समस्या:गेहूं में जड़माहू के साथ लग रही इल्ली, पौधे हो रहे पीले, मसूर के साथ सरसों को भी माहू से नुकसान

पिपरई/अथाईखेड़ा/सेहरा ई22 दिन पहले
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  • किसान बोले- गेहूं के जिन पौधों की जड़ में ज्यादा माहू लगी है उनमें नुकसान हो चुका है
  • खरीफ सीजन की फसल बारिश के कारण हो चुकी है बर्बाद

क्षेत्र में किसानों की खड़ी गेहूं फसल में जड़ माहू्, मसूर और कहीं-कहीं सरसों में माहू रोग लगने लगा है। जड़ माहू और माहू रोग लगने से किसान चिंतित हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने रोग को नियंत्रित करने के लिए दवा का छिड़काव किया है। इससे कुछ हद तक तो फसल को राहत मिली है लेकिन कई खेतों में गेहूं की जड़ में ज्यादा माहू लग गई है वहां पर फसल को नुकसान हो चुका है। किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की फसल अधिक बारिश होने और बाढ़ के कारण पहले ही बर्बाद हो चुकी है। अब गेहूं की फसल में जड़ माहू लगने से रबी फसल को लेकर भी चिंता होने लगी है।

पिपरई, गेहूं में एक बार दवा डाली थी पर फायदा नहीं हुआ
पिपरई | रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं में इस बार जड़ माहू रोग लगने लगा है। इस रोग के कारण किसानों की फसल खेतों में खड़ी-खड़ी पीली होने लगती है। यदि इस रोग को नियंत्रित करने के लिए दवा नहीं डाली तो इससे फसल को काफी नुकसान होता है। किसान मोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने छह बीघा में गेहूं बोया है जो पीडा पड़ रहा है। एक बार दवा डाली थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

दोबारा से थायमेथोजाम 25 और फंगीसाइड डाला है। किसान प्रवीण धाकड़ ने बताया कि गेहूं बहुत पीला हो रहा है गेहूं में जड़ माहू के साथ इल्ली भी लग रही है। हमने फसल की बोवनी के समय 19.19.0 खाद डाली है। इल्ली के लिए भी दवा का छिड़काव कर रहे हैं। किसान गेंदालाल, बुंदेल सिंह ने बताया कि गेहूं में पीलिया रोड लगने से चिंतित हैं। जड़ माहू के कारण खेतों में खड़े गेहूं के पौधे सफेद होकर सूख रहे

अथाईखेड़ा, बमुरिया, छेबलाई, सागर सहित आसपास के कई गांव में गेहूं और मसूर की फसल में रोग लगने लगा है। गेहूं की फसल जड़ माहू के कारण पीली हो रही है। वहीं मसूर की फसल में भी माहू लग रही है। इससे फसल को बहुत नुकसान हो रहा है। किसान मुन्नालाल बारेठा, रामदयाल अहिरवार, दौलत सिंह कुशवाह ने बताया कि रबी सीजन की फसल में भी जड़ माहू लगने से फसल खराब हो रही है। पहले खरीफ सीजन की फसल अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण बर्बाद हो गई थी।

गेहूं की फसल की जड़ में माहू लगने से परेशान है। फसल को बीमरी से बचाने के लिए दवा का छिड़काव किया जा रहा है कुछ हद तक लाभ है लेकिन जिन खेतों में अधिक माहू लग चुकी है उसमें नुकसान हो गया है। जड़ माहू के कारण किसान परेशान हो रहा है।

गेहूं में लग रहे जड़ माहू रोग से किसान चिंतित
गेहूं की फसल में जड़ माहू रोग लग रहा है। जड़ माहू रोग लगने से किसान चिंतित है। किसानों का कहना है कि अचानक ही खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पीली पड़ने लगती है। इससे परेशानी हो रही है। किसान जड़ माहू की बीमरी को खत्म करने के लिए दवा का छिड़काव कर रहे हैं। दवा छिड़काव से कुछ हद तक फसल को लाभ हो रहा है। लेकिन रोग पूरी तरह से नष्ट नहीं हो रहा है। इस संबंध में कृषि विस्तार अधिकारी एसयू खान ने बताया कि अधिक गीली जगह होने से व अधिक सर्दी होने से गेहूं की फसल में जड़ माहू रोग लग जाता है।

इससे फसल के पत्ते पीले पड़ जाते हैं। इससे पौधा नष्ट होने लगता है। इस रोग के नियंत्रण के लिए किसान क्लोरोपायरी फास 50 ईसी, प्लाससाइपरमैथ के घोल का गेहूं पर छिड़काव करें। इससे यह रोग नष्ट हो जाएगा। किसान चाहे तो इसमें यूरिया का घोल भी मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं। इससे भी रोग में लाभ होगा। पिछले साल इसी समय गेहूं की फसल में जड़ माहू के साथ इल्लीी रोग लगा था इससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ था।

अच्छी बारिश होने के बाद किसान फसलों में डालने लगे खाद

बुधवार शाम 7 बजे से क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश होने से फसलों को भरपूर पानी मिल गया है। इससे किसानों को रात-रात भर जागकर खेतों में पानी देने से निजात मिल गई है। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। अभी किसान अपनी फसलों में रात को जागकर पानी दे रहा था। बुधवार रात से हो रही अच्छी बारिश से किसानों को पानी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

बारिश होने से किसानों को रात-रात भर जागकर पानी देना नहीं पड़ेगा। बारिश से किसानों को डीजल और बिजली की भी बचत होगी। बारिश के बाद किसान अपने खेतों में यूरिया डालने में लग गए हैं। इस बार किसानों को गेहूं की फसल पिछले सालों की अपेक्षा अच्छी होने की उम्मीद है।

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