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  • Shortage Of Gunny Bags: 22 Thousand Bails Were Sent To The Procurement Centers, Out Of Which Only 2 Thousand Were Not Accounted For.

खरीदी केंद्रों पर रुकी तुलाई:बारदानाें की कमी: खरीदी केंद्रों पर 22 हजार गठानें भेजीं, जिनमें से 2 हजार का हिसाब ही नहीं

रायसेनएक महीने पहले
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सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद खरीदी केंद्र पर उपज भीगने से बचाने के लिए किसानों में हड़कंप मच गया। - Dainik Bhaskar
सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद खरीदी केंद्र पर उपज भीगने से बचाने के लिए किसानों में हड़कंप मच गया।
  • खुले आसमान के नीचे गेहूं के ढेर लगाकर बैठे किसान, अब बारिश के चलते चिंता
  • अब गेहूं खरीदी में चने के बारदानें कराए जा रहे उपलब्ध

जिले में 165 खरीदी केंद्रों पर गेहूं की खरीदी चल रही थी, लेकिन बारदाना खत्म होने से कई केंद्रों पर तुलाई बंद हो गई है। किसान इन केंद्रों पर खुले में गेहूं के ढेर लगाकर तुलाई का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं खरीदी केंद्रों के प्रभारी और समिति प्रबंधक बारदाने न होने की बात कहकर तुलाई न कर पाने में अपनी मजबूरी बता रहे हैं।

खरीदी केंद्रों से बीते 2 से 3 दिनों से नागरिक आपूर्ति निगम से बारदानों की मांग की जा रही हैं, लेकिन बारदानें न मिल पाने के कारण तुलाई रुकी है। इधर नागरिक आपूर्ति निगम सोमवार को रैक लगने के बाद 3800 गठानें बारदानें की मिलने की बात कह रहे हैं। जिले में नागरिक आपूर्ति निगम ने 22 हजार गठानें बारदाने की खरीदी केंद्रों पर उपलब्ध कराईं थी, लेकिन इनमें से 2 हजार गठानोें को हिसाब ही नहीं मिल रहा है। वहीं खरीदी केंद्रों से मांग आ रही है।

नकतरा खरीदी केंद्र पर बारदानें खत्म हो चुके हैं किसान 2 दिन से बैठे हुए हैं। यहां के किसान इंदल मीणा अपना 150 क्विंटल गेहूं लेकर खरीदी केंद्र पर रुके हुए हैं। उनका कहना है कि बारिश की चिंता सता रही है। बारदाना खत्म हो जाने से तुलाई नहीं हो पा रही है। करीब 20 से अधिक किसान यहां गेहूं के ढेर लगाकर बैठे हुए हैं। कुछ किसान अपना गेहूं वापस भी ले जा चुके हैं।
अब गेहूं खरीदी में चने के बारदानें कराए जा रहे उपलब्ध

एक नजर में जिले में अब तक की गेहूं खरीदी पर

  • 5 लाख 19 हजार 173 टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
  • 4 लाख 84 हजार 693टन गेहूं का परिवहन हो चुका है।
  • 55 हजार 287 किसान अपना गेहूं खरीदी केंद्रों पर तुलवा चुके हैं।
  • 697 करोड़ रुपए की राशि का किसानों को भुगतान हो चुका है।
  • 84166 किसानों ने कराया था पंजीयन।

कोराेना से हुई तीन मौतों से डरे कर्मचारी
1. कोविड के संक्रमण से खरीदी केंद्र भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। यहां आने वाले किसानों की भीड़ से कर्मचारी भी संक्रमित हो रहे हैं। संविदा ऑपरेटर मंगलेश सरेजा 30 वर्ष की भोपाल इलाज के दौरान मौत हो गई। वे कोरोना संक्रमण को लेकर जिला अस्पताल में भर्ती थे। यहां वे डिस्चार्ज भी हो चुके थे। बाद में भोपाल इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई । नागरिक आपूर्ति निगम तहसील कार्यालय के संपर्क में नॉन के सभी कर्मचारी थे।
2. सहकारी समिति तामोट के प्रबंधक छब्बी लाल श्रीवास की मौत भी कोरोना संक्रमण से हो चुकी है। इन सबके के कारण कर्मचारी डरे हुए हैं। वे कोरोना वॉरियर्स घोषित करने की मांग शासन से कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनका आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर संक्रमण से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। हम्माल भी बीमार हो रहे हैं। मंडीदीप में भी सहकारी बैंक शाखा के प्रबंधक की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हो चुकी है।
2 हजार गठानों को नहीं मिल रहा हिसाब

  • जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों पर 22 हजार गठानें बारदानें उपलब्ध कराए गए हैं । इनमें से 2 हजार गठानों का खरीदी केंद्रों से हिसाब ही नहीं मिल रहा है । इसलिए बारदानों की कमी आ गई । सोमवार को जो रैक लगेगी, उसे हमें 3800 गठानें बारदानों मिलेंगे । वहीं चने के बारदानें गेहूं खरीदी के लिए भेजे जा रहे हैं । रैक लगने वर चना खरीदी के लिए बारदाने उपलब्ध कराएं जाएंगे । - विवेक रंगारी, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, रायसेन

बारदानें न होने से इन केंद्रों पर भी तुलाई बंद
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे केंद्र हैं जहां बारदानें खत्म होने से तुलाई बंद हो चुकी हैं। इनमें तामोट समिति ने 6 मई को ही सूचना देकर बारदानों की मांग की थी। यहां करीब 15हजार क्विंटल गेहूं की तुलाई और की जाना हैं। चिकलोद कलां खरीदी केंद्र से भी बारदानें की 30 गठानों की मांग की गई।

सलकानी में भी दो खरीदी केंद्रों से बारदानों की 25-25 गठानें मांगी गईं हैं। बर्धा बम्होरी केंद्र पर भी बारदाने न होने से गेहूं की तुलाई बंद पड़ी हुई है। चिकलोद खर्द केंद्र के प्रबंधक हनुमंत प्रजापति बताते हैं कि बारदाने खत्म हो गए हैं।
34 हजार 480 टन गेहूं खुले आसमान के नीचे
जिले में 5 लाख 19 हजार टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 4 लाख 84 हजार 693 टन गेहूं का परिवहन किया जा चुका है, जबकि 34 हजार 480 टन गेहूं अभी परिवहन के लिए खरीदी केंद्रोें पर पड़ा हुआ है। इसके अलावा जो किसान गेहूं तुलवाने के लिए खरीदी केंद्रों पर रुके हुए हैं, उनका गेहूं भी बड़ी मात्रा में पड़ा पड़ा हुआ है।

बारिश होती है तो ये गेहूं भीगने से खराब हाे जाएगा। जिला मुख्यालय के एनआईसी रोज किसानों को गेहूं तुलाई के लिए एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इससे किसान खरीदी केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इधर खरीदी केंद्रों पर बारदानें न होने से तुलाई रुकी है।

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