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10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित:पहली बार 100 प्रतिशत परिणाम, असंतुष्ट हैं तो दे सकेंगे परीक्षा

रायसेन21 दिन पहले
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1985 के बाद इस बार 10वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही पास कर दिया गया है। ऐसा कोरोना संक्रमण के कारण हुआ है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित नहीं हो पाई। बिना परीक्षा दिए ही इनका रिजल्ट घोषित करना माध्यमिक शिक्षा मंडल के लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन शिक्षा मंडल ने तीन स्तर पर छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन करना निर्धारित किया और उसी आधार पर यह रिजल्ट घोषित किया है।

10वीं का यह परीक्षा परिणाम छमाही और प्री-बोर्ड परीक्षा के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार हुआ है। इस तरह जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में दर्ज 16 हजार 269 विद्यार्थी और प्राइवेट तौर पर फार्म भरने वाले 1662 छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है।

त्रिस्तरीय मुल्यांकन के आधार पर बिना परीक्षा दिए ही 16269 नियमित और 1662 प्राइवेट विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित

परीक्षा देने के बाद जो परिणाम आता उससे ज्यादा संतुष्टि मिलती : गौरव
बुधवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं का जो परीक्षा परिणाम बिना परीक्षा लिए घोषित किया है, उससे छात्र-छात्राएं ज्यादा संतुष्ट नहीं है। छात्र गौरव लोधी का कहना था कि परीक्षा देने के बाद जो परिणाम आता है, उससे ज्यादा संतुष्टि मिलती है। यह परीक्षा परिणाम तो सिर्फ जुगाड़ वाला है।

इसमें हर कोई पास हो गया, जिससे होनहार छात्रों की प्रतिभा पर असर भी पड़ा है। छात्र राधाकृष्णन स्कूल के छात्र राहुल गुप्ता का कहना था कि वह इस प्रकार के परिणाम से संतुष्ट तो नहीं है, लेकिन अब नए तरीके से परीक्षा देना भी उचित नहीं है।

परीक्षा देने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी, अंक उसी के अनुरूप मिले: दीक्षा
शुरुआत से ही टॉपर रहीं शाइनिंग स्कूल की 10वीं की छात्रा दीक्षा विश्वकर्मा ने बताया कि उसने 95 प्लस अंक पाने के हिसाब से मेहनत की थी, लेकिन उसे 93 फीसदी अंक मिले है, जो उसके आकलन के करीब है। उसने अच्छे अंक लाने के लिए शुरू से ही पढ़ाई थी, लेकिन परीक्षा अचानक निरस्त कर दी गई, जिससे उसके मन में यह बात भी आई थी कि अब उसे इतने अंक मिलेंगे भी नहीं। हालांकि, उसे पुराने सालों के रिकार्ड के अनुसार ही अंक प्राप्त हुए है।

तीन प्रकार के मापदंड से बना रिजल्ट

  • बोर्ड परीक्षा के इतिहास में यह दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब बिना परीक्षा दिए मंडल ने परिणाम घोषित किया है। इस बार परिणाम तैयार करने के लिए तीन प्रकार के मापदंड तय किए गए थे, उस आधार पर यह परिणाम घोषित हुआ है। प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के अनुसार ही अंक प्राप्त होंगे। - आनंद शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, रायसेन।

असंतुष्ट छात्र दे सकते हैं परीक्षा, एक अगस्त से रजिस्ट्रेशन
स्कूल संचालक सतेंद्र सिंह राणा ने बताया कि कोरोना काल को ध्यान में रखकर जिस तरीके से परीक्षा परिणाम बनाया है वह छात्रों के लिए उपयुक्त है। शिक्षा मंडल ने असंतुष्ट छात्रों को परीक्षा देने की व्यवस्था भी की है। इसके लिए एक से 10 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवाकर 1 से 25 सितंबर के बीच होने वाली परीक्षा शामिल हो सकते हैं और मार्कशीट ले सकते हैं।

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