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MP का बजरंगी भाईजान!:10 साल से भटक रहा था मूक बधिर युवक; कांस्टेबल अपने घर लाए, आठ महीने बाद बिहार में पूरी हुई तलाश

राजगढ़3 महीने पहले
8 महीने पहले युवक भटक कर मध्यप्रदेश के ब्यावरा पहुंच गया था।

बिहार के सीवान का एक मूक बधिर युवक पिछले दस साल से अपने परिवार से बिछड़कर भटक रहा था। आठ महीने पहले जब वह भटकता हुआ ब्यावरा पहुंचा तो सिटी थाने के कांस्टेबल कैलाश नायक उसके लिए बजरंगी भाईजान साबित हुए। जिस तरह बजरंगी भाईजान फिल्म में सलमान खान ने एक गूंगी बच्ची को पाकिस्तान जाकर उसके परिवार से मिलवाया, उसी प्रकार कांस्टेबल कैलाश नायक ने भी आठ महीने के कठिन प्रयास के बाद इस युवक को उसके परिवार तक पहुंचाया।

कैलाश को यूं मिला अवधेश
10 सालों से मूक बधिर अवधेश अपने परिवार से बिछड़कर इधर-उधर सड़कों पर अपना जीवन यापन कर रहा था। आठ महीने पहले अवधेश राजगढ़ जिले के ब्यावरा में पहुंच गया। इस दौरान ब्यावरा सिटी पुलिस थाने के कांस्टेबल कैलाश नायक ब्यावरा के एक चौराहे पर ड्यूटी दे रहे थे, इसी दौरान उन्हें लोगों ने बताया कि एक युवक भूखा-प्यासा यहां बैठा हुआ है और कुछ बोल भी नहीं पा रहा। कांस्टेबल युवक को लेकर थाने पर गए, लेकिन युवक मूक बधिर होने से अपना पता नहीं बता सका।

बिहार के सीवान का रहने वाला है युवक।
बिहार के सीवान का रहने वाला है युवक।

कहानी सलमान की फिल्म जैसी ही है
बजरंगी भाईजान फिल्म में जिस तरह सलमान बच्ची को अपने घर में परिवार की तरह रखते हैं, उसी तरह कैलाश ने भी किया। कई प्रयास के बाद जब युवक के परिवार की जानकारी कैलाश को नहीं मिली तो वह उसको अपने घर ले गए और पत्नी और बच्चों को पूरा मामला बताया। युवक को देखकर कांस्टेबल की पत्नी और बच्चे भी बहुत खुश हुए। कैलाश की पत्नी ने युवक का नाम गजानंद रख दिया और उसे अपने परिवार का हिस्सा मान लिया। उसके बाद कांस्टेबल युवक के घरवालों को ढूंढ़ने में लग गए।

इस तरह सफल हुए कैलाश
कांस्टेबल कैलाश ने बताया कि मैंने तय कर लिया था कि युवक को किसी भी हाल में उसके घर वालों से मिलवा कर रहूंगा। वे बताते हैं कि युवक को देख कर लगा कि वह बिहार का रहने वाला है। जिसके बाद राजगढ़ में बिहार के लोगों से फोटो दिखाकर पूछताछ करता रहा।इस दौरान ब्यावरा के समीप एक टायर बनाने वाले से बात हुई, तो उसने बिहार पुलिस में किसी से कांटैक्ट कराया। उसके बाद बिहार पुलिस ने सभी थानों के व्हाट्सएप ग्रुप में मूक बधिर अवधेश का फोटो और जानकारी शेयर की। जिसमे में ये पता चला की 10 साल पहले मूक बधिर एक युवक लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी सीवान थाने में दर्ज है। फिर सीवान पुलिस ने अवधेश की फोटो उसके परिवार को दिखाया। जिसके बाद परिवार ने भी अपने राशनकार्ड में लगे फोटो को दिखाकर कहा कि अवधेश उन्हीं का बेटा है। फिर अवधेश के परिवार की बात पुलिस ने वीडियोकॉल के माध्यम से करवाई तो अवधेश ने भी अपने परिवार वालों को पहचान लिया। इसके बाद बिहार से परिवार राजगढ़ के ब्यावरा में अवधेश को लेने आया।

युवक के परिजनों की तलाश में जुटे कांस्टेबल कैलाश नायक को लोग बजरंगी भाईजान के नाम से पुकारने लगे और कांस्टेबल ने अपनी मेहनत से एक मूक बधिर युवक को उसके परिजनों से मिला दिया।

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