एक नहीं तीन मौत:मृत मिली बाघिन के गर्भ में दो शावक भी थे, सिर में चोट लगने से मौत

रायसेन/ गौहरगंज8 महीने पहले
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  • बाघिन को चोट लगने के कारणों का पता लगाने पूरे दिन जुटे रहे वन अधिकारी

एक दिन पहले शनिवार को सिंघोरी अभयारण्य की पाटनी बीट में आने वाले सिरवारा के जंगल में बाघिन मृत मिली थी। इस मामले में एक नहीं तीन-तीन मौत हुई हैं। इसलिए मामला और भी गंभीर हो जाता है। ऐसा इसलिए की जिस 5 से 6 साल उम्र की बाघिन का शव मिला है, वह 2.5 महीने से प्रेगनेंट थी। उसके गर्भ में दो शावक पल रहे थे। साथ ही उनकी भी मौत हो गई।

इस तरह से एक साथ तीन मौतें हुईं है। बाघिन की मौत सिर में आई चोट से होना बताया जा रहा है, लेकिन बाघिन को चोट कैसे लगी इसकी जांच अभी की जा रही है। शनिवार की घटना के बाद रविवार को औबेदुल्लागंज के डीएफओ विजय कुमार सहित पूरा अमला जांच में जुटा रहा। सिर में लगी चोट के पीछे किसी दूसरे वन्य प्राणी से फाइट की बात भी सामने आ रही है। सड़क निर्माण के लिए की जा रही ब्लास्टिंग को भी जांच में लिया जा रहा है। वहीं तीसरा कारण जहर खुरानी वाले एंगल सहित सभी संभावनाओं को लेकर जांच की जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल: क्यों पूरी नहीं हो पा रहीं हैं जांचें

ओबेदुल्लागंज वन क्षेत्र के सुरक्षित स्थान जैसे रातापानी और सिंघोरी अभयारण्य भी दुर्लभ वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित नहीं बचे हैं। यहां बाघिन, तेंदुए और नील गायों की मौतें जैसी गंभीर घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इनकी न तो जांच पूरी हो पा रही है और न ही वन विभाग किसी नतीजे पर पहुंच पा रहा है। इसके चलते वन्यजीवों की मौतों के मामलों में की जा रही जांचों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक जांच पूरी हो नहीं पाती जब तक दूसरी घटना सामने आ जाती है। पर मौत के सही कारण सामने नहीं आ पाते और न ही संबंधित आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई देखने को मिल रही है। इससे आने वाले दिनों और भी तेंदुए और बाघ-बाघिन की मौतें सामने आएं इससे इंकार नहीं किया जा सकता। आखिर वजह क्या है जो दो से ढाई महीने की जांच भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाती। जब तक दूसरी घटना हो जाती है। वन्य प्राणियों की मौतें हो रही हैं।

इन घटनाओं की जांच भी अभी तक अधूरी

1. 3 जनवरी को नील गाय का शिकार : औबेदुल्लागंज क्षेत्र में आने वाली चिलवाह रेंज में 3 जनवरी को एक नील गाय का शिकार गोली मारकर कर दिया गया था। इस घटना को लेकर वन विभाग के अधिकारियों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का उस समय दावा किया, लेकिन ढाई महीने होने का आ रहा है, अधिकारियों के पास कार्रवाई के नाम पर कहने को ही कुछ नहीं है। बस फिर यही कहना जांच चल रही है।

2. 6 जनवरी को तेंदुए का शव मिला : औबेदुल्लागंज क्षेत्र में आने वाली चिकलोद रेंज में तेंदुए का क्षत-विछत शव मिला। इसके कुछ दांत और नाखून गायब मिले। इसको लेकर भी जांच चलती रही। यहां तक विभाग के कर्मचारियों की रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई। घटना स्थल के पास ही उनके खेत लगे हुए थे। 6 जनवरी से भी पहले हुई इस घटना में जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची हैं। इससे सवाल उठना जायज हैं।

सीधी बात: विजय कुमार, डीएफओ औबेदुल्लागंज

​बाघिन की मौत के मामले में क्या बातें सामने आईं हैं।

बाघिन की मौत सिर में आई चोट के कारण हुई है। उसे चोट कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है। जांच प्रभावित न हो इसलिए अभी तथ्यों को उजागर नहीं किया जा सकता।

बाघिन प्रेगनेंट थी इसलिए एक नहीं तीन मौत हुई हैं।

हां, यह सही है कि बाघिन 2.5 माह से प्रेगनेंट थी, उसके गर्भ में दो शावक पल रहे थे।

नील गाय के शिकार के मामले में क्या हुआ।

नील गांव के शिकार के मामले में जांच की जा रही है। अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है।

6 जनवरी को तेंदुए का शव मिला था, उस घटना का क्या हुआ

इस घटना की जांच भी अभी पूरी नहीं हुई, जांच चल रही है। आरोपी फरार हैं।

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