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कोरोना से बचाव:कल से गर्भवती महिलाओं को लगेगी वैक्सीन जिले में साल भर में होती है 36 हजार डिलीवरी

रायसेन6 दिन पहले
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केंद्रों पर लग रही लाइन वैक्सीन लगवाने के लिए। - Dainik Bhaskar
केंद्रों पर लग रही लाइन वैक्सीन लगवाने के लिए।
  • जिले में अब तक 36.55% लोगों को ही लगा सुरक्षा का डोज, 63.45% वैक्सीन से वंचित
  • 32.30 % लोगों ने प्रथम और 4.25 % ने लगवाया दूसरा वैक्सीन का डोज

कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं को बताया गया था। इस कारण कोविड-19 के संक्रमण काल में उन्हें ज्यादा सुरक्षित रखने के प्रयास भी हुए थे। संक्रमण से बचाव के लिए डिलीवरी के बाद प्रसूता महिलाओं की एक-दो दिन में ही छुट्टी तक कर दी जाती थी, ताकि जच्चा और बच्चा को किसी प्रकार का संक्रमण न सके।

अब तीसरी लहर भी आने की संभावनाएं जताई जा रही है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अब उन्हें वैक्सीन का डोज लगाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने कर ली है। इसकी शुरुआत शुक्रवार 23 जुलाई से हो रही है। गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाए जा रहे वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन का डोज लगाने की व्यवस्था की गई है। जांच के लिए केंद्रों पर आने वाली इन महिलाओं को वैक्सीन लगवाने के फायदे बताकर उन्हेंं डोज लगवाने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा, ताकि जिले भर की गर्भवती महिलाओं को समय पर वैक्सीन का डोज लगता रहा।

यहां भी दिक्कत... जिले में अब तक 15.45% महिलाओं को ही लग पाई है वैक्सीन

डोज की कमी होने से वैक्सीनेशन सेंटर से निराश होकर लौट रहे लोग
पहले लोग डर और अफवाह के चलते वैक्सीन नहीं लगवा रहे थे, लेकिन अब लोग स्वयं वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो वहां पर वैक्सीन का टोटा होने से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। यही कारण है कि 60 फीसदी युवाओं को अब तक वैक्सीन का पहला डोज नहीं लग पाया है, जबकि जिले के 53.34 फीसदी बुजुर्ग वैक्सीन लगवा कर जिले भर में अव्वल बने हुए हैं।

अब तक 36.55% लोग ही हुए सुरक्षित
जिले भर में 13 लाख 31 हजार 567 की आबादी है, जिसमें से 69 फीसदी अर्थात 10 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक 36.55 फीसदी अर्थात 4 लाख 2 हजार 111 लोगों को वैक्सीन लग पाई है, जिसमें 1 लाख 69 हजार 990 महिलाओं ने वैक्सीन लगवा ली है, इनका प्रतिशत मात्र 15.45 % ही है, जबकि दो लाख 32 हजार 060 पुरुष जो 21.09 % है।

जिले में हर साल होती है 36 हजार डिलीवरी
जिले भर में साल भर में 36 हजार से अधिक डिलीवरी होती है। जिला अस्पताल में ही हर साल 3 से 4 हजार डिलेवरी होती है। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता अतुलकर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में 10 संक्रमित महिलाओं की डिलेवरी करवाई गई थी। यदि गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लग जाती है, तो उन्हें तो सुरक्षा मिलेगी ही साथ ही नर्सिंग स्टॉफ को भी उनकी डिलेवरी करवाना काफी सुरक्षित हो जाएगा।

सीधी बात डॉ. सोमनदास
सवाल- जिले भर में वैक्सीनेशन क्यों प्रभावित हो रहा है
जवाब- जिले के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल पा रही है, जिससे दिक्कत आ रही है।
सवाल- वैक्सीनेशन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा
जवाब- जिले के लिए पर्याप्त वैक्सीन मिलना प्रारंभ हो जाए तो लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
सवाल- गर्भवती महिलाओं को कब से वैक्सीन लगेगी
जवाब- जिला और तहसील मुख्यालय पर 23 जुलाई शुक्रवार से गर्भवती महिलाओं को भी वैक्सीन लगना प्रारंभ की जा रही है ।
सवाल- जब महिलाएं ही वैक्सीन लगवाने में पीछे है तो गर्भवती महिलाओं को कैसे तैयार करेंगे
जवाब- वैक्सीन से सुरक्षा ही मिलेगी, यह बात उन्हें समझाएंगे। क्योंकि संक्रमण काल का गर्भवती महिलाओं को ही ज्यादा खतरा बताया गया था।
सवाल- लोग दूसरा डोज नहीं लगवा रहे है, क्योंकि
जवाब- जिन्होंने भी वैक्सीन का पहला डोज लगवाया है, उन्हें दूसरा डोज भी लगवाना चाहिए, तभी वैक्सीन का असर ज्यादा होगा।

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