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  • Attack On Police Who Went To Catch A Container Of Illegal Liquor; TI's Head Exploded, 4 Injured In Stone Pelting, 2 Villagers Injured In Cover Firing

शराब का काला कारोबार:अवैध शराब का कंटेनर पकड़ने गई पुलिस पर हमला; टीआई का सिर फोड़ा, पथराव में 4 घायल, कवर फायरिंग में 2 ग्रामीण जख्मी

राजगढ़24 दिन पहले
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नरसिंहगढ़ अस्पताल में घायल टीआई। उन्हें भोपाल रेफर किया गया। दूसरे चित्र में मौके पर पड़े दो कारतूस। - Dainik Bhaskar
नरसिंहगढ़ अस्पताल में घायल टीआई। उन्हें भोपाल रेफर किया गया। दूसरे चित्र में मौके पर पड़े दो कारतूस।
  • कड़ियासांसी गांव में दबिश देने गई पुलिस पर ग्रामीणों का हमला, फायरिंग करके किया बचाव

अवैध शराब के धंधे और आपराधिक गतिविधियां के लिए चर्चित रहने वाले गांव कड़िया सांसी में बुधवार काे ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। सिर में लट्ठ के वार से टीआई के सिर में गंभीर चाेट आई है। इसके बाद दोनों तरफ से झड़प हुई। गांव वालाें ने पथराव शुरू कर दिया जिसमें 4 पुलिसकर्मियों काे चाेटें आईं। पुलिस ने भी बचाव में कवर फायरिंग की जिसमें दो ग्रामीण घायल हो गए। टीआई काे गंभीर हालत में भाेपाल रेफर किया गया है। जबकि ग्रामीणों संजय पंडा और युवराज का इलाज किसी अज्ञात स्थान पर कराया जा रहा है। वीडियो फुटेज के आधार पर 12 आरोपियाें पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

बुधवार सुबह करीब 11 बजे बोड़ा थाना पुलिस को सूचना मिली कि कड़ियासांसी गांव में शराब से भरा कंटेनर खाली हो रहा है। टीआई सहित 6 पुलिसकर्मियों की टीम गांव पहुंची और शराब कंटेनर की पड़ताल शुरू की। इस दौरान ग्रामीण एकत्रित हो गए। टीआई ने टीआई अर्जुन मुजाल्दे की संजय धापानी (पंडा) से वारंटी की तस्दीक करने काे लेकर बातचीत होने लगी। इसी बीच टीआई मुजाल्दे के सिर में पीछे से किसी ने डंडा मार दिया, इससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस व ग्रामीणों के बीच झड़प हुई। घटना के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। किसी अप्रिय घटना से निपटने पुलिस ने गांव के बाहर बड़ी संख्या में बल तैनात किया है, वहीं ग्रामीण भी देर शाम तक गांव एकत्रित रहे।

बार-बार अवैध शराब और हमलों को लेकर चर्चा में आता है कड़ियासांसी गांव

आप बीती: सामान्य बातचीत मेंं हमला किया, कुछ समझ पाते इससे पहले टीआई जमीन पर गिर पड़े
शराब कंटेनर आने की सूचना पर सुबह करीब 11 बजे टीआई अर्जुनसिंह मुजाल्दे, एएसआई होकमसिंह पंवार, आरक्षक पंकज जाट, बंटी बघेल, प्रवीण गांव में पहुंचे थे। सूचना वाले स्थान पर ग्रामीणों से बात चल रही थी। तभी भीड़ में से किसी ने पीछे से टीआई को सिर में डंडा मारा। हम कुछ समझ पाते उससे पहले वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।

इसमें पुलिसकर्मी घायल होने लगे, पुलिस वाहन फोड़ दिया। ग्रामीणांचल को समझाया, लेकिन वह नहीं माने तो जान बचाने पुलिस को फायरिंग कर भीड़ काे खदेड़ना पड़ा। इसके बाद घायलों को बोड़ा अस्पताल लाए, जहां से सिर की गंभीर चोंट के चलते टीआई को भोपाल रेफर किया है। (-जैसा एसआई डीएस पलैया ने भास्कर काे बताया)

ग्रामीणों का आरोप- घायलों को अस्पताल तक नहीं ले जाने दिया
गांव के संजय और युवराज को गोली लगी है। ग्रामीणों ने अंगूरी बाई को भी गोली लगने की बात कही। उनका आरोप है कि पुलिस वारंट नहीं दिखा पाई और ग्रामीणों को ले जाने लगी। इसी झूमाझटकी में टीआई गिरे और पुलिस ने गोलियां चला दीं। घायल ग्रामीणों को अस्पताल तक नहीं ले जाने दिया। एक घंटे बाद घायल ग्रामीणों को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल पहुंचाया गया।

विवाद के बाद ग्रामीण हुए एकत्रित, पुलिस ने गांव के बाहर डाली छावनी: जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए कड़ियासांसी गांव और आसपास के गांवाें के ग्रामीण एकत्रित हाे गए। कुछ लोग खेत-खलिहान की ओर चले गए। पुलिस ने भी विवाद व उपद्रव टालने के लिए जिले के पुलिस बल को बोड़ा थाने में एकत्रित किया। इसके बाद कड़ियासांसी गांव से दूर जंगल में छावनी बनाई गई ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर कार्रवाई की जा सके।

शाम 6 बजे दी दबिश, खाली मिला गांव: विवाद के 6 घंटे बाद पुलिस ने कड़ियासांसी गांव में दबिश दी, इससे पहले पांच किमी दूर पुलिस बल को एकत्रित किया। इसी का फायदा उठाते हुए ग्रामीणों ने यहां से अवैध शराब हटा ली, वहीं मौके से फरार भी हो गए। दबिश के दौरान गांव में महिला व बच्चे मौजूद थे। गांव में दो दर्जन से अधिक शराब के अड्‌डे वीरान थे, जहां ना तो ग्राहक थे और ना ही यहां अवैध शराब की दुकानों में शराब थी।

जानिए... क्याें बार-बार चर्चा में आता है यह गांव: पचोर से 12 किमी दूर और बोड़ा से 8 किमी पहले ढाई हजार आबादी का गांव है कड़ियासांसी। 300 घरों वाले इस गांव में अधिकांश लोग पढ़े-लिखे हैं, कई दूसरे हारें में शासकीय सेवा में हैं। इसकेे बावजूद पिछले कुछ सालाें से गांव अवैध शराब का कारोबार किया जा रहा है।

अपराध का कैलेंडर... अवैध शराब को लेकर बड़ी कार्रवाई और हुए विवाद
3 जून 20: हरियाणा से कड़िया हुलखेड़ी लायी जा रही 47 लाख की शराब शराब से भरा ट्रक पुलिस ने पकड़ा।
27 सितंबर 20: गुलखेड़ी में अवैध शराब के ठिकाने नष्ट किए ताे पुलिस पर हमला किया, पुलिस काे बचने आंसू गैस छोड़नी पड़ी।
04 मार्च 20: कटारियाखेड़ी में अवैध कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी, ड्रोन से निगरानी कर लाखों की शराब नष्ट की।
25 नवंबर: अंबाला से सोयाबीन के बिल पर लायी जा रही 27 लाख रुपए की अवैध शराब पुलिस ने पकड़ी।
24 जून 19: खिलचीपुर के बामनगांव में अवैध शराब पकड़ने गए दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने बनाया था बंधक।
29 अप्रैल 20: लिंबोदा में कांग्रेस नेता फूलसिंह गुर्जर के घर अवैध शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ाई, एक करोड़ की शराब और माल जब्त किया था।
16 जनवरी 21: पचोर के कंजरपुरा मे शराब पकड़ने गई पुलिस पर हमला, दो जवान घायल, आंसू गैस छोड़ खदेड़ा था।
23 जनवरी: धानोदा में आबकारी दल को घेरा, दो घंटे बाद पुलिस ने छुडाया।

टीआई काे उठाने भी नहीं दे रहे थे ग्रामीण

  • घायल टीआई को ग्रामीण उठाने भी नहीं दे रहे थे। वे लगातार हमला कर पुलिसकर्मियों को घायल कर रहे थे। सेल्फ डिफेंस में पुलिस की तरफ से दो गोली चलाई गईं, जिसमें संजय पंडा और युवराज घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। -प्रदीप शर्मा, एसपी राजगढ़।
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