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कार्यक्रम:बुरी घटना को टालने के लिए यज्ञ और हवन किया जाता है : कमलेश शास्त्री

रायसेन17 दिन पहले
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  • तीसरे दिन पंडित शास्त्री ने यज्ञ व हवन की अग्नि का महत्व बताया

वीरपुर में चल रही पंच दिवसीय श्री हनुमंत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन कमलेश शास्त्री महाराज ने कहा धर्म ग्रंथों में यज्ञ और हवन की अग्नि को ईश्वर का मुख माना गया है। इसमें जो कुछ आहुति दी जाती है वह ब्रह्मभोज है। धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूरा करने के लिए या बुरी घटना को टालने के लिए यज्ञ और हवन किया जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी हवन और यज्ञ इंसान और प्रकृति दोनों के लिए काफी फायदेमंद हैं। इस अवसर पर शास्त्री ने बताया कि राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए एक शोध में पता चला है कि यज्ञ और हवन के दौरान उठने वाले धुएं से वायु में मौजूद हानिकारक जीवाणु 94 प्रतिशत तक नष्ट हो जाते हैं। साथ ही इसके धुएं से वातावरण शुद्ध होता है और इससे बीमारी फैलने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।

कई रोगों को खत्म करने की क्षमता होती है
हरिकेश शास्त्री ने कहा मनुष्य को दी जाने वाली दवाओं की तुलना में यज्ञ और हवन के धुआं काफी लाभकारक है। इसके घुएं से शरीर में पनप रहे रोग खत्म हो जाते हैं। जबकि दवाओं का कुछ न कुछ दुष्प्रभाव जरूर होता है। हवन और यज्ञ में जाने वाले पदार्थ के मिश्रण से एक विशेष तरह का गुण तैयार होता है, जो जलने पर वायुमंडल में एक विशिष्ट प्रभाव पैदा करता है।

वेद मंत्रों के उच्चारण की शक्ति से उस प्रभाव में और अधिक वृद्धि होती है। वैज्ञानिक अभी तक कृत्रिम वर्षा कराने में सफल नहीं हुए हैं लेकिन देखा गया है यज्ञ और हवन द्वारा यह संभव हो पाया है। कई लोग वर्षा कराने के लिए हवन और यज्ञ का सहारा लेते हैं।

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