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सेवा का जुनून:जान जोखिम में डाल श्मशान पहुंचा रहे लकड़ी-शव

रायसेनएक महीने पहले
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  • कर्मचारियों ने कहा- नेक काम के लिए उन्हें चुना, यह उनके लिए बड़ी बात

कोरोना संक्रमण के डर कारण लोग जहां घर से निकलने में तक कतरा रहे हैं, वहीं नगर पालिका के कर्मचारी ऐसे भी है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर नेक काम भी कर रहे है। कोई श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां पहुंचाने के काम में जुटा हुआ है तो कोई कोविड से मृत हुए लोगों के शवों को श्मशान घाट तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे ही दो जुनूनी कर्मचारियों के बारे में बता रहे हैं, जो दिन रात अपनी जान हथेली पर लेकर यह काम सेवा भाव के साथ कर रहे है ।

अब 60 गाड़ी लकड़ी पहुंचा चुके हैं भीम सिंह
रायसेन नगर पालिका की निर्माण शाखा में टाइम कीपर के पद पदस्थ भीम सिंह प्रजापति इन दिनों में श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। जैसे ही उन्हें जानकारी मिलती है कि श्मशान घाट में लकड़ी पहुंचाना है तो वह वाहन लेकर पहले वन विभाग के डिपो पहुंचते हैं, वहां से गाड़ी भरकर उसे श्मशान घाट में लेकर पहुंचते हैं। भीम सिंह ने बताया कि वह 10 अप्रैल से लेकर अब तक 60 गाड़ी से अधिक लकड़ी यहां पर लाकर पटक चुका है। यहां पर संक्रमण का खतरा तो है, लेकिन वे नेक काम कर रहा है, इसलिए ईश्वर की कृपा उस पर बनी हुई है।

70 शवों को पहुंचाया श्मशान घाट
नगर पालिका के शांति दूत के ड्राइवर राजेश वाल्मीकि जिला अस्पताल से अब तक करीब 70 शवों को श्मशान घाट तक पहुंचा चुके हैं। 10 अप्रैल से वह लगातार दिन रात शवों को पहुंचाने का काम कर रहे हैं। राजेश ने बताया कि इन शवों में कोविड से मृत कई लोग भी शामिल है। कोविड मरीज के शव को उठाकर चिता तक उन्हें ही रखना पड़ता है, क्योंकि परिवार के सभी सदस्यों को पीपीई किट नहीं मिल पाती है, इस कारण उन्हें ही पूरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। उन्हें संक्रमण का खतरा तो ज्यादा है, लेकिन अब तक ईश्वर की कृपा उस पर बनी हुई है।

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