्थ्य की जानकारी को लेकर चिंता बना रहती थी। ऐसे में परिजनों की सुविधा के लिए संवाद सेतु हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है।

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