विदिशा तक कोई भी बांध नहीं:सड़क जैसी दिखने लगी बेतवा नदी हैंडपंप- ट्यूबवेलों का भी गिरा जलस्तर

रायसेनएक महीने पहले
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मंडीदीप के पास झिरी गांव से निकली बेतवा नदी की धारा 480 किमी का सफर तय करके उत्तर प्रदेश के हमीरपुर गांव में यमुना नदी में मिल जाती है। बेतवा नदी रायसेन जिले में 90 किमी क्षेत्र में बहती है और करीब 125 गांव इस नदी के किनारे बसे हुए हैं।

बेतवा नदी के उद्गम स्थल से लेकर विदिशा तक कोई भी बांध नहीं है, जिससे गर्मी शुरू होते ही बेतवा नदी का आंचल कई स्थानों पर सूख जाता है, जबकि एक समय बेतवा नदी 12 महीने पानी बना रहता था, लेकिन जब से सिंचाई के लिए पानी का दोहन शुरू हुआ है, तब से बेतवा नदी समय से पहले ही सूखने लगी है, जिसका असर यह हो रहा है कि गर्मी के दिनों में नदी से मवेशियों के लिए पानी मिलना तक मुश्किल होने लगा है। नदी के सूखने से जल स्तर भी कम हो जाता है। गर्मी के दिनों में हैंडपंपों और ट्यूबवेल का पानी काफी नीचे जला जाता है।

झिरी गांव से निकली बेतवा नदी जिले में 90 किमी और कुल 480 किमी का सफर तय कर उप्र के हमीरपुर में यमुना में मिलती है

मकोड़िया बांध बनाकर रोका जा सकता है पानी
बेतवा नदी पर रायसेन के पास मकोड़िया गांव में बांध बनाने की मांग लंबे से उठती रही है। इस गांव के पास यह बांध बन जाता है तो बारिश के पानी को बांध में रोका जा सकता है और उसे जरूरत के समय सिंचाई व पीने के पानी के रूप में उपयोग में लाया सकता है। इस बांध के निर्माण के लिए विदिशा और रायसेन के लोग आंदोलन भी कर चुके हैं।

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