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निजी स्कूल एसोसिएशन ने दी चेतावनी:9 सूत्रीय मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालक 12 जुलाई से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल

रायसेन21 दिन पहले
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निजी स्कूल एसोसिएशन ने 9 सूत्रीय मांगाें को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। यदि सरकार अशासकीय स्कूल संघ के 9 सूत्रीय मांगों को नहीं मानती है तो 12 जुलाई से प्रदेश भर के निजी स्कूल अनिश्चितकालीन के लिए बंद करेंगे।

निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि विगत 18 माह से पूरा विश्व कोरोना की महामारी से जूझ रहा है, महामारी की द्वितीय लहर ने हमें इसकी भयावहता से परिचित करवाया है। एक्सपर्ट्स की माने तो महामारी की तीसरी लहर आने की भी पूरी संभावना है।

इस महामारी से सभी व्यावसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, किन्तु स्कूली शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित हुई है। कक्षा नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को छोड़ कर जिन्होंने 2-3 माह स्कूल अटेंड किया है, अन्य सभी विद्यार्थी विगत 16 माह से स्कूल आकर शिक्षा ग्रहण करने से वंचित है।

इससे उनके शिक्षण की ही नहीं वरना मानसिक एवं शारीरिक विकास की भी हानि हो रही है। केवल ऑनलाइन शिक्षण बच्चों के लिए काफी नहीं है। एक ओर जहां सरकार ने हर क्षेत्र में ढील देते हुए व्यापार एवं सेवाओं को बहाल किया है वही दूसरी ओर शिक्षण संस्थाएं आज भी बंद ही हैं। बच्चे अकेले अथवा अपने पालकों के साथ बाजार, मॉल, शादी, पिकनिक, मेले, भ्रमण इत्यादि में जा रहे है केवल स्कूल जाने पर ही रोक लगी है।

सीएम की घोषणा से शिक्षाजगत पूरी तरह से हिला हुआ है। तीसरी लहर के कारण स्कूल बंद रखे जाने का बगैर सोचे समझे लिया गया निर्णय तत्काल वापस ले, प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों हेतु आर्थिक पैकेज घोषित किया जाए।

सत्र 21-22 में विद्यालयों को शिक्षण शुल्क के साथ साथ अन्य शुल्क जैसे वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क, इत्यादि लेने की अनुमति दी जाए, निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि यदि सरकार हमारी मांगों पर यथोचित निर्णय नहीं लेती है तो 12 जुलाई 2021 सभी निजी विद्यालय अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिए जाएगे। साथ ही विरोधस्वरुप सभी प्रिंसिपल/ संचालक/ कोऑर्डिनेटर संकुल द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे और कोई भी शासकीय कार्य एवं शासन के आदेश का पालन नहीं करेंगे।

आरटीई की राशि का भुगतान जल्द करें, संकट में संचालक
सिलवानी | प्रशासन के द्वारा प्रायवेट स्कूल संचालकों की मांगो को लगातार नजर अंदाज करने से परेशान स्कूल संचालकों 12 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। सोसायटी ऑफ प्रायवेट स्कूल डायरेक्टर्स मप्र के रायसेन जिलाध्यक्ष राजेश राजौरिया ने बताया कि कोरोना काल में बीते एक साल प्रदेश के साथ ही जिले के सभी निजी स्कूल प्रशासन के द्वारा पूरी तरह से बंद कर दिए गए है।

स्कूल बंद हो जाने से संचालकों के साथ ही स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व अन्य स्टाफ आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। सरकार की नीतियों से आर्थिक रुप से परेशान हो चुके प्रदेश भर के प्रायवेट स्कूल संचालकों ने 12 जुलाई से प्रदेश भर के प्रायवेट स्कूल अनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय लिया।

श्री राजौरिया ने बताया कि स्कूल एसोसिएशन की मांग है कि आरटीई फीस क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जावे। स्कूल बिजली बिल व वाहन टैक्स माफ किया जावे। पालकों को फीस जमा करने का आदेश दिया जावे। हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाए।

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