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  • 3 Villages Will Be Submerged Due To The Construction Of Madhiya Dam, Water Will Be Filled In 39, Delay In Compensation Displacement ... We Will Suffer The Pain Of Submergence But The Ocean Will Get Water

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जमीन के बदले जमीन:मढ़िया बांध बनने से डूबेंगे 3 गांव, 39 में भरेगा पानी, मुआवजा विस्थापन में देरी...

रायसेन8 दिन पहले
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  • डूब का दर्द हम सहेंगे पर सागर को मिलेगा पानी
  • डूबने का दर्द झेलेगा रायसेन, खुशहाली सागर में }बीना नदी पर मढ़िया बांध बनने से बेगमगंज के 3 गांव बनेंगे हरसूद

बीना नदी पर मढ़िया बांध का काम शुरू हो गया है। ये बांध बन तो रायसेन जिले की सीमा में रहा है, लेकिन इसका पूरा फायदा सागर जिले के ग्रामीणों को मिलेगा। इतना ही नहीं इस बांध की चपेट में सबसे ज्यादा 39 गांव भी रायसेन जिलेे के ही आ रहे हैं, इनमें से तीन गांव तो पूरी तरफ से हरसूद की तरह डूब जाएंगे। इस बांध का काम फिर से शुरू होने से बेगमगंज तहसील के 39 गांव के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इन गांवों में से तीन गांव ककरुआ, चांदामऊ और खिरिया पाराशर पूरी तरह से डूब में आ रहे हैं। इतने पर भी इन गांव में रहने वाले ग्रामीणों को अब तक यह तक मालूम नहीं है कि उन्हें कहां पर बसाया जाएगा। इस बात को लेकर भी गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पुरखों की जमीन बांध के पानी में डूब रही है, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया जा रहा है और न ही उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी दी जा रही है। इस तरह उन्हें गुमराह कर बांध बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि डूब में आने से उन्हें गांव तो छोड़ना पड़ेगा, पर उन्हें जहां पर भी बसाया जाए, वहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं भी मिलना चाहिए, ताकि वहां रहकर परिवार का पेट पाल सकें।

जिले के डूब में आने वाले तीन गांवों की स्थिति

गांव ककरूआ बरामद गढ़ीः
80 परिवार निवास करते हैं, गांव की आबादी 500 है।
यहां पर 300 एकड़ कृषि भूमि है। गांव में प्राइमरी स्कूल का भवन है। गांव टीले पर हैं, बांध बनने के बाद डूब में आएगा।

चांदामऊः
80 मकान हैं, जिनमें 400 की आबादी रहती है।
प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी का भवन बना हुआ है। इस गांव में करीब 300 एकड़ जमीन है। गांव में तीन मंदिर भी बने हुए हैं।

खिरिया पाराशर:
10 परिवार, 250 एकड़ जमीन और 100 लोगों की आबादी है। निकलने के लिए लोनिवि खजुरिया घाट पर पुल बना रहा है। पहले जल संसाधन विभाग ने इसका निर्माण रुकवा दिया था।

बांध बनने से यह फायदा: सागर जिले के 403 गांवों की 90 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी
बीना सिंचाई परियोजना के लिए दो बांध बन रहे हैं, जिनमें एक मढिया और दूसरा चकरपुर पर प्रस्तावित है। इन बांधों को करीब 3735.90 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इनमें 344.41 मि.घन मीटर पानी का भराव होगा। 300 मिलियन घन मी. पानी से सागर जिले के 403 गांवों में 90 हजार हे. भूमि में सिंचाई की जा सकेगी। जबकि इनसे तीन ग्रामीण पेयजल समूह के लिए 37.77 मिलियन घन मीटर पानी आरक्षित भी रखा जाएगा।

सागर हाईवे का कुछ हिस्सा भी डूबेगा, बनेगा फ्लाई ओवर
बीना बांध परियोजना के अधिकारियों की माने तो भोपाल- सागर मार्ग पर दो स्थानों पर सड़क भी पानी में डूब में आएगी । इस कारण एक स्थान पर ढाई किमी और दूसरे स्थान पर डेढ़ किमी का फ्लाई ओवर ब्रिज भी बनाना पड़ेगा । ताकि भोपाल-सागर मार्ग पर आवागमन सुचारु रूप से बना रहे।

परियोजना एक नजर में

3735.9 करोड़ कुल लागत है इस प्रोजेक्ट की

90000 हे. सिंचाई क्षेत्र (सागर जिले के 403 गांव) है।

3 गांव डूब प्रभावित, 39 आंशिक प्रभावित रायसेन जिले में।

120 फीट ऊंचा होगा मढ़िया बांध, ताकि यहां पर 32 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा सके। इसी कारण बेगमगंज तहसील के कई गांवों में बांध का पानी भरे रहने की पूरी आशंका है।

ग्रामीणाें की दास्तांः जहां पर पूरा बचपन बीता, अब उसे कैसे छोड़ें

चांदामऊ के 90 वर्षीय उमराव प्रजापति और 62 साल निरपत सिंह बताते हैं कि उनकी पूरी जिदंगी इस गांव में गुजर गई, अब पता चला है कि बांध बनने के बाद उनका गांव पानी में डूब जाएगा। वैसे तो गांव छोड़ने का मन नहीं है, लेकिन जब गांव पानी से घिर ही जाएगा, तो उन्हें मजबूरी में गांव छोड़ना होगा। इसलिए जब गांव डूब रहा है तो गांव के सभी लोगों को जमीन के बदले जमीन और जहां पर उन्हें बसाया जाए, वहां सभी सुविधाएं मिलें, ताकि शेष जिंदगी वहां पर अच्छे से कट जाए। ऐसा ही कहना नंदन प्रजापति, बैजनाथ सिंह लोधी, महेंद्र अहिरवार और हरिराम प्रजापति का है। उन्हें यह तक नहीं मालूम है कि उन्हें अब किस स्थान पर बसाया जाएगा। कहते हैं काेई अफसर नहीं बताते नहीं हैं।

2025 तक पूरा करना है प्रोजेक्ट

^बीना बांध बहू उददेश्यीय परियोजना के लिए दो बांध बनाए जा रहे है। यह प्रोजेक्ट 2025 तक पूरा करना है। इस बांध के बनने से बेगमगंज के तीन गांव पूरी तरह से डूब में आएंगे। भोपाल-सागर हाईवे की सड़क पर जहां पर पानी आएगा, वहां पर फ्लाई ओवर भी बनेगा। आलोक खरे, परियोजना समन्वयक बीना बांध परियोजना

जिले को पहले मिले पानी, पत्र लिखेंगे

​​​​​​​​​​​​​​^मढ़िया डेम रायसेन जिले में बन रहा है, इसलिए पहले उसका फायदा हमारे जिले को मिलना चाहिए। बेगमगंज क्षेत्र के गांव डूब में न आएं, और डूब प्रभावित गांवों के लोगों के विस्थापन के बेहतर प्रयास हों। इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर समस्या का हल कराया जाएगा।
रामपाल सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक

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