बारिश में नहीं रुकेगा रास्ता:नेवज नदी पर 325 मीटर लंबा पुल‎ बनेगा, टेस्टिंग और सर्वे इसी सप्ताह‎

राजगढ़‎एक महीने पहले
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नेवज नदी का छोटा पुल, पुराना और संकरा होने से इसके एकाकी मार्ग पर दो बड़े वाहन क्रॉस नहीं हो पा रहे हैं।‎ - Dainik Bhaskar
नेवज नदी का छोटा पुल, पुराना और संकरा होने से इसके एकाकी मार्ग पर दो बड़े वाहन क्रॉस नहीं हो पा रहे हैं।‎
  • मोहनपुरा बांध के बहाव क्षेत्र में आया 102 साल पुराना पुल‎

मोहनपुरा बांध के बहाव क्षेत्र‎ (फ्लो एरिया) में आए‎ राजगढ़-कालीपीठ मार्ग के नेवज‎ नदी पर बने 180 मीटर लंबे, 102‎ साल पुराने छोटे पुल की दशा और‎ दिशा बदलने वाली है। क्षेत्र के 50‎ से ज्यादा गांवों को जिला‎ मुख्यालय से संपर्कशील बनाने‎ वाले इस मार्ग पर 325 मीटर लंबा‎ पुल बनाने अब विस्तृत प्रोजेक्ट‎ बनाया जाएगा।‎

सेतु विकास निगम की शाजापुर‎ डिविजन की एसडीओ प्रीति‎ दिनकर के अनुसार डिटेल्ड‎ प्रोजेक्ट के बाद ड्रॉइंग डिजाइन‎ और एस्टीमेट बनाएंगे। बारिश के‎ दिनों में पानी का बहाव होने से ये‎ कार्य नहीं हो पाया था। निर्माण के‎ लिए जून माह में दूसरी बार‎ प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट निगम के‎ वरिष्ठ दफ्तर में भेजी गई थी।

इसमें‎ 12 मीटर चौड़े व 16 मीटर ऊंचे‎ नए पुल सहित एप्रोच सड़कें बनाने‎ में 36 करोड़ 65 लाख रुपए का‎ अनुमानित खर्च सिंचाई विभाग‎ वहन करेगा, इसकी सहमति विभाग‎ पहले ही दे चुका है। निगम के‎ उज्जैन स्थित दफ्तर में पदस्थ ईई‎ एसके अग्रवाल ने बताया कि गत‎ दिवस मौका मुआयना कर विस्तृत‎ प्राक्कलन बनाने के लिए टेस्टिंग‎ का काम इसी सप्ताह शुरू कराएंगे।‎उपयंत्री को निर्देशित किया है।‎

मुआयना कर ईई ने दिए विस्तृत प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश‎

ये हैं पुल के वर्तमान हालात, ऊंचाई‎ कम है, बारिश में बंद हाेता है रास्ता‎

  • 180 मीटर लंबे पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग नहीं है। दोनों‎ ही छोर पर वाहनों के प्रवेश के साथ नदी में गिरने व हादसों‎ की आशंका रहती है।‎
  • पुल पर मरम्मत के नाम पर मुरम डाल दिया है। ऐसे में‎ थोड़ी ही बारिश में यह कीचड़ में तब्दील होकर राहगीरों की‎ मुसीबतें बढ़ाएगा।‎
  • पुल क्षेत्र में रात के समय अंधेरा रहता है। ऐसे में वाहन‎ चालकों को पुल की खराब हालत का ठीेक से अंदाजा नहीं‎ रहता।‎
  • बाढ़ आने पर पुल पर आवागमन अक्सर बंद हो जाता है।‎ जल जमाव के हालात पुराने बस स्टैंड के करीब तक रहते हैं।‎

छाेटा पुल नहीं रहेगा छाेटा…‎ये हैं नए पुल की खास बातें‎

  • छाेटा पुल अब छाेटा नहीं रहेगा यानी इसकी लंबाई‎ 180 मीटर से बढ़कर 325 म ीटर की गई है।‎
  • पुल की चौड़ाई भी 3 मीटर से बढ़कर 12 मी टर‎ की होगी, यानी एक साथ 2 बड़े भारवाहक वाहन‎ क्रॉस हो सकेंगे।‎
  • नदी तल से 6 मीटर ऊंचे मौजूदा पुल को अब 16‎ मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। ऐसे में नदी में बाढ़ के‎ दौरान भी मार्ग पर आवागमन बंद नहीं होगा।‎नया पुल बनाने के साथ ही इससे संपर्कशील‎ एप्रोच सड़कें भी बनेंगी, पुल की सुंदरता के लिए‎ लाइटिंग भी कराने की योजना है।‎

सिंचाई विभाग की‎ असहमति के बाद‎ किया था दोबारा सर्वे‎
जून में बनाए गए प्रथम स्तरीय‎ प्राक्कलन के ठीक पहले सेतु‎ विकास निगम ने 225 मीट र लंबा‎ पुल बनाने का प्राक्कलन बनाया‎ था। निगम एसडीओ दिनकर के‎ अनुसार इस प्राक्कलन में पुल की‎ ऊंचाई 10 मीटर, चौड़ाई ;6 मीटर‎ व लागत करीब 12 कर ोड़ रुपए‎ थी। सिंचाई विभाग ने इस पर‎ असहमति जताई और इसे मोहनपुरा‎ डैम की ऊंचाई के मान से बनाने‎ पर चर्चा के बाद दोबारा सर्वे किया‎ गया था। दोबारा सर्वे में इसकी‎ लंबाई 325 मीटर, चौड़ाई 12‎ मीटर व ऊंचाई 16 मीटर‎ प्रस्तावित थी।‎

सर्वे कर प्रोजेक्ट‎ बनाने को कहा‎

  • मैंने मौका मुआयना कर लिया‎ है। शाजापुर कार्यालय में पदस्थ‎ उपयंत्री अवस्थी से कहा है कि वह‎ डिटेल्ड सर्वे कर प्रोजेक्ट बनाएं।‎ नया पुल बनाने के लिए सिंचाई‎ विभाग फंड देगा। इस संबंध में‎ विभागीय सहमति मिल चुकी है।‎ - एसके अग्रवाल, ईई, सेतू‎ विकास निगम, उज्जैन।‎
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