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सिंचाई विभाग:14 तालाब खाली, 8 हजार हेक्टेयर में फसलाें काे मिलेगा कम पानी

रायसेन8 महीने पहले
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सिंचाई विभाग के अंतर्गत जिले में 59 तालाब आते हैं। बारिश में इन तालाबों में जमा हाेने वाले पानी का उपयोग पलेवा से लेकर तीन बार की फसल सिंचाई के लिए भी किया जाता है लेकिन ऐसा तब हो पाता है जब तालाब 100 प्रतिशत भरे हुए है। यदि ये तालाब खाली रह जाते हैं इसका असर फसलों के उत्पादन पर भी पड़ता है। इस बार जिले में 1424 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से भी 200 मिमी अधिक है। इसके बावजूद 14 तालाब खाली रह गए है। जबकि इन खाली तालाबों में से 10 तालाब ऐसे हैं , जिनका जल स्तर 29 से 90 प्रतिशत तक है जबकि 5 तालाबों का जल स्तर 90 प्रतिशत से अधिक है। ^सिंचाई विभाग के 59 तालाबों में से 45 तालाब 100 प्रतिशत भर गए हैं । जबकि 14 तालाब कुछ खाली रह गए हैं। जहां तालाब खाली रहे हैं, वहां सिंचाई के लिए कुछ काम पानी मिल पाएगा । प्रतिभासिंह, ईई जल संसाधन विभाग, रायसेन

45 तालाबों में 100 फीसदी भरा पानी
सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना सहित 45 तालाबों में 100 प्रतिशत पानी जमा हो गया है । इससे करीब 42 हजार हेक्टेयर रकबे को पलेवा के अलावा भी तीन बार सिंचाई के लिए पानी मिल पाएगा । इससे इन क्षेत्रों में फसलों का अच्छा उत्पादन होने की संभावना बनी रहेगी ।

14 तालाबों में से काैनसा कितने प्रतिशत खाली

तालाब प्रतिशत दाहोद टैंक 98.44 वनछोड़ टैंक 97.65 घाट पिपलिया 94.85 पाती टैंक 90.85 अमोदा टैंक 90.38 अमरावद टैंक 89.47 बरवटपुर टैंक 86.46 तालाब प्रतिशत माखनी टैंक 85.11 भीमबेठिका 84.78 पिपलई टैंक 84.44, मऊ पथरई 84.18 बेरखेड़ी टैंक 77.11 परसोरा टैंक 61.59 बारखंदा टैंक 29.55

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