पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अव्यवस्था:22 वार्मर में 40 नवजातों का चल रहा इलाज चार डॉक्टरों की जगह सिर्फ 1 डॉक्टर पदस्थ

रायसेन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 24 घंटे रहना चाहिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई में डॉक्टर, लेकिन नर्सों के भरोसे चलता है इलाज

शहडोल के अस्पताल में बच्चों की मौत का मामला प्रदेश में गर्माया हुआ है, वहीं जिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) की स्थिति भी अच्छी नहीं है। यहां बीते 11 महीने 1600 नवजात बच्चों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इनमें से 109 बच्चों की मौत हो चुकी है। एसएनसीयू में क्षमता से दोगुना बच्चों का इलाज किया जा रहा है। 22 वार्मर की क्षमता वाले एसएनसीयू में बुधवार को 40 नवजात बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था, वहीं चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की जगह एक ही डॉक्टर पदस्थ हैं। यहां चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। एक मात्र डॉक्टर ही पदस्थ हैं, जो तीन की जगह महज एक शिफ्ट में ही सेवाएं दें पाते हैं। उनके अलावा बच्चों के दूसरे डॉक्टर यहां राउंड तो लेते हैं, लेकिन बाकी समय बच्चों का इलाज नर्सों के भरोसे ही चलता है। ऐसे में अचानक गंभीर स्थिति बन जाने पर तत्काल बेहतर इलाज मिल पाना संभव नहीं हो पाता। हालांकि यहां कलेक्टर उमाशंकर भार्गव से दो वेंटिलेटर भी मिल चुके हैं।

इस तरह के नवजात बच्चे एसएनसीयू में भर्ती
जिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू में जिन नवजात बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया जाता है, उनमें जन्म के समय देर से रोने वाले नवजात, कम वजन, कम समय के बच्चे शामिल होते हैं । इनका इलाज नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में किया
जाता है ।

प्रभारी बोले-डॉक्टरों की कमी है
एसएनसीयू प्रभारी डॉ अरुण जारोलिया के मुताबिक एसएनसीयू में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद हैं, जबकि एक मात्र डॉक्टर दीपक चतुर्वेदी पदस्थ हैं । वे भी एक्सीडेंट के कारण अवकाश पर चल रहे हैं, इसलिए सुबह के समय अल्टरनेट डेज में भी डॉ आलोक राय देखते हैं । दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ. फजल खान अपनी सेवाएं एसएनसीयू में देते हैं। रात 8 बजे के बाद वहां कोई डॉक्टर नहीं रहता। जरूरत होने पर ड्यूटी डॉक्टर को बुलाया जाता है।

24 घंटे में एक बार डॉक्टर का राउंड
जिला अस्पताल में 28 दिन से अधिक उम्र के बच्चों का इलाज बच्चा वार्ड में किया जाता है। यहां मरीज तो कम भर्ती हैं, लेकिन मिल रहे इलाज से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। कृष्णकुमार कुशवाह अपने 8 महीने के बच्चे का यहां इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चा जिला अस्पताल में 5 दिन से भर्ती है, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ है। इस वार्ड में डॉक्टर 24 घंटे में एक बार सुबह जांच के लिए आते हैं। अन्य लोगों ने भी बताया कि डॉक्टर 24 घंटे में एक बार राउंड पर वार्ड में आते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी बोले- जिला अस्पताल का करेंगे कायाकल्प
बेगमगंज में हुए विवाद में घायलों से मिलने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और सिलवानी विधायक रामपालसिंह राजपूत पहुंचे । इस दौरान कलेक्टर उमाशंकर भार्गव, एसपी मोनिका शुक्ला, सिविल सर्जन अरुण शर्मा मौजूद रहे । उन्होंने घायलों से चर्चा कर इलाज के बारे में जानकारी ली। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया । होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को कोरोना कमांड सेंटर से फोन लगाकर बात भी की। उनके साथ आए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिला अस्पताल का कायाकल्प करने कि निर्देश दिए । कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिला अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्लान तैयार करने की बात कही।
हर महीने करीब 10 नवजात की मौत
एसएनसीयू के यदि बीते 11 महीनों पर नजर डालें तो यहां 109 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस अवधि में यहां इलाज के लिए 1600 बच्चों को भर्ती कराया गया। इस तरह से हर महीने 10 बच्चों की मौत होती आ रही है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ऊर्जा तथा आत्मविश्वास से भरपूर दिन व्यतीत होगा। आप किसी मुश्किल काम को अपने परिश्रम द्वारा हल करने में सक्षम रहेंगे। अगर गाड़ी वगैरह खरीदने का विचार है, तो इस कार्य के लिए प्रबल योग बने हुए...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser