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समस्या:युवा समाजसेवियों ने पशु चिकित्सालय की मरम्मत के साथ की भूसा, पानी की व्यवस्था

बरेली13 दिन पहले
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  • विभागीय अफसर करते रहे पत्राचार, अनदेखी के कारण बद से बदतर हो रहे थे हालत

लंबे समय से पशु चिकित्सालय का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटनाओं में घायल पशुओं को उपचार नहीं मिल पाता था यही नहीं सामान्य रूप से भी बीमार पशुओं का उपचार करने में डॉक्टर आना कानी करते हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि चिकित्सालय का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। भवन में उपचार करने से ज्यादा डाक्टरों ओर स्टाफ को अनहोनी की आशंका बनी रहती थी जिसके चलते उपचार नहीं करते थे। भवन की मरम्मत और नए भवन निर्माण को लेकर लोगों की मांग पर डॉक्टर वरिष्ठ अफसरों को वस्तु स्थिति से कई बार लिखित में अवगत करा चुके लेकिन सालों बीतने के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो स्थानीय युवा समाजसेवियों ने भवन की मरम्मत और जरूरी सेवाओं को उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया। वर्तमान में नगर के युवा समाजसेवी एवं हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद धाकड़ के अथक प्रयासों से खंडहर में तब्दील नगर का पशु चिकित्सालय को गौशाला के रूप में तब्दील किया जा रहा है जिसमें विगत 1 महीने से कार्य चल रहा है।

पुराने एवं जीर्णशीर्ण हो चुके खंडहर नुमा भवन को रिपेयर कर ऊपर के कवेलू एवं छप्पर को हटाकर नवीन टीन सेट का निर्माण कराया जा चुका है। साथ ही गौशाला में रहने वाले कर्मचारी के लिए किचन, लैट्रिन, बाथरूम एवं पशु भंडारण के लिए दो कमरे तैयार करवाए गए हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए पीने के पानी एवं के लिए नई मोटर बोर करवाई गई है। ताकि पानी के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बारिश में सड़क दुर्घटना में आएगी कमी
बता दें कि प्रतिवर्ष बारिश के दौरान नगर में बड़ी मात्रा में आवारा मवेशियों को लेकर नगर के वाहन चालक और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता था। बारिश के दौरान जहां पशु पालक भी अपने पशुओं को आवारा छोड़ देते थे वही पशु ही मच्छरों से बचने के लिए बड़ी मात्रा में सड़कों पर डेरा जमा लेते थे। जिससे वाहन चालक इन मवेशियों से टकराकर घायल हो जाते थे। तो पशु को भी चोट लग जाती है। इसी दौरान घटना दुर्घटना में बड़ी मात्रा में पशु अंग भंग और मारे जाते थे । जिससे इलाज भी समय से नहीं मिल पाता था। लेकिन अब इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
गो माता की सेवा की थी ललक
इस संबंध में दुर्गा प्रसाद धाकड़ ने बताया कि गौ सेवा को लेकर पूर्व से ही मेरे मन में कुछ बड़ा करने की ललक थी लेकिन संयोग नहीं बन पा रहा था, लेकिन विगत 3 महीने पहले एक संत के द्वारा मुझे यह निर्देशित किया गया कि सर्वत्र पूजनीय गोमाता दर-दर भटक रही है।

जिसे पर्याप्त भोजन एवं रहने की व्यवस्था के साथ-साथ घटना दुर्घटना में अंग भंग हो रही है ऐसी गौ माता की सेवा के लिए तुम्हें जल्द से जल्द कुछ करना पड़ेगा उसी आदेश को ध्यान में रखते हुए मेरे द्वारा यह कदम उठाया गया। इस कार्य में हिंदू उत्सव समिति कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश बवेले, हरि सिंह खोजर, अंंकित तिवारी, संजय शर्मा, संतोष मालवीय, पवन अग्रवाल, अनिल धाकड़, ओम प्रकाश चतुर्वेदी, सुदामा प्रसाद सोनी, राजेश साहू, राजू विश्वकर्मा सहित नगर के गणमान्य नागरिकों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है।

निजी राशि से 4 लाख रुपए खर्च करके की व्यवस्था
बता दें कि लगभग 1 महीने से चलने वाले इस कार्य में हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद धाकड़ के द्वारा लगभग 4 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं साथ ही इसमें अभी 1 लाख लॉक और खर्च होने का अनुमान बताया जा रहा है । साथ ही गौशाला का निर्माण पशु चिकित्सालय के आधिपत्य क्षेत्र में में आती है वही भवन के पीछे खाली पड़ी जगह में हरि चरी एवं वर्सी लगाने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
पशुओं को मिलेगा लाभ
विगत 3 वर्ष पहले 12 लाख रुपए प्राप्त हुए थे जिसमें पशु चिकित्सालय में दो भवनों का निर्माण करवाया है। पूर्व में कई बार वरिष्ठ कार्यालय में पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक पशु चिकित्सालय निर्माण एवं रिपेयर वर्क के लिए किसी प्रकार की कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान में नगर के समाजसेवियों के द्वारा पशु चिकित्सालय प्रांगण में गोशाला का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के पशुओं को घटना दुर्घटना के दौरान काफी लाभ मिलेगा।
-डॉ डीसी प्यासी, पशु चिकित्सक।

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