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राहत की खबर:जिला अस्पताल में 60 बेड का ऑक्सीजन युक्त कोविड केयर सेंटर होगा तैयार

रायसेनएक महीने पहले
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जिला अस्पताल में तैयार हो रहा है ऑक्सीजन प्लांट के लिए  स्ट्रक्चर। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में तैयार हो रहा है ऑक्सीजन प्लांट के लिए स्ट्रक्चर।
  • नए मरीजों का सुविधाएं उपलब्ध कराने में जिला अस्पताल प्रबंधन को परेशानी आ रही हैं

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में सबसे अधिक परेशानी आक्सीजन युक्त बेड की कमी के कारण आ रही है। पहले से ही बेड फुल होने के कारण नए मरीजों का सुविधाएं उपलब्ध कराने में जिला अस्पताल प्रबंधन को परेशानी आ रही हैं। वहां 86 बेड करीब 25 दिन से फुल चह रहे हैं। डॉक्टरों का आवंटित कक्षों में बेड लगाकर मरीजों को इलाज करना पड़ रहा है, लेकिन अब इस तरह की परेशानियों से राहत मिलने वाली हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने 60 बेड वाले नए डेडिकेटेड कोरोना केयर सेंटर और 10 बेड वाला नए आइसीयू के लिए स्वीकृति दी थी। तब से निर्माण कार्य चल रहा है। यहां 60 बेड लगाकर हर पलंग पर सेंट्रलाइज ऑक्सीजन सिस्टम भी लगाया गया है। इससे मरीजों को सिलेंडर उठाकर लाने और ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

स्थानीय स्तर पर आक्सीजन की आपूर्ति के लिए आक्सीजन प्लांट भी लगाया जा रहा है। यह प्लांट शुरु होने के बाद प्रतिदिन 6 लाख लीटर आक्सीजन हवा से बनाएगा।

परेशानी: रोज मिल रहे 150 से 200 मरीज
जिले में बीते दिनों से रोज ही 150 से 200 के बीच नए मरीज मिलते जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नए मरीज मिलने से उपलब्ध सभी संसाधन कम पड़ने लगते हैं। हालांकि जिले भर वेंटीलेटर और बेड की संख्या बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इससे अधिक मरीजों को कोरोना संक्रमण के दौर में स्थानीय स्तर पर ही उचित इलाज मिल सके ।

जिले के ब्लाक मुख्यालयों पर 118 आक्सीजन युक्त बेड दिए जाएंगे
सिलवानी विधायक रामपालसिंह राजपूत, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने भी विधायक निधि से राशि उपलब्ध करवा कर अपने विधान सभा क्षेत्रों में आक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध कराएं हैं। इस तरह से जिला अस्पताल के अलावा जिले के दूसरे ब्लॉकों में करीब 118 बेड उपलब्ध हैं। हालांकि, इन दिनों अधिकतर बेड फुल चह रहे हैं।

इनमें सिविल अस्पताल मंडीदीप में 15, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औबेदुल्लागंज में 20, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिलवानी में 15, सिविल अस्पताल बेगमगंज में 15, सिविल अस्पताल में बरेली में 20, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांची में 08, गैरतगंज में 10 और उदयपुरा में 15 बेड उपलब्ध कराएं गए हैं।
आक्सीजन प्लांट का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है , 15 मई डेड लाइन
जिला अस्पताल की पीछे स्थित वैक्सीन स्टोर के पास ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए पीआईयू द्वारा उसका स्ट्रेक्चर तैयार कर लिया गया है। अब मशीनें आने के बाद उसमें लगा दी जाएंगी। इसके बाद यह प्लांट आक्सीजन बनाना शुरु कर देगा। इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 6 लाख लीटर हवा से आक्सीजन बनाने की होगी। इतनी आक्सीजन से जिला अस्पताल की 80 प्रतिशत मांग पूरी हो सकेगी। 6 लाख लीटर आक्सीजन से 100 जंबो सिलेंडर भरे जा सकेंगे। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब ऑक्सीजन के 125 जंबो सिलेंडर की जरूरत होती है। इस प्लांट को 15 मई तक पूरा करने की डेड लाइन तय की गई है।

ऑक्सीजन युक्त बेड इसलिए जरूरी

डाक्टरों के अनुसार कोविड के मरीजों को जब फेंफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है, तो सांस लेने में परेशानी शुरू हो जाती है। उस समय आक्सीजन सेचुरेशन कम हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक 95 प्रतिशत से आक्सीजन सेचुरेशन कम होता है, तो मरीज को ऑक्सीजन लगाने की जरूरत पड़ती हैं। ऑक्सीजन मरीजों की जान बचाने के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके अभाव में मरीजों की मौत भी हो जाती है। कर रहे हर संभव प्रयास

कोरोना महामारी का बड़ा सकंट आया है, लेकिन प्रदेश सरकारी पूरी ताकत से व्यवस्थाएं जुटाने में लगी हैं। जिला अस्पताल में 10 बेड वाला नया आईसीयू और 60 बेड वाला डेडिकेटेड कोरोना केयर सेंटर बनाया जा रहा है। जिले में सभी स्थानों पर बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया जा रहा है। हम मौके सुविधाओं को जायजा ले रहे हैं। संक्रमण को रोकने में सफलता भी मिल रही हैं।
-डॉ. प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री, मप्र शासन।

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