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भारी-भरकम बिल:बिजली बिल की राेज 25 से ज्यादा शिकायतें कारण: पहले औसत बिल, अब रीडिंग से भेजे

रायसेन18 दिन पहले
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बिजली कंपनी के कार्यालय में बिलों की शिकायत लेकर पहुंच रहे उपभोक्ता। - Dainik Bhaskar
बिजली कंपनी के कार्यालय में बिलों की शिकायत लेकर पहुंच रहे उपभोक्ता।
  • कोरोना काल में अप्रैल और मई में मीटर रीडर ने नहीं ली रीडिंग

दिन बुधवार, सुबह के 11.30 बजे हैं, बिजली कंपनी के कार्यालय में बने काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। अधिकतर लोग बिजली के बढ़े हुए बिल की शिकायत लेकर वहां पहुंचे हैं। सभी का एक ही सवाल है कि हमने इतनी बिजली का तो उपयोग किया ही नहीं, फिर इतने बढ़े हुए बिल क्यों दिए जा रहे हैं।

लोगों की इसी भीड़ में रामलीला मोहल्ला निवासी गोपाल साहू भी अपना बिल लेकर खड़े हुए हैं। उनके मुताबिक फरवरी में महज 99 यूनिट की खपत हुई, मार्च में 74, अप्रैल में 124, मई में 100 यूनिट का बिल दिया गया। इसके बाद जून में 700 यूनिट का बिल थमा दिया। मेरे घर में 3 कमरे हैं, हमने कोई चक्की तो नहीं लगा रखी जो एक ही महीने में 700 यूनिट बिजली जला दी हो। इसी तरह से कई लोग बढ़े हुए बिजली के बिलों को लेकर परेशान हैं। बिजली कंपनी के कार्यालय तक पहुंचकर वे अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इसकी पीछे की वजह बीते महीनों में औसत बिल देना बताया जा रहा है।

ऐसे उदाहरण, फरवरी में 99 यूनिट खपत, जून में 700 यूनिट का बिल

मीटर में रीडिंग 2244, बिजली दिया 2260 का
रामलीला गेट के पास रहने वाले ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने मीटर बदलने के लिए 25 जून को आवेदन दिया, फिर पहुंचे तो बताया गया कि आवेदन गुम हो गए। इसके बाद 30 जून को उन्होंने फिर आवेदन दिया। मीटर की रीडिंग 2244 थी लेकिन बिजली कंपनी ने 2260 यूनिट का बिल थमा दिया। अब ओमप्रकाश बिजली कंपनी की चक्कर लगा रहे हैं ।

14 हजार 181 का बिल लेकर सुधरवाने घूम रहे
आलिया बी काे कंपनी ने 14 हजार 181 रुपए की राशि वाला बिल दिया है। उनके परिजन बिल लेकर बुधवार को बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे। उन्हें बताया गया तो बीते दो महीने की बकाया राशि जोड़कर बिल दिया गया है। हालांकि उसके बाद भी बिल में दर्ज राशि अधिक थी।

10400 उपभाेक्ताओं काे दिए बढ़े हुए बिल, हो रहे परेशान
कंपनी द्वारा शहर के सभी 10 हजार 400 उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल ही जारी किए गए हैं। इससे वे परेशान हैं। इनमें कुछ लोग शिकायत करने पहुंच रहे तो कुछ लोग बिना शिकायत के ही बिल जमा कर रहे हैं। बिजली कंपनी की जिम्मेदारों के मुताबिक मार्च और अप्रैल में तो रीडिंग लेकर ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल जारी किए हैं। अप्रैल और मई में कोरोना को लेकर रीडिंग नहीं ली और न बिलों को वितरण किया। कई लोग बिल जमा नहीं कर पाए। जुलाई में उन्हें बढ़े बिल थमा दिए जो लोगों को करंट मार रहे हैं।

शिकायतों का हल:किस्तों में जमा करा रहे बिल
बिजली कंपनी में बढ़े हुए बिल का तो कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है, इसके बदले में कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को बिल की राशि किस्तों में जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही जरूरी होने पर कर्मचारियों से मीटर रीडिंग की भी जांच करा ली जाती है। इससे पता चल सके कि रीडिंग तो कहीं ज्यादा या कम दर्ज न हो गई है। हालांकि उपभोक्तओं को इससे राहत नहीं मिल रही है।

सीधी बात मनीष श्रीवास्तव कसहायक प्रबंधक, शहर रायसेन

अब रीडिंग वाले बिल दिए हैं

लोग बढ़े हुए बिलों से परेशान हैं?
कोरोना काल में औसत बिल दिए गए थे, अब रीडिंग वाले बिल दिए जाने से बिलों की राशि बढ़ गई हैं।
शहर वासियों की शिकायत है कि खपत से अधिक बिल उन्हें जारी किए गए हैं?
फरवरी की मार्च की तुलना में मई और जून के महीनों में बिजली की खपत अधिक हुई है, इसलिए लोगों के बिल अधिक आए हैं।
बिजली कंपनी में रोज बढ़े हुए बिल को लेकर कितनी शिकायतें आ रही हैं?
रोज ही 25 से 30 शिकायतें बढ़े हुए बिलों को लेकर आ रही हैं, उनका नियमों के मुताबिक समाधान किया जा रहा है।
दुकानें बंद होने के बावजूद व्यापारियों से बिल वसूला जा रहा है?
कोरोना संक्रमण कॉल में सभी को औसत बिल जारी किए गए हैं।

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