रबी की बोवनी के लिए सही समय:रात का तापमान 10 डिग्री के आसपास होने से‎ फसलों में अंकुरण और ग्रोथ दोनों को फायदा‎

रायसेन‎एक महीने पहले
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सुबह और शाम गुलाबी ठंड के‎ साथ छा रही कोहरे की धुंध।‎ - Dainik Bhaskar
सुबह और शाम गुलाबी ठंड के‎ साथ छा रही कोहरे की धुंध।‎
  • 4 लाख 30 हजार हेक्टेयर में की जानी है बोवनी, 5.72 प्रतिशत हुई‎

बीते दिनों से उत्तर-पूर्व और‎ दक्षिण-पूर्व से चल रही हवा से शहर‎ सहित जिले का मौसम रबी फसलों के‎ लिए पूरी तरह से मुफीद बन गया है।‎ ऐसा इसलिए की बीते दस दिनों से रात‎ का (न्यूनतम) तापमान 10 डिग्री के‎ आसपास चल रहा है। जो कि रबी‎ फसलों के अंकुरण और बढ़वार के‎ लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है।‎

शहर में 21अक्टूबर को रात का‎ तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया था,‎ जो 24 घंटे बाद 3.2 डिग्री गिरकर‎ 10.8 पर आया गया। तब से ही महज‎ एक दिन 2 नवंबर को छोड़कर 9 में से‎ 8 दिनों में तापमान 10 डिग्री के‎ आसपास ही चलता आ रहा है।

इसको‎ लेकर किसानों ने अक्टूबर के आखिरी‎ सप्ताह से ही रबी की बोवनी का काम‎ शुरू कर दिया सांची, बेगमगंज,‎ गैरतगंज, सिलवानी, उदयपुरा में रबी‎ की बोवनी का काम चल रहा है।‎ सोयाबीन और खरीफ की दूसरी‎ फसलों के खेत खाली होने के बाद से‎ पलेवा कर किसानों ने गेहूं, चना और‎ रबी फसलों के लिए बोवनी तेजी से‎ शुरू कर दी है।‎

रबी फसल की 5.72 प्रतिशत हुई बोवनी‎
जिले में इस बार रबी की बोवनी के‎ लिए 4 लाख 30 हजार हेक्टेयर के‎ रकबे के लिए लक्ष्य रखा गया है,‎ लेकिन 3 नवंबर की स्थिति में महज‎ 5.27 प्रतिशत रकबे में ही बोवनी हो‎ पाई है, जबकि जिले मे गेहूं 270, चना‎ 126.60, मसूर की बोवनी करीब 30‎ हजार हेक्टेयर में किए जाने का लक्ष्य‎ तय किया गया है।‎

उत्तर-पूर्व और दक्षिण पूर्व से चल रही हवा के कारण गिरा तापमान‎

डीजल का रेट 17 रुपए प्रति लीटर कम‎ होने से प्रति एकड़ 136 रुपए की बचत‎
शहर सहित जिले में डीजल का रेट 108 रुपए से 17‎ रुपए प्रति लीटर कम होकर 91.04 रुपए पर आ गया।‎ एक फसल के लिए 3 बार खेतों की हकाई करने के बाद‎ बोवनी की जाती है।

एक हेक्टेयर की हकाई में औसतन‎ 2 लीटर डीजल की खपत होती हैं। इस तरह चार बार में‎ 8 लीटर डीजल खर्च होता है। इस तरह किसानों को एक‎ हेक्टेयर में डीजल पर 136 रुपए की कमी आएगी। बीते‎ सालों में सोयाबीन की फसल में होते आ रहे‎ नुकसान‎ को लेकर इस बार महज 38 हजार हेक्टेयर‎ रकबे में ही‎ बोवनी की गई थी, जबकि धान 2 लाख 46‎ हजार‎ हेक्टेयर पर पहुंच गया था। औबेदुल्लागंज, बाड़ी और‎ उदयपुरा क्षेत्र में अधिक‎ रकबे में धान की बोवनी हुई है।‎

प्रदेश में पचमढ़ी और रायसेन सबसे ठंडे‎

  • बीते दिनों से शहर सहित जिले का तापमान पचमढ़ी के‎ बाद दूसरे नंबर पर बना हुआ है, शुक्रवार को ही यही‎ क्रम रहा। पचमड़ी में रात का तापमान 10.2 और‎ रायसेन में 10.4 डिग्री दर्ज हुआ , जबकि उमरिया में‎ 11.4 और मंडला में 11.5 डिग्री तापमान दर्ज किया।‎ - पीके साहा, मौसम वैज्ञानिक।‎

कम तापमान फसल के लिए सही‎

  • इस समय न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री के बीच‎ चल रहा है। जो रबी की बोवनी के लिए बहुत ही मुफीद‎ है। कम तापमान में जहां एक और अंकुरण अच्छा होता‎ है तो वहीं फसल की ग्रोथ भी अच्छी होती है।‎ - डॉ. स्वप्निल दुबे, कृषि वैज्ञानिक।‎

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