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सड़कों पर अंधेरा:सतलापुर रोड, सेक्टर ए और 40 ब्लाक सहित अन्य सेक्टरों में 1 माह से खंभों की बिजली बंद

रायसेन16 दिन पहले
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सतलापुर रोड और सड़कों पर एक महीने से छाया है अंधेरा। - Dainik Bhaskar
सतलापुर रोड और सड़कों पर एक महीने से छाया है अंधेरा।
  • अंधेरे में मजदूरों के साथ लूट और कारखानों में हो रही है चोरी की घटनाएं

एमपीआईडीसी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में हाइमास्ट लाइट लगाई गई है, लेकिन वे लंबे समय से नियमित रूप से मेंटेनेंस ना होने के कारण बंद पड़ी हुई हैं। इसके चलते क्षेत्र की सड़कों पर अंधेरा पसरा हुआ है। इसके अभाव में जहां मजदूरों को अंधेरे में आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं उनके साथ लूट और कारखानों में चोरी की घटनाएं हो रही है।

परंतु इन सब के बाद भी एमपीआईडीसी के जिम्मेदार अधिकारी बंद पड़ी लाइटों का रखरखाव कराने की बजाय इस और से लापरवाह बने हुए हैं। इधर औद्योगिक संगठन ने एमपीआईडीसी अधिकारियों से बंद पड़ी हाइमास्ट लाइटों को शीघ्र चालू कराने की मांग की है।

ज्ञात है कि एमपीआईडीसी द्वारा क्षेत्र के अधोसंरचना विकास के अंतर्गत 8 साल पहले साढे 3 हजार हेक्टेयर एरिया में फैले औद्योगिक क्षेत्र को रोशन करने के लिए ए,बी,सी एवं डी चारों सेक्टरों के तिराहे एवं चौराहों पर 58 हाई मास्ट लाइट तथा सतलापुर फोरलेन रोड पर 218 स्ट्रीट लाइट लगाई गईं हैं।

जिनका उचित मेंटनेंस न होने के कारण इनमें से अधिकांश बंद पड़ी हुई हैं। एमपीआईडीसी बिजली बिल के रूप में लगभग डेढ़ लाख रू हर महीने बिजली विभाग को चुकाता है। एमपीआईडीसी ने इनके मेंटेनेंस का जिम्मा शिलफील्ड ठेका कंपनी को सौंप है। जिसे हर महीने मेंटेनेंस के नाम पर लगभग 100000 से अधिक की राशि चुकाई जाती है।

परंतु इसके बाद भी ठेका कंपनी इन लाइटों का नियमित रूप से रखरखाव करने को लेकर संजीदा नहीं है। यही कारण है कि क्षेत्र की अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हुई है जबकि सतलापुर रोड पर लगी स्ट्रीट लाइट तो पूरी तरह से बंद है।

अंधेरे के कारण लूट और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है
एक उद्योगपति ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की स्ट्रीट और हाई मास्ट लाईट बंद पड़ीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति रही तो आगामी बारिश के दिनों में यह परेशानी और विकराल रूप ले लेगी।इससे दुर्घटना व आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। यहां बीते करीब एक माह से अंधेरा पसरा हुआ है। इधर एमपीआईडीसी ठीक तरह से इनका रखरखाव नहीं कर पा रहा है।

मेंटेनेंस पर वसूलतें हैं मोटी राशि
एएआईएम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में व्यवस्था बनाने के नाम पर एमपीआईडीसी उद्योगपतियों से मेंटेनेस चार्ज 75 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के मान से मोटी धनराशि वसूलता है। बावजूद इसके एमपीआईडीसी सुचारू व्यवस्था बनाने में नाकाम हो रहा है।

इन क्षेत्रों में है ब्लैक आउट
सतलापुर मार्ग सेक्टर ए में लगी स्ट्रीट लाईट बंद पड़ीं हैं। इसी तरह 40 ब्लॉक क्षेत्र अंधेरे में डूबा है। खेड़ापति माता मंदिर से अस्पताल जाने वाले मार्ग के भी यही हाल हैं। सांवरिया कंपनी से कोलंबिया फेक्ट्री जाने वाली सड़क भी अंधेरे में डूबी है। न्यू इंडस्ट्रीयल एरिया के हाल भी कुछ ऐसे ही हैं।

अभी मेंटेनेंस किया जा रहा है

  • हाइमास्ट और स्ट्रीट लाइटअंडर मेंटेनेंस में है हमने सभी लाइटों के नियमित रखरखाव कर चालू करने के निर्देश ठेकेदार को दिए हैं। जहां लाइट नहीं जल रही है उन्हें चालू करने के लिए ठेकेदार को कहा जाएगा। -अशोक सेंगर, ईई एमपीआईडीसी भोपाल।
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